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अब तक 835 में से 36 गांव हुए खुले में शौच मुक्त
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:03 AM IST
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फैजाबाद। गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए कसरत एक बार फिर तेज हो गई है। गांवों में विभाग ने पूरी फौज उतार दी है।
फील्ड वर्करों को इसको पूरा कराने के लिए निर्देश जारी किए गए है। स्वच्छ भारत अभियान तो काफी पहले से चलाया जा रहा है लेकिन पूर्व प्रदेश के शासनकाल में इस पर फोकस कम रहा।
इसका परिणाम रहा कि अब तक जिले में घोषित तौर पर 835 ग्राम पंचायत में महज तीन दर्जन राजस्व गांवों को खुले में शौच मुक्त किया जा सका है।
जिले को खुले में शौच मुक्त किए जाने के लिए महज 16 माह का समय बचा है। दो महीनों के भीतर 200 से ज्यादा राजस्व गांवों को खुले में शौच मुक्त किए जाने के लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है।
एक साथ एक सैकड़ा से ज्यादा गांवों में स्वच्छताग्राहियों को लगाया गया है। पिछले कई दिनों से इन गांवों में भोर में खुले में शौच को रोकने के प्रति जागरूकता के लिए सीटी बजाई जा रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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शौचालयों के निर्माण की गति बढ़ाए जाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। ग्राम सचिवों और प्रधानों पर प्रशासन की खास निगाह है।
कोशिश की जा रही है कि गांवों में शौचालयों के निर्माण की गति तेज कर पूरा किया जाए। जिला समन्वयक दीपक कुमार का कहना है कि गांवों को खुले में शौच मुक्त किए जाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य कराने की कोशिश है।
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फील्ड वर्करों को इसको पूरा कराने के लिए निर्देश जारी किए गए है। स्वच्छ भारत अभियान तो काफी पहले से चलाया जा रहा है लेकिन पूर्व प्रदेश के शासनकाल में इस पर फोकस कम रहा।
इसका परिणाम रहा कि अब तक जिले में घोषित तौर पर 835 ग्राम पंचायत में महज तीन दर्जन राजस्व गांवों को खुले में शौच मुक्त किया जा सका है।
जिले को खुले में शौच मुक्त किए जाने के लिए महज 16 माह का समय बचा है। दो महीनों के भीतर 200 से ज्यादा राजस्व गांवों को खुले में शौच मुक्त किए जाने के लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है।
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एक साथ एक सैकड़ा से ज्यादा गांवों में स्वच्छताग्राहियों को लगाया गया है। पिछले कई दिनों से इन गांवों में भोर में खुले में शौच को रोकने के प्रति जागरूकता के लिए सीटी बजाई जा रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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शौचालयों के निर्माण की गति बढ़ाए जाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। ग्राम सचिवों और प्रधानों पर प्रशासन की खास निगाह है।
कोशिश की जा रही है कि गांवों में शौचालयों के निर्माण की गति तेज कर पूरा किया जाए। जिला समन्वयक दीपक कुमार का कहना है कि गांवों को खुले में शौच मुक्त किए जाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य कराने की कोशिश है।