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नोडल अफसर के सामने भिड़े बीएसए व ग्रामीण

Mon, 25 Sep 2017 11:48 PM IST
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:48 PM IST
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नोडल अफसर के सामने भिड़े बीएसए व ग्रामीण
मवई। मवई ब्लॉक के सेवढ़ारा गांव पहुंची सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार व जिले की नोडल अफसर अनीता सी मेश्राम के सामने ही बीएसए और ग्रामीणों की जुबानी जंग खूब चली।
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खामियों पर नोडल अफसर ने अध्यापक और बीएसए को फटकार लगाई। राशनकार्ड के सत्यापन को लेकर हंगामे की स्थिति रही।

नोडल अफसर सुबह साढ़े दस बजे प्राथमिक विद्यालय सेवढ़ारा पहुंची। उन्होंने नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्राथमिक विद्यालय सेवढ़ारा प्रथम की गुणवत्ता को परखा।
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यहां बच्चों से किताब का पाठ सुना और सत्र परीक्षा के बारे में अध्यापक से पूछा तो अध्यापक उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। बीएसए को कड़ी फटकार लगाई।
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चौपाल में पहुंची नोडल अफसर के समक्ष बीडीओ मवई आरबी यादव ने 12 बिंदुओं पर जानकारी देनी शुरू की। पेंशन योजना के बारे में बताया गया कि दो लाभार्थियों को छोड़कर सभी पात्रों को पेंशन मिल रही है।

मवई शिक्षा क्षेत्र की खराब गुणवत्ता पर जब ग्रामीणों ने सवाल किया तो जवाब देने के बजाय बीएसए ने डीएम और सचिव के सामने ही शिकायतकर्ता से अनाप शनाप सवाल कर डाले।

ग्रामीणों को कहा कि स्कूल से लौटकर आने पर कभी बच्चों से पढ़ाई के बारे पूछते नहीं हो, केवल एमडीएम के बारे में ही पूछते हो।

अध्यापक ने कहा कि पढ़ाई अच्छी नहीं होती तो नाम कटवा लो। इस दौरान बीएसए ने ग्रामीणों को अनपढ़-गंवार कह दिया। इस पर सचिव ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को फटकारा।

डीएम अनिल कुमार ने बीएसए को माह में 20 स्कूल स्वयं व 20 स्कूल बीईओ को आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम अनिल कुमार पाठक, सीडीओ रवीश गुप्त, एसडीएम गिरजेश चौधरी आदि मौजूद थे।

राशनकार्ड निरस्त करने पर हंगामा
सचिव के सामने ग्रामीणों को सूची पढ़कर सुनाई गई। बताया गया कि पात्र गृहस्थी के 599 लाभार्थियों का सत्यापन किया। जिनमें से अपात्र मिले 111 के स्थान पर नए पात्रों का चयन किया गया है।


अंत्योदय के 45 में से 11 लोगों को अपात्र घोषित किया गया। पात्र 11 लोगों को शामिल कर लिया गया है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और सत्यापन में हीलाहवाली का आरोप लगाने लगे।
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