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रक्षक ऐप करेगा अवध विवि छात्र-छात्राओं की निगरानी
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:02 AM IST
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‘रक्षक’ एप करेगा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की निगरानी
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए ‘रक्षक’ मोबाइल एप की लॉचिंग कौटिल्य प्रशासनिक भवन के सभागार में सोमवार को की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक ने मोबाइल एप रक्षक का उद्घाटन किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि ‘रक्षक’ एप शब्द से भी ज्यादा व्यापक व उपयोगी है। यह एक मल्टीफोल्ड इंफार्मेशन सिस्टम पर आधारित है। यह सॉफ्टवेयर मुख्य रुप से एंटी रैंगिग शारीरिक शोषण को रोकने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को उनकी परीक्षा से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में यह मोबाइल एप पुलिस प्रशासन को भी संदेश देने में सक्षम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि इस एप से विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालय में अध्ययनरत लगभग सात लाख छात्रों को इससे जोड़ने की योजना है। वैसे तो यह एंड्रायड सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम है, फिर भी एसएमएस टेक्स्ट की सुविधा सभी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होगी। इस एप से संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को भी जोड़ा जाएगा और विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित परीक्षा कार्यक्रमों में बदलाव व अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं भी इसमें समाहित की जाएंगी। इससे किसी भी प्रकार की सूचना के अभाव के चलते छात्र-छात्राओं को असमंजस की स्थिति नही रहेगी। रक्षक एप के डिजायनर मयंक शर्मा ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर में एसओएस अलर्ट की सुविधा भी है। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी छुट्टी का आवेदन भी कर सकते हैं। इसकी सूचना उनके अभिभावकों तक भी पहुंचती रहेगी। इससे छात्र-छात्राओं को आसानी से ट्रैक भी किया जा सकता है। इसको ऑपरेट करने के लिए किसी भी प्रकार की कंट्रोल रूम की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर प्रो. एसएन शुक्ला, डॉ. वंदिता पांडेय, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. महिमा चौरसिया, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी, डॉ. आरएन पाण्डेय, डॉ. अनिल विश्वा, डॉ. मुकेश वर्मा, प्रोग्रामर रवी मालवीय समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए ‘रक्षक’ मोबाइल एप की लॉचिंग कौटिल्य प्रशासनिक भवन के सभागार में सोमवार को की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक ने मोबाइल एप रक्षक का उद्घाटन किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि ‘रक्षक’ एप शब्द से भी ज्यादा व्यापक व उपयोगी है। यह एक मल्टीफोल्ड इंफार्मेशन सिस्टम पर आधारित है। यह सॉफ्टवेयर मुख्य रुप से एंटी रैंगिग शारीरिक शोषण को रोकने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को उनकी परीक्षा से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में यह मोबाइल एप पुलिस प्रशासन को भी संदेश देने में सक्षम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि इस एप से विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालय में अध्ययनरत लगभग सात लाख छात्रों को इससे जोड़ने की योजना है। वैसे तो यह एंड्रायड सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम है, फिर भी एसएमएस टेक्स्ट की सुविधा सभी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होगी। इस एप से संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को भी जोड़ा जाएगा और विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित परीक्षा कार्यक्रमों में बदलाव व अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं भी इसमें समाहित की जाएंगी। इससे किसी भी प्रकार की सूचना के अभाव के चलते छात्र-छात्राओं को असमंजस की स्थिति नही रहेगी। रक्षक एप के डिजायनर मयंक शर्मा ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर में एसओएस अलर्ट की सुविधा भी है। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी छुट्टी का आवेदन भी कर सकते हैं। इसकी सूचना उनके अभिभावकों तक भी पहुंचती रहेगी। इससे छात्र-छात्राओं को आसानी से ट्रैक भी किया जा सकता है। इसको ऑपरेट करने के लिए किसी भी प्रकार की कंट्रोल रूम की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर प्रो. एसएन शुक्ला, डॉ. वंदिता पांडेय, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. महिमा चौरसिया, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी, डॉ. आरएन पाण्डेय, डॉ. अनिल विश्वा, डॉ. मुकेश वर्मा, प्रोग्रामर रवी मालवीय समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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