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20 प्रधानाध्यापक, 26 सहायक अध्यापक व 22 शिक्षामित्र मिले गैरहाजिर
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:08 PM IST
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teacher
- फोटो : amar ujala
बेसिक शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए डीएम डॉ. अनिल कुमार पाठक ने सोमवार को गोपनीय ढंग से 45 अधिकारियों की टीम बनाकर अमानीगंज ब्लॉक के बेसिक शिक्षा स्कूलों की जांच कराई। इसकी भनक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी नहीं हुई। छापेमारी में 20 प्रधानाध्यापक, 26 सहायक अध्यापक व 22 शिक्षा मित्र गैरहाजिर पाए गए। डीएम ने सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए बीएसए को आदेश दिया है।
आकस्मिक निरीक्षण की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए जिलाधिकारी ने कैम्प कार्यालय में रविवार रात्रि 10 बजे से 1:30 बजे तक मैराथन मीटिंग की। इसके बाद सोमवार सुबह 7 बजे सभी अधिकारियों को कैम्प कार्यालय पर बुलाकर अमानीगंज ब्लॉक के सभी विद्यालयों की सूची सौंप निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने हेतु दो प्रपत्र दिए।
इसमें निरीक्षण अधिकारी का नाम पदनाम, विद्यालय का नाम, विकास खंड, प्रधानाध्यापक का नाम, अध्यापकों का नाम, विद्यालय प्रबंधक, कक्षा में पंजीकृत छात्रों की संख्या, निरीक्षण के समय उपस्थित छात्र संख्या, मध्याह्न भोजन मेन्यू के अनुसार बना है या नहीं, मेन्यू विद्यालय बोर्ड पर लिखा है या नहीं, विद्यालय के क्रियाशील शौचालय की संख्या व उसका उपयोग छात्र-छात्राओं के द्वारा करने में कोई बाधा तो नही, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता एवं उसका विवरण, साफ-सफाई, विद्युत लाइन है या नही, अध्यापकों की अनुपस्थिति, उपस्थिति का विवरण देना था।
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शिक्षा की गुणवत्ता आदि विषय पर भी रिपोर्ट मांगी गई। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी को आकस्मिक निरीक्षण की जब तक जानकारी हुई तो तब तक आधे विद्यालयों का निरीक्षण हो चुका था। जिलाधिकारी के कैम्प कार्यालय पर सोमवार देर सायं तक प्राप्त हुई रिपोर्ट के मुताबिक 20 प्रधानाध्यापक, 26 सहायक अध्यापक व 22 शिक्षा मित्र गैरहाजिर पाए गए हैं।
डीएम ने कहा कि सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए बीएसए को आदेश दिए गए हैं। कहा कि यह अभियान चलता रहेगा। शिक्षा की गुणवत्ता, मध्याह्न भोजन, अध्यापकों व छात्रों की उपस्थित पर फोकस रहेगा। जब भी जांच होगी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर बाद में अधिकारियों पर जिम्मेदारी व कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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आकस्मिक निरीक्षण की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए जिलाधिकारी ने कैम्प कार्यालय में रविवार रात्रि 10 बजे से 1:30 बजे तक मैराथन मीटिंग की। इसके बाद सोमवार सुबह 7 बजे सभी अधिकारियों को कैम्प कार्यालय पर बुलाकर अमानीगंज ब्लॉक के सभी विद्यालयों की सूची सौंप निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने हेतु दो प्रपत्र दिए।
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इसमें निरीक्षण अधिकारी का नाम पदनाम, विद्यालय का नाम, विकास खंड, प्रधानाध्यापक का नाम, अध्यापकों का नाम, विद्यालय प्रबंधक, कक्षा में पंजीकृत छात्रों की संख्या, निरीक्षण के समय उपस्थित छात्र संख्या, मध्याह्न भोजन मेन्यू के अनुसार बना है या नहीं, मेन्यू विद्यालय बोर्ड पर लिखा है या नहीं, विद्यालय के क्रियाशील शौचालय की संख्या व उसका उपयोग छात्र-छात्राओं के द्वारा करने में कोई बाधा तो नही, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता एवं उसका विवरण, साफ-सफाई, विद्युत लाइन है या नही, अध्यापकों की अनुपस्थिति, उपस्थिति का विवरण देना था।
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शिक्षा की गुणवत्ता आदि विषय पर भी रिपोर्ट मांगी गई। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी को आकस्मिक निरीक्षण की जब तक जानकारी हुई तो तब तक आधे विद्यालयों का निरीक्षण हो चुका था। जिलाधिकारी के कैम्प कार्यालय पर सोमवार देर सायं तक प्राप्त हुई रिपोर्ट के मुताबिक 20 प्रधानाध्यापक, 26 सहायक अध्यापक व 22 शिक्षा मित्र गैरहाजिर पाए गए हैं।
डीएम ने कहा कि सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए बीएसए को आदेश दिए गए हैं। कहा कि यह अभियान चलता रहेगा। शिक्षा की गुणवत्ता, मध्याह्न भोजन, अध्यापकों व छात्रों की उपस्थित पर फोकस रहेगा। जब भी जांच होगी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर बाद में अधिकारियों पर जिम्मेदारी व कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।