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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   47 thousand students stranded stipend and fees

47 हजार छात्रों का वजीफा व फीस अटकी

Mon, 20 Jul 2015 11:27 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 20 Jul 2015 11:27 PM IST
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विभाग के पास जमा किए गए आधे से ज्यादा आवेदन फॉर्म खामियों के चलते निरस्त कर दिए गए हैं। अब विभाग ने तकनीकी खामियों के चलते छात्रवृत्ति से वंचित अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं से प्रत्यावेदन मांगा है।
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लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था अब तक नहीं की जा सकी है।
विभिन्न कक्षाओं में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार से छात्रवृत्ति दिए जाने की व्यवस्था है।

इसके लिए आवेदन करने के लिए बच्चों को आय व जाति निवास जैसे प्रमाणपत्र के लिए भटकना पड़ता है। इसमें धन खर्च करना पड़ता है। प्रति छात्र कई सौ रुपये का व्यय करने के वाद आवेदन हो पाता है।
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इसके बाद विद्यालय इसे अग्रसारित करके विभाग को भेजता है। इसके बाद छात्रों को छात्रवृत्ति/ शुल्क प्रतिपूर्ति मिल पाती है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जिले के कई हजार बच्चों को अब तक छात्रवृत्ति/ शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाई है।
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बताया जाता है कि कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले बहुत से छात्र-छात्राओं की शिक्षा इस पर निर्भर होती है। पिछले वित्तीय साल में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के 43 हजार 600 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था।

इसमें से महज 22 हजार 417 को ही अब तक छात्रवृत्ति मिल पाई है। इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग के लगभग 25 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन इसमें से लगभग 12 हजार बच्चों को ही इसका आवंटन हो पाया है।

सामान्य वर्ग के लगभग 22 हजार छात्र/छात्राओं ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। लेकिन इसमें से भी महज 9 हजार को इसका आवंटन हो पाया है। 

छात्रवृत्ति वितरण की नई व्यवस्था तंत्र के साथ ही छात्रों पर भारी पड़ गई है। बताया गया है कि बहुत मामूली चूक पर भी छात्रों के आवेदन फॉर्म रिजेक्ट कर दिए गए है।


परेशान विद्यार्थी विभाग के लोगों को घेर रहे हैं लेकिन विभाग के लोगों का कहना है कि शासन स्तर से वितरण होने के कारण उनको बहुत जानकारी नहीं होती है। 

जिला समाज कल्याण अधिकारी राम चंद्र दूबे ने बताया कि जितने भी फॉर्म विभाग को मिले थे। वह समय पर भेज दिए गए थे। लेकिन सभी बच्चों को अब तक छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाई है।

आवेदन फॉर्म सही न भरे होने या फिर कमियों के चलते कई हजार फॉर्म रिजेक्ट हो गए हैं। अब शासन के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है।
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