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सरयू तट पर आस्था का संगम, हजारों ने लगाई डुबकी
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सरयू तट पर आस्था का संगम, लगाई डुबकी
अयोध्या। रामनगरी में मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को पावन सलिला सरयू के तट पर आस्था का संगम दिखा। ब्रह्म मुहूर्त से ही सरयू स्नान को भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। स्नानघाटों से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों में श्रद्धालु स्नान-दान, पूजन-अर्चन को जमे रहे। देर शाम तक रामनगरी श्रद्धालुओं के भीड़ से गुलजार रही।
ज्योतिषाचार्यों ने सोमवार देर शाम सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मंगलवार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का स्नान-दान श्रेयस्कर माना था जिसके चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां ठंड पर आस्था भारी नजर आई, भीषण ठंड के बावजूद लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु-भक्तों ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई।
सरयू स्नान के बाद भगवान सूर्यदेव का पूजन-अर्चन के साथ तिल व खिचड़ी का दान व गऊ दान कर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रमुख मंदिरों प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि, श्रीकालेराम मंदिर, क्षीरेश्वरनाथ महादेव आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुटने लगी। देर शाम तक श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन-पूजन करते रहे।
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मंगलवार होने के नाते हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन के पसीने छूट गए। यहां अल सुबह से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला रात्रि शयन आरती तक जारी रहा। जगह-जगह बड़े बुजुर्ग व बच्चे पतंगबाजी का आनंद उठाते भी नजर आए। पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
एसपीसिटी अनिल सिंह सिसौदिया दल बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था की मानीटरिंग करते रहे। घाटों व मंदिरों के आस-पास सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी। रामनगरी के मंदिरों में मंगलवार को खिचड़ी पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। रामजन्मभूमि में भगवान रामलला को मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी का भोग लगाया गया।
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि पूजन-अर्चन उपरांत खिचड़ी, दही, पापड़, घी व अचार का भोग लगाकर भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। वहीं बजरंगबली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी में हनुमंतलला को खिचड़ी, घी, अचार, पापड़, दही तिल आदि का भोग लगाया गया।
पुजारी रमेश दास ने बताया कि हनुमान जी महाराज का विधिवत शृंगार कर पूजन-अर्चन किया गया। दशरथमहल बड़ास्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने बताया कि मंदिर में विराजमान धनुषधारी भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया गया। मणिरामदास छावनी में गरीब, निराश्रितों को खिचड़ी का दान किया गया।
वहीं अयोध्या के अन्य मंदिरों कनकभवन, लक्ष्मण किला, हरिधामगोपाल मंदिर, रंगमहल, जानकीघाट बड़ास्थान, राजगोपाल सहित सैकड़ों मंदिरों में खिचड़ी का पर्व मनाया गया।
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अयोध्या। रामनगरी में मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को पावन सलिला सरयू के तट पर आस्था का संगम दिखा। ब्रह्म मुहूर्त से ही सरयू स्नान को भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। स्नानघाटों से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों में श्रद्धालु स्नान-दान, पूजन-अर्चन को जमे रहे। देर शाम तक रामनगरी श्रद्धालुओं के भीड़ से गुलजार रही।
ज्योतिषाचार्यों ने सोमवार देर शाम सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मंगलवार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का स्नान-दान श्रेयस्कर माना था जिसके चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां ठंड पर आस्था भारी नजर आई, भीषण ठंड के बावजूद लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु-भक्तों ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई।
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सरयू स्नान के बाद भगवान सूर्यदेव का पूजन-अर्चन के साथ तिल व खिचड़ी का दान व गऊ दान कर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रमुख मंदिरों प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि, श्रीकालेराम मंदिर, क्षीरेश्वरनाथ महादेव आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुटने लगी। देर शाम तक श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन-पूजन करते रहे।
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मंगलवार होने के नाते हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन के पसीने छूट गए। यहां अल सुबह से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला रात्रि शयन आरती तक जारी रहा। जगह-जगह बड़े बुजुर्ग व बच्चे पतंगबाजी का आनंद उठाते भी नजर आए। पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
एसपीसिटी अनिल सिंह सिसौदिया दल बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था की मानीटरिंग करते रहे। घाटों व मंदिरों के आस-पास सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी। रामनगरी के मंदिरों में मंगलवार को खिचड़ी पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। रामजन्मभूमि में भगवान रामलला को मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी का भोग लगाया गया।
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि पूजन-अर्चन उपरांत खिचड़ी, दही, पापड़, घी व अचार का भोग लगाकर भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। वहीं बजरंगबली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी में हनुमंतलला को खिचड़ी, घी, अचार, पापड़, दही तिल आदि का भोग लगाया गया।
पुजारी रमेश दास ने बताया कि हनुमान जी महाराज का विधिवत शृंगार कर पूजन-अर्चन किया गया। दशरथमहल बड़ास्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने बताया कि मंदिर में विराजमान धनुषधारी भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया गया। मणिरामदास छावनी में गरीब, निराश्रितों को खिचड़ी का दान किया गया।
वहीं अयोध्या के अन्य मंदिरों कनकभवन, लक्ष्मण किला, हरिधामगोपाल मंदिर, रंगमहल, जानकीघाट बड़ास्थान, राजगोपाल सहित सैकड़ों मंदिरों में खिचड़ी का पर्व मनाया गया।