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एरिया के हिसाब लगेगा हाउस व वाटर टैक्स

Fri, 27 Apr 2018 12:16 AM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 12:16 AM IST
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एरिया के हिसाब लगेगा हाउस व वाटर टैक्स
अब स्वकर प्रणाली से वसूला जाएगा हाउस व वाटर टैक्स
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फैजाबाद। नगर निगम अपने शहरी क्षेत्र के दोनों जोन में हाउस व वाटर टैक्स के लिए स्वकर प्रणाली लागू करने जा रहा है। इसके लिए फॉर्म भरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। नई कर प्रणाली में मकान के क्षेत्रफल का मूल्यांकन कर हाउस व वाटर टैक्स निर्धारित किया जाएगा। खास यह है कि इसका मूल्यांकन मकान मालिक को ही करना होगा। नगर निगम आवासीय व अनावासीय दो तरह के फॉर्म मकान मालिकों को दे रहा है। प्रत्येक वार्ड के लिए अलग-अलग टैक्स दरें निर्धारित हैं। स्वकर प्रणाली व्यवस्था के लागू हो जाने से हाउस व वाटर टैक्स में पारदर्शिता आएगी। साथ ही नगर निगम की आय में भी बढ़ोत्तरी की भी संभावनाएं हैं। इसका असर छोटे व शहर के किनारों पर बसे मोहल्ले में कम मुख्य सड़कों पर बसे वीआईपी इलाके के मोहल्ले के लोगों पर अधिक पड़ेगा।
वर्ष 2011 से प्रदेश के ज्यादातर नगर निगमों व नगर पालिकाओं में स्वकर प्रणाली लागू है। अयोध्या-फैजाबाद की जुड़वा नगर पालिका में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी थी। नगर निगम बनने के बाद वर्ष 2018 से स्वकर प्रणाली लागू किए जाने का निर्णय नगर निगम ने लिया है। स्वकर प्रणाली के नियमों के अनुसार इसको चार श्रेणी में विभाजित किया गया है। प्रथम श्रेणी में 24 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग पर मकान है। दूसरी में 12 से 24 मीटर मार्ग पर स्थित भवन व तीसरी श्रेणी में 12 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग पर स्थित भवन व अंतिम श्रेणी केवल भूखंडों के लिए निर्धारित है। प्रत्येक श्रेणी में आरसीसी व आरबी की पक्की छत, पक्का भवन व कच्चा भवन का अलग-अलग मूल्यांकन होगा। सभी श्रेणियों में प्रत्येक भवन के लिए भी अलग-अलग दरें वार्ड अनुसार निर्धारित की गई हैं। अगल-अलग श्रेणी व भवनों के मानक के अनुसार प्रति वर्ग मीटर की दरें 1.40 रुपये से शुरू होकर 10 पैसे तक निर्धारित की गई हैं। नगर निगम के मुख्य मार्गों पर बसने वाले मोहल्लों में टैक्स दर अधिक व अंदर बसने वाले मोहल्लेवासियों कम टैक्स देना होगा। इसमें गृह कर के साथ जलकर भी लिया जाएगा। हालांकि अयोध्या-फैजाबाद में जल्द ही जलकर के लिए मीटर लगाकर निर्धारित दरों पर ही कर लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को लागू होने के बाद नगर निगम की आर्थिक स्थिति में लाभ का अनुमान है।
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फैजाबाद में शुरू हुई वाटर मीटर लगाने की प्रक्रिया
अयोध्या-फैजाबाद में वाटर मीटर लगाए जाने है। फैजाबाद में इसकी शुरुआत हो चुकी है। जल निगम की ओर से गठित 10 टीमें प्रतिदिन घरों पर पहुंच कर बिना कोई कास्ट लिए वाटर मीटर लगाने का कार्य कर रही है। फैजाबाद में 31 हजार 879 घरों में वाटर मीटर लगाए जाने है। यह प्रक्रिया दिसंबर तक चलेगी। दिसंबर के बाद वाटर मीटर लगवाने के लिए हाउस होल्डरों को मीटर व लगाने की धनराशि देनी होगी। इसी प्रकार अयोध्या के लिए भी वाटर मीटर लगाने संबंधी नगर निगम का प्रपोजल भी पास हो गया है। जल्द ही अयोध्या के लगभग 2200 हाउस होल्डरों के घरों में फ्री में वाटर मीटर लगाया जाएगा।
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सब टैक्स देने को तैयार, मगर सफाई व सुविधा तो दे नगर निगम
स्वकर प्रणाली से शहर के आम लोगों पर कर का बोझ बढ़ेगा। खासतौर से पार्श्व इलाके में रहने वालों को भारी-भरकम टैक्स देना होगा। नगर निगम वासियों का मानना है कि अगर निगम समस्त सुविधाएं पूरी तरह से दे तो टैक्स देने में कोई दिक्कत नहीं है।
फोटो नंबर 34 -प्रीतिपाल सिंह पाली बताते हैं कि स्वकर प्रणाली में वह अपने मकान का मूल्यांकन करके स्वयं देंगे, लेकिन निगम की सुविधाएं भी पूरी तरह से मिलने चाहिए। यह नहीं कि सिर्फ कर लेकर निगम किनारे हो जाए और सुविधाएं पूर्ववत की भांति ही बनी रहें। कहा कि निगम की कूड़ा उठाने संबंधी नई प्रक्रिया काफी अच्छी है, अगर इसका हम टैक्स दे रहे हैं तो कोई बड़ी बात नहीं है।

