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सिंधी विषय की मंजूरी पर श्रेय लेने की मची होड़
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:32 PM IST
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सिंधी विषय की मंजूरी पर श्रेय लेने की होड़
फैजाबाद। डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में सिंधी भाषा से स्नातक व परास्नातक स्तर पर शिक्षण व्यवस्था लागू करने को लेकर सिंधी समाज में श्रेय लेने की होड़ मची है। सिंधी समाज के दो अलग-अलग गुटों ने स्वयं को इसका श्रेय दिए जाने का दावा किया है।
सिन्धी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी के अनुसार इसकी स्वीकृति के लिए उनके नेतृत्व में उप्र सिंधी महिला सभा के पदाधिकारियों ने कई बार राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की। जिसके बाद महामहिम राज्यपाल ने यह आदेश पारित किया। दूसरी ओर उप्र सिंधी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष अमृत राजपाल व सिंधी शिक्षक सुखदेव साधवानी ने इस उपलब्धि को अपनी ढाई वर्षों के संघर्ष का नतीजा बताया है। राज्यपाल रामनाईक, कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित आदि का आभार व्यक्त किया। बताया कि ढाई वर्षों से पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि से लेकर विभिन्न पटलों पर इसके लिए संघर्ष किया गया है। लोग गलत तरीके से श्रेय लेना चाह रहे हैं।
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फैजाबाद। डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में सिंधी भाषा से स्नातक व परास्नातक स्तर पर शिक्षण व्यवस्था लागू करने को लेकर सिंधी समाज में श्रेय लेने की होड़ मची है। सिंधी समाज के दो अलग-अलग गुटों ने स्वयं को इसका श्रेय दिए जाने का दावा किया है।
सिन्धी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी के अनुसार इसकी स्वीकृति के लिए उनके नेतृत्व में उप्र सिंधी महिला सभा के पदाधिकारियों ने कई बार राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की। जिसके बाद महामहिम राज्यपाल ने यह आदेश पारित किया। दूसरी ओर उप्र सिंधी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष अमृत राजपाल व सिंधी शिक्षक सुखदेव साधवानी ने इस उपलब्धि को अपनी ढाई वर्षों के संघर्ष का नतीजा बताया है। राज्यपाल रामनाईक, कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित आदि का आभार व्यक्त किया। बताया कि ढाई वर्षों से पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि से लेकर विभिन्न पटलों पर इसके लिए संघर्ष किया गया है। लोग गलत तरीके से श्रेय लेना चाह रहे हैं।
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