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अयोध्या में गहरा रहे खौफ के बीच भरोसा भी मजबूत
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:31 AM IST
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न कोई खौफ, न आशंका, अयोध्या अपनी लय में
अयोध्या। संतों-महंतों के लिए खड़ाऊं और पोथी रखने की रेहल बनाने वाले मोहम्मद सलीम की दुकान पर शुक्रवार को भीड़ है, कोई भगवाधारी है तो कोई गृहस्थ। यहीं से हनुमानगढ़ी समेत कई मठ-मंदिरों के संत-धर्माचार्यों की खड़ाऊं जाती है।
सरयू घाट से हनुमानगढ़ी के बीच लंबे रोड बाबूबाजार में आसपास सलीम के परिवार की छह दुकानें सजी हैं। सभी का पुश्तैनी काम खड़ाऊं बनाकर बेचना है। क्या माहौल है... सवाल सुनते ही तपाक से कहते हैं कोई बात नहीं है, बाहर से तो हजारों लोग रोज आते हैं।
बस इस बार अंतर सिर्फ इतना है कि सियासी लोग भीड़ लेकर आ रहे हैं। तभी उनकी बेगम बिफर पड़ती हैं... हम तो बहू के साथ जा रहे हैं, आप रहिए...92 भूल गए क्या। सलीम हंसकर जवाब देते हैं कि कोई कहीं नहीं जाएगा, हिंदू भाई साथ हैं।
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देख नहीं रही हो कितनी अच्छी बिक्री हो रही है, कल-परसों भी दुकान खुलेगी। कमोवेश अयोध्या के हर मुस्लिम परिवार में कुछ ऐसा ही माहौल है।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए आई करीब 15 लाख की भीड़ में सड़क पर शिवसेना की ओर शनिवार को लक्ष्मण किला में उद्धव ठाकरे के आशीर्वाद कार्यक्रम के लिए रथ पर बाला साहेब ठाकरे की बड़ी फोटो सजाकर जय शिवाजी जय भवानी...गूंज रहा है और नारे लग रहे पहले मंदिर, फिर सरकार...।
जोश जगाने में विश्व हिंदू परिषद भी आगे है, रविवार को होनी वाली धर्मसभा के लिए धनुष-बाण लिए राम की फोटो रथ पर सजाकर रामभक्तों का आह्वान करते नारे और भजन गूंज रहे हैं। मगर आम लोगों की दिनचर्या में कोई फर्क नहीं है।
कटरा मोहल्ला से 22 वर्षीय मनीष केशरवानी और 50 वर्षीय मुख्तार अहमद साथ निकलते हैं। हनुमानगढ़ी के पास दंतधावन चौराहा पर मनीष की पान की दुकान है, कहते हैं कि कहीं कोई खौफ नहीं है, न कोई पलायन कर रहा है।
दुकान खोलने हम सब तमाम दुकानदार साथ घर से निकले थे। मुख्तार की श्रृंगार हाट में सिलाई की दुकान है, कहते हैं कि बेटा आदिल फैजाबाद साहबगंज में सिलाई का काम करता है, जबकि नूरी हाईस्कूल पास करके घर पर है।
बाहर से आ रही भीड़ से डर जरूर है, जरूरी सामान भी खरीदकर रख लिए हैं, मगर घर नहीं छोड़ेंगे, दुकान भी कल परसों जरूर खुलेगी। मुस्लिम मोहल्ले की श्रृंगारहाट में 12 लोगों की दुकानें हैं।
बेगमपुरा के रहमत महिलाओं को चूड़ी दिखाते हुए कहते हैं कि 1992 जैसी आशंका तो है, मगर उनके पुत्र वसीम समेत टेढ़ी बाजार के इम्तियाज, बेगमपुरा के कलीम व भोले प्रतिकार करते हैं। उनका कहना है माहौल ठीक है।
सियासत के चक्कर में हम न दुकान बंद करेंगे, न अयोध्या छोड़ेंगे। हमारे मोहल्ले के हिंदू भाई और संत साथ हैं। बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार हाजी महबूब के घर टेंपो से कुछ महिलाएं जाती दिखीं तो किसी ने कहा, डर से पलायन हो रहा है, जवाब 12 साल के अनवर ने दिया।
कहा शाहजहांपुर में शादी है, वहां जा जा रहे हैं, कोई डर या अफवाह नहीं है। मानस भवन निवासी साकेत पीजी कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की छात्रा हिमांशी पांडेय कहती हैं कि घर वाले बाहर निकलने पर डरा रहे हैं, लेकिन माहौल तो ठीक है।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब कहते हैं कि राममंदिर संविधान से बनेगा, भीड़ जुटाकर नहीं। तोड़ने के लिए भीड़ जुटाकर सफल हो सकते हैं, मगर बनाने के लिए कभी नहीं हो पाएंगे। मुसलमान भीड़ से डरा नहीं है, जुमे की नमाज में भारी भीड़ इसकी तस्दीक करती है।
