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जिला पंचायत अध्यक्ष, उनके पति समेत तीन के खिलाफ परिवाद दर्ज
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अयोध्या। बीकापुर कोतवाली के पंडित जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज के बतौर प्रबंधक जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता सिंह, उनके पति विमल कुमार सिंह उर्फ राजू समेत तीन के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश हुआ है।
यह आदेश एसीजेएम तृतीय संजीव कुमार त्रिपाठी की अदालत से हुआ है। मामला एक तदर्थ अध्यापक की नियुक्ति से जुड़ा है।
अधिवक्ता अनिरुद्ध यादव ने बताया कि विद्यालय के अभिभावक अध्यापक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अभय राज ने अदालत में अर्जी दी थी जिसमें आरोप लगाया था कि विद्यालय में हिंदी, गणित, विज्ञान व कृषि विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद रिक्त थे, विद्यालय के प्रबंधक द्वारा एक अखबार में 30 अगस्त 2007 को विज्ञापन निकलवा कर उसके सापेक्ष बलवंत राय चौहान से आवेदन लिया।
वह हिंदी विषय के अध्यापक योग्यता भी नहीं रखते थे। इसके बावजूद तत्कालीन प्रबंधक ने उनकी तदर्थ शिक्षक के रूप में हिंदी के सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति कर दी।
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इस पद पर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थी मनोज कुमार आए तो उनको जॉइन करवाने के बाद भी बलवंत राय को वेतन देना जारी रखा।
इसकी शिकायत करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने वेतन रोकने का आदेश प्रबंधक श्वेता सिंह (वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष) को दिया।
इसके बाद मामले में फिर खेल खेला गया और प्रबंधक श्वेता सिंह का फर्जी हस्ताक्षर उनके पति विमल कुमार सिंह उर्फ राजू ने बनाते हुए बलवंत राय चौहान को सामाजिक विज्ञान का शिक्षक बताते हुए आख्या भेज दी।
इस आख्या के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने पुन: वेतन जारी करने का आदेश कर दिया। इस पर सब के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने के लिए अभय राज ने अर्जी दी थी। जिसे कोर्ट ने परिवाद के रूप में दर्ज करते हुए परिवादी के बयान के लिए अगली पेशी 30 मई नियत की है।
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यह आदेश एसीजेएम तृतीय संजीव कुमार त्रिपाठी की अदालत से हुआ है। मामला एक तदर्थ अध्यापक की नियुक्ति से जुड़ा है।
अधिवक्ता अनिरुद्ध यादव ने बताया कि विद्यालय के अभिभावक अध्यापक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अभय राज ने अदालत में अर्जी दी थी जिसमें आरोप लगाया था कि विद्यालय में हिंदी, गणित, विज्ञान व कृषि विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद रिक्त थे, विद्यालय के प्रबंधक द्वारा एक अखबार में 30 अगस्त 2007 को विज्ञापन निकलवा कर उसके सापेक्ष बलवंत राय चौहान से आवेदन लिया।
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वह हिंदी विषय के अध्यापक योग्यता भी नहीं रखते थे। इसके बावजूद तत्कालीन प्रबंधक ने उनकी तदर्थ शिक्षक के रूप में हिंदी के सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति कर दी।
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इस पद पर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थी मनोज कुमार आए तो उनको जॉइन करवाने के बाद भी बलवंत राय को वेतन देना जारी रखा।
इसकी शिकायत करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने वेतन रोकने का आदेश प्रबंधक श्वेता सिंह (वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष) को दिया।
इसके बाद मामले में फिर खेल खेला गया और प्रबंधक श्वेता सिंह का फर्जी हस्ताक्षर उनके पति विमल कुमार सिंह उर्फ राजू ने बनाते हुए बलवंत राय चौहान को सामाजिक विज्ञान का शिक्षक बताते हुए आख्या भेज दी।
इस आख्या के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने पुन: वेतन जारी करने का आदेश कर दिया। इस पर सब के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने के लिए अभय राज ने अर्जी दी थी। जिसे कोर्ट ने परिवाद के रूप में दर्ज करते हुए परिवादी के बयान के लिए अगली पेशी 30 मई नियत की है।