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छह माह में आ सकता राममंदिर पर फैसला: कोकजे

Mon, 23 Apr 2018 11:17 PM IST
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:17 PM IST
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छह माह में आ सकता राममंदिर पर फैसला: कोकजे
छह माह में आ सकता राममंदिर पर फैसला : कोकजे
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अयोध्या। विहिप में नया दायित्व मिला है। रामलला के दर्शन कर अभियान शुरू करने अयोध्या आया हूंँ। अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण अशोक सिंहल का भी सपना था। राममंदिर की परिकल्पना प्रत्यक्ष रूप लेती दिख रही है। विहिप के आंदोलन का ही परिणाम है कि आज छोटे रूप में ही सही विवादित भूमि पर रामलला की मूर्ति विराजित है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है। जिस तरह से सुनवाई चल रही है, हस्तक्षेप कर्ता बाहर हो चुके हैं। नए अभिलेख नहीं लिए जा रहे हैं, केवल पक्षकारों को ही सुना जा रहा है। ऐसे में अगले छह महीने में राममंदिर पर फैसला आ सकता है। यह बातें विश्व हिंदू परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहीं।
वे सोमवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या मामले का हल शीघ्र होना चाहिए। मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन करने के सवाल पर कहा कि अभी आंदोलन की कोई जरूरत नहीं है। कानून बनाकर मंदिर निर्माण की बात सोचने का भी अभी कोई औचित्य नहीं है। कानून बनने पर भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो सकती है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पूरी हो और फैसला आए, यही अंतिम विकल्प है। मंदिर निर्माण में विहिप की क्या भूमिका होगी? के सवाल पर कहा कि विहिप की भूमिका फैसला आने के बाद संगठन के सभी पदाधिकारी बैठकर तय करेंगे। कोकजे ने कहा कि विहिप हिंदू-मुस्लिमों में भेदभाव की बात नहीं करती। हम प्राणिमात्र के कल्याण की बात करते हैं। सामाजिक समरसता विहिप के एजेंडे में हैं।
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प्रवीण भाई तोगड़िया के सवाल पर कहा कि विहिप अपने सभी पूर्व पदाधिकारियों का सम्मान करती है। प्रवीण जी के मन में क्या है यह तो वहीं जाने। संतों द्वारा शीघ्र मंदिर निर्माण की मांग उठाए जाने के सवाल पर कहा कि विहिप सदैव संतों के मार्गदर्शन में कार्य करता रहा है। हम इस विषय पर संतों से मार्गदर्शन लेंगेे, उनकी मंशा के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। इससे पूर्व विहिप के नवनियुक्त अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने हनुमानगढ़ी व रामलला के दरबार में माथा टेका। इस दौरान विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, प्रबंध सदस्य दिनेश चंद्र, संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे, विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय, पुरुषोत्तम नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री पंकज, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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विहिप अध्यक्ष ने जानी कार्यशाला की गतिविधियां
विहिप के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने न्यास कार्यशाला की गतिविधियां व राममंदिर मॉडल देखा। विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय ने राममंदिर निर्माण की तैयारियों के बारे में अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राममंदिर में कुल 212 खंभे लगेंगे। इन सभी खंभों में 16 मूर्तियां होगी। पहला चबूतरा 8 फीट ऊंचा और 10 फिट चौड़ा होगा। दूसरा चबूतरा 4 फीट 9 इंच का होगा। जिसमें ऊपर खंभे लगेंगे। मंदिर के अगले भाग में सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप और गर्भगृह बनेगा। पदाधिकारियों ने न्यास कार्यशाला में रखे तराशे गए पत्थरों को भी देखा, कारीगरों की भी स्थिति जानी।

धारा 142 के अंर्तगत सुप्रीम कोर्ट ले सकती कोई भी फैसला
विहिप के नवनियुक्त अध्यक्ष कोकजे ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मामले की सुनवाई में हमने देश के अच्छे से अच्छे वकील लगाए हैं। भव्य मंदिर निर्माण के लिए जो भी आवश्यक है वह किया जा रहा है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट धारा 142 के अंतर्गत जनभावनाओं के अनुरूप कोई भी फैसला देने का अधिकार रखती है। साथ ही साथ किसी भी फैसले को बदलने का भी अधिकार सुप्रीम कोर्ट के पास है। कहा कि भले ही मंदिर-मस्जिद का मुकदमा विवादित भूमि को लेकर चल रहा हो, लेकिन अधिग्रहित की गई 67 एकड़ भूमि भी जनभावना को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट धारा 142 के तहत राम मंदिर के पक्ष में देने का आदेश कर सकता है।


मोदी सरकार हिंदुओं के सबसे करीब
- विहिप के नवनियुक्त अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी की सरकार के कार्यों का आकलन करने से तो मना किया लेकिन इतना जरूर कहा कि अब तक जितने भी सरकारें आई हैं उनमें मोदी सरकार हिंदुओं के सबसे करीब है। कहा कि विहिप का कार्य सरकार का आकलन करना नहीं है, फिर भी मोदी सरकार का कार्य हिंदुओं के अनुकूल है। हम सरकार का नहीं हिंदु समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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