200 मीटर की परिधि में पाइन लाइन न होने पर नहीं लगेगा जल टैक्स
नई कर प्रणाली के अनुसार जिन मोहल्लों व गलियों में अभी तक पाइप लाइन नहीं पड़ी है, उनसे जलकर नहीं लिया जाएगा। मानक यह है कि 200 मीटर की परिधि में पाइप लाइन न होने की दशा में टैक्स नहीं लिया जा सकता है। हालांकि अयोध्या व फैजाबाद में अमृत योजना के तहत छूटे गली-मोहल्लों में पाइप लाइन का विस्तार किया जाना है। दोनों जोन के लिए प्रस्ताव बनकर शासन में है। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष के पूर्ण होने से पूर्व सभी छूटे गली मोहल्लों में पाइप लाइन पड़ जाएगी। मौजूदा समय में अयोध्या-फैजाबाद के दो दर्जन से अधिक गली व मोहल्लों में पाइप लाइन नहीं है।

मकान मालिक के मूल्यांकन के बाद निगम की टीमें करेंगी निरीक्षण
स्वकर प्रणाली के अंतर्गत आवासीय व अनावसीय भवनों के स्वामियों की ओर से मूल्यांकन करने के बाद नगर निगम की टीम पूरे मामले का निरीक्षण करके वर्ग मीटर संबंधी रिपोर्ट पर अपनी आख्या देगी। मौजूदा समय में निगम की कर संबंधी टीमें अपने-अपने मोहल्लों में लोगों को स्वकर प्रणाली के बारे में बताते हुए फॉर्म बांट रहीं हैं। कुछ फॉर्म भर कर निगम को मिल भी चुके हैं।

टैक्स में भी मिलेगी छूट
नगर निगम की नई स्वकर प्रणाली में हाउस होल्डरों को छूट भी दिए जाने का प्रावधान है। एक से 10 हजार रुपये टैक्स देने वालों को 25 प्रतिशत, 10 हजार से बढ़कर 20 हजार तक वालों के लिए 32 प्रतिशत व 20 से ऊपर वालों को 40 प्रतिशत टैक्स में छूट मिलेगी


स्वकर प्रणाली हाउस व वाटर टैक्स में पारदर्शिता लाएगी। इससे टैक्स में मिलने वाली शिकायतें खत्म हो जाएंगी। सबसे खास बात यह है कि मूल्यांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रत्येक घरों की डिटेल व टैक्स ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। हाउस होल्डर सिर्फ एक क्लिक कर अपनी पूरी टैक्स संबंधी डिटेल जान सकेंगे।- एमपी सिंह, नगर आयुक्त, अयोध्या नगर निगम
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