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रामभक्तों के लिए तीर्थ बना अनशन स्थल हुआ वीरान
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:49 PM IST
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तपस्वी मंदिर पुलिस छावनी में तब्दील
अयोध्या। रामंमदिर निर्माण के लिए एक अक्तूबर से तपस्वी छावनी मंदिर परिसर में अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास को जबरन अनशन स्थल से उठाने की घटना को लेकर आक्रोश कायम है, तो वहीं तपस्वी छावनी मंदिर अब पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
कुछ ही दिनों पूर्व ही जहां जयश्रीराम के नारे लगते थे। रामनाम संकीर्तन होता था। जो स्थान रामभक्तों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं था। वही स्थान वर्तमान में वीरान हो चुका है। प्रशासन की सख्ती के चलते मंदिर की तरफ कोई नजर उठाने की भी हिमाकत नहीं कर पा रहा है।
मंदिर के पुजारी अजय बताते हैं कि महंत जी के जिम्मे ही सारी व्यवस्थाएं थी। उनके न रहने से मंदिर के भोग-राग का भी संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने मंदिर परिसर को छावनी में तब्दील कर रखा है, पुलिस की सख्ती से भक्त भी मंदिर आने से कतरा रहे हैं।
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वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा ने श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए एक अक्टूबर से अनशन पर बैठे स्वामी परमहंस दास को जबरन उठाए जाने की कड़ी निंदा की है। हिंदू महासभा ने जिला अध्यक्ष राकेशदत्त मिश्र की अध्यक्षता में बैठक कर पूरे मामले की भर्त्सना की है।
बैठक में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया, उन्होंने कहा कि स्वामी परमहंस दास की गिरफ्तारी 2019 में सत्ता से भाजपा की विदाई का संकेत है।
जिला अध्यक्ष राकेश दत्त मिश्र ने कहा कि भाजपा के शासन में मंदिर निर्माण की उम्मीद मिट चुकी है। वहीं शिवसेना के प्रदेश महासचिव अनिरुद्ध देव त्रिपाठी ने भी महंत परमहंस को जबरन उठाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा ने रामभक्तों को छलने का काम किया है।
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अयोध्या। रामंमदिर निर्माण के लिए एक अक्तूबर से तपस्वी छावनी मंदिर परिसर में अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास को जबरन अनशन स्थल से उठाने की घटना को लेकर आक्रोश कायम है, तो वहीं तपस्वी छावनी मंदिर अब पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
कुछ ही दिनों पूर्व ही जहां जयश्रीराम के नारे लगते थे। रामनाम संकीर्तन होता था। जो स्थान रामभक्तों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं था। वही स्थान वर्तमान में वीरान हो चुका है। प्रशासन की सख्ती के चलते मंदिर की तरफ कोई नजर उठाने की भी हिमाकत नहीं कर पा रहा है।
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मंदिर के पुजारी अजय बताते हैं कि महंत जी के जिम्मे ही सारी व्यवस्थाएं थी। उनके न रहने से मंदिर के भोग-राग का भी संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने मंदिर परिसर को छावनी में तब्दील कर रखा है, पुलिस की सख्ती से भक्त भी मंदिर आने से कतरा रहे हैं।
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वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा ने श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए एक अक्टूबर से अनशन पर बैठे स्वामी परमहंस दास को जबरन उठाए जाने की कड़ी निंदा की है। हिंदू महासभा ने जिला अध्यक्ष राकेशदत्त मिश्र की अध्यक्षता में बैठक कर पूरे मामले की भर्त्सना की है।
बैठक में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया, उन्होंने कहा कि स्वामी परमहंस दास की गिरफ्तारी 2019 में सत्ता से भाजपा की विदाई का संकेत है।
जिला अध्यक्ष राकेश दत्त मिश्र ने कहा कि भाजपा के शासन में मंदिर निर्माण की उम्मीद मिट चुकी है। वहीं शिवसेना के प्रदेश महासचिव अनिरुद्ध देव त्रिपाठी ने भी महंत परमहंस को जबरन उठाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा ने रामभक्तों को छलने का काम किया है।