हमने तो 92 में घर नहीं छोड़ा तो अब क्या छोड़ेंगे। तमाम मुसलमानों को दिखाते हुए कहते हैं कि कोई डर या भ्रम नहीं है। यहां के हिंदू भाई हमारे साथ हैं। सब जानते हैं कि धर्मसभा सियासी लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर हो रही है, होगा कुछ नहीं।
श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि धर्मसभा मंदिर बनाने के लिए है। इसका मकसद भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि कानून बनाने के लिए प्रमाणिकता सिद्ध करना है।
इस मुहिम में मोदी की सहमति है। क्या सारी भाजपा समेत सांसद-विधायक-मंत्री विहिप के कहने से दौड़ रहे हैं। अब कानून बनाकर मंदिर बनाने का रास्ता प्रशस्त होगा, सुप्रीम कोर्ट एक लाख साल बाद भी फैसला नहीं कर सकती।
हिंदू पक्षकार धर्मदास ने सवाल उठाया कि कानून बनाकर कैसे राममंदिर बनेगा। किस पक्षकार को भूमि मिलेगी, न्यास कैसे मंदिर बना सकता है। कानूनन सरकार न्यास को जमीन नहीं दे सकती।
ऐसे में कोर्ट से नियमित सुनवाई कराकर ही फैसले के बाद राममंदिर बन सकता है। हम राष्ट्रपति से मिलकर डे टू डे सुनवाई की मांग करने वाले हैं। ज्ञापन भेज दिया गया है।
अयोध्या में ज्यादातर फोर्स मेला निपटाकर कैंप में दिखी, न कहीं सर्च हुआ न रूट मार्च हुए। एडीजी लखनऊ सुजीत कुमार पांडेय ने डीआईजी ओंकार सिंह समेत अफसरों के साथ शिवसेना के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
समेत कमिश्नर मनोज मिश्र व डीएम डॉ. अनिल पाठक ने कानून-व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर खाका खींचा। कमिश्नर ने कहा कि सभी तैयारी पुख्ता कर ली गई है। कहीं पलायन जैसी बात नहीं है।
रामलला के दर्शन करने वालों को नियमानुसार व्यवस्था दी जाएगी, भीड़ को आने नहीं दिया जाएगा। धर्मसभा के लिए हाइवे से प्रवेश व निकास के इंतजाम किए गए हैं।
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अयोध्या। संतों-महंतों के लिए खड़ाऊं और पोथी रखने की रेहल बनाने वाले मोहम्मद सलीम की दुकान पर शुक्रवार को भीड़ है, कोई भगवाधारी है तो कोई गृहस्थ। यहीं से हनुमानगढ़ी समेत कई मठ-मंदिरों के संत-धर्माचार्यों की खड़ाऊं जाती है।
सरयू घाट से हनुमानगढ़ी के बीच लंबे रोड बाबूबाजार में आसपास सलीम के परिवार की छह दुकानें सजी हैं। सभी का पुश्तैनी काम खड़ाऊं बनाकर बेचना है। क्या माहौल है... सवाल सुनते ही तपाक से कहते हैं कोई बात नहीं है, बाहर से तो हजारों लोग रोज आते हैं।
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बस इस बार अंतर सिर्फ इतना है कि सियासी लोग भीड़ लेकर आ रहे हैं। तभी उनकी बेगम बिफर पड़ती हैं... हम तो बहू के साथ जा रहे हैं, आप रहिए...92 भूल गए क्या। सलीम हंसकर जवाब देते हैं कि कोई कहीं नहीं जाएगा, हिंदू भाई साथ हैं।
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देख नहीं रही हो कितनी अच्छी बिक्री हो रही है, कल-परसों भी दुकान खुलेगी। कमोवेश अयोध्या के हर मुस्लिम परिवार में कुछ ऐसा ही माहौल है।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए आई करीब 15 लाख की भीड़ में सड़क पर शिवसेना की ओर शनिवार को लक्ष्मण किला में उद्धव ठाकरे के आशीर्वाद कार्यक्रम के लिए रथ पर बाला साहेब ठाकरे की बड़ी फोटो सजाकर जय शिवाजी जय भवानी...गूंज रहा है और नारे लग रहे पहले मंदिर, फिर सरकार...।
जोश जगाने में विश्व हिंदू परिषद भी आगे है, रविवार को होनी वाली धर्मसभा के लिए धनुष-बाण लिए राम की फोटो रथ पर सजाकर रामभक्तों का आह्वान करते नारे और भजन गूंज रहे हैं। मगर आम लोगों की दिनचर्या में कोई फर्क नहीं है।
कटरा मोहल्ला से 22 वर्षीय मनीष केशरवानी और 50 वर्षीय मुख्तार अहमद साथ निकलते हैं। हनुमानगढ़ी के पास दंतधावन चौराहा पर मनीष की पान की दुकान है, कहते हैं कि कहीं कोई खौफ नहीं है, न कोई पलायन कर रहा है।
दुकान खोलने हम सब तमाम दुकानदार साथ घर से निकले थे। मुख्तार की श्रृंगार हाट में सिलाई की दुकान है, कहते हैं कि बेटा आदिल फैजाबाद साहबगंज में सिलाई का काम करता है, जबकि नूरी हाईस्कूल पास करके घर पर है।
बाहर से आ रही भीड़ से डर जरूर है, जरूरी सामान भी खरीदकर रख लिए हैं, मगर घर नहीं छोड़ेंगे, दुकान भी कल परसों जरूर खुलेगी। मुस्लिम मोहल्ले की श्रृंगारहाट में 12 लोगों की दुकानें हैं।
बेगमपुरा के रहमत महिलाओं को चूड़ी दिखाते हुए कहते हैं कि 1992 जैसी आशंका तो है, मगर उनके पुत्र वसीम समेत टेढ़ी बाजार के इम्तियाज, बेगमपुरा के कलीम व भोले प्रतिकार करते हैं। उनका कहना है माहौल ठीक है।
सियासत के चक्कर में हम न दुकान बंद करेंगे, न अयोध्या छोड़ेंगे। हमारे मोहल्ले के हिंदू भाई और संत साथ हैं। बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार हाजी महबूब के घर टेंपो से कुछ महिलाएं जाती दिखीं तो किसी ने कहा, डर से पलायन हो रहा है, जवाब 12 साल के अनवर ने दिया।
कहा शाहजहांपुर में शादी है, वहां जा जा रहे हैं, कोई डर या अफवाह नहीं है। मानस भवन निवासी साकेत पीजी कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की छात्रा हिमांशी पांडेय कहती हैं कि घर वाले बाहर निकलने पर डरा रहे हैं, लेकिन माहौल तो ठीक है।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब कहते हैं कि राममंदिर संविधान से बनेगा, भीड़ जुटाकर नहीं। तोड़ने के लिए भीड़ जुटाकर सफल हो सकते हैं, मगर बनाने के लिए कभी नहीं हो पाएंगे। मुसलमान भीड़ से डरा नहीं है, जुमे की नमाज में भारी भीड़ इसकी तस्दीक करती है।
हमने तो 92 में घर नहीं छोड़ा तो अब क्या छोड़ेंगे। तमाम मुसलमानों को दिखाते हुए कहते हैं कि कोई डर या भ्रम नहीं है। यहां के हिंदू भाई हमारे साथ हैं। सब जानते हैं कि धर्मसभा सियासी लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर हो रही है, होगा कुछ नहीं।
श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि धर्मसभा मंदिर बनाने के लिए है। इसका मकसद भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि कानून बनाने के लिए प्रमाणिकता सिद्ध करना है।
इस मुहिम में मोदी की सहमति है। क्या सारी भाजपा समेत सांसद-विधायक-मंत्री विहिप के कहने से दौड़ रहे हैं। अब कानून बनाकर मंदिर बनाने का रास्ता प्रशस्त होगा, सुप्रीम कोर्ट एक लाख साल बाद भी फैसला नहीं कर सकती।
हिंदू पक्षकार धर्मदास ने सवाल उठाया कि कानून बनाकर कैसे राममंदिर बनेगा। किस पक्षकार को भूमि मिलेगी, न्यास कैसे मंदिर बना सकता है। कानूनन सरकार न्यास को जमीन नहीं दे सकती।
ऐसे में कोर्ट से नियमित सुनवाई कराकर ही फैसले के बाद राममंदिर बन सकता है। हम राष्ट्रपति से मिलकर डे टू डे सुनवाई की मांग करने वाले हैं। ज्ञापन भेज दिया गया है।
अयोध्या में ज्यादातर फोर्स मेला निपटाकर कैंप में दिखी, न कहीं सर्च हुआ न रूट मार्च हुए। एडीजी लखनऊ सुजीत कुमार पांडेय ने डीआईजी ओंकार सिंह समेत अफसरों के साथ शिवसेना के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
समेत कमिश्नर मनोज मिश्र व डीएम डॉ. अनिल पाठक ने कानून-व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर खाका खींचा। कमिश्नर ने कहा कि सभी तैयारी पुख्ता कर ली गई है। कहीं पलायन जैसी बात नहीं है।
रामलला के दर्शन करने वालों को नियमानुसार व्यवस्था दी जाएगी, भीड़ को आने नहीं दिया जाएगा। धर्मसभा के लिए हाइवे से प्रवेश व निकास के इंतजाम किए गए हैं।