{"_id":"5ba3e864867a557f70416dd7","slug":"191537468516-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संघ प्रमुख के बयान का मुस्लिम पक्षकारों ने किया इस्तकबाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संघ प्रमुख के बयान का मुस्लिम पक्षकारों ने किया इस्तकबाल
Updated Fri, 21 Sep 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संघ प्रमुख के बयान का रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद के पक्षकारों ने किया स्वागत
अयोध्या। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद के पक्षकारों ने स्वागत करते हुए समाज को जोड़ने वाला बयान बताया है।
मुस्लिम पक्षकारों ने भी मोहन भागवत के बयान का स्वागत करते हुए सराहनीय बताया और कहा कि यदि सरकार मुसलमानों के प्रति नेक इरादे रखती है तो हम इसका तहेदिल से स्वागत करते हैं।
वहीं संत-धर्माचार्यों ने भी मोहन भागवत के बयान को सराहा और कहा कि सभी धर्मों को साथ लेकर चलना ही विकास की तरफ आगे बढ़ना है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने एक बयान में कहा था कि मुस्लिम संघ से डरें नहीं, आकर समझें और परखें।
राम तो इमाम-ए-हिंद है, मंदिर तो बनना ही चाहिए। मुसलमान खुद पहल कर इसे बनवाते हैं, तो बरसों से उन पर उठ रही अंगुलियां झुक जाएंगी।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने मोहन भागवत के बयान को स्वागत योग्य बताया। कहा कि मुसलमान मोहन भागवत के बयान का इस्तकबाल करते हैं। आरएसएस को पहली बार मुसलमानों की याद आई हैं।
विज्ञापन
यह बहुत ही अच्छी बात है। निश्चित रूप से देश बदल रहा है। कहा कि देश की आजादी में हिंदू, मुस्लिम सभी का योगदान रहा है। मुसलमानों के प्रति आरएसएस की सोच सराहनीय है।
मुस्लिम पैरोकार हाजी महबूब ने आरएसएस प्रमुख के बयान को चुनावी बताते हुए कहा कि 2019 का चुनाव निकट है इसलिए संघ को मुसलमानों की याद आ रही है।
उनको पता है कि यदि मुसलमानों का सहारा नहीं लेंगे तो उनकी लुटिया निश्चित ही डूबने वाली है। कहा कि फिर भी यदि संघ प्रमुख मुसलमान के रुझान की बात कर रहे हैं तो उनका स्वागत है। मैं तो यहीं कहूंगा कि देर आए दुरुस्त आए।
हिंदू पक्षकार निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास ने भी संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को स्वागत योग्य बताया। कहा कि भगवान राम पूरे विश्व में पूजे जाते हैं। मुस्लिम समुदाय में भी भगवान राम के प्रति आस्था है।
यदि मुस्लिम राममंदिर निर्माण को आगे आएं तो इसका संदेश पूरे विश्व में जाएगा। बड़ी संख्या में मुस्लिम राममंदिर निर्माण के लिए आगे आ भी रहे हैं, यह प्रशंसनीय है।
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि मोहन भागवत का बयान स्वागत योग्य है। कहा कि उनका बयान यह दर्शाता है कि संघ जोड़ने पर विश्वास रखती है।
सभी धर्मों को साथ लेकर चलना ही विकास की सही एवं सच्ची अवधारणा है। देश में हिंदु-मुसलमान सभी का समान अधिकार है, मुसलमानों को भी राममंदिर निर्माण के लिए आगे आना चाहिए।
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि संघ प्रमुख ने सामाजिक समरसता की बात की है। उनका बयान स्वागत योग्य है। देश में लोकतंत्र प्रणाली है यहां सभी को एक साथ रहने का अधिकार है।
राममंदिर हिंदुओं का है, भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या है, इसलिए राममंदिर अयोध्या में ही बनना चाहिए। मुसलमानों को बड़ा दिल दिखातेे हुए राममंदिर के लिए आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
अयोध्या। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद के पक्षकारों ने स्वागत करते हुए समाज को जोड़ने वाला बयान बताया है।
मुस्लिम पक्षकारों ने भी मोहन भागवत के बयान का स्वागत करते हुए सराहनीय बताया और कहा कि यदि सरकार मुसलमानों के प्रति नेक इरादे रखती है तो हम इसका तहेदिल से स्वागत करते हैं।
वहीं संत-धर्माचार्यों ने भी मोहन भागवत के बयान को सराहा और कहा कि सभी धर्मों को साथ लेकर चलना ही विकास की तरफ आगे बढ़ना है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने एक बयान में कहा था कि मुस्लिम संघ से डरें नहीं, आकर समझें और परखें।
विज्ञापन
राम तो इमाम-ए-हिंद है, मंदिर तो बनना ही चाहिए। मुसलमान खुद पहल कर इसे बनवाते हैं, तो बरसों से उन पर उठ रही अंगुलियां झुक जाएंगी।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने मोहन भागवत के बयान को स्वागत योग्य बताया। कहा कि मुसलमान मोहन भागवत के बयान का इस्तकबाल करते हैं। आरएसएस को पहली बार मुसलमानों की याद आई हैं।
विज्ञापन
यह बहुत ही अच्छी बात है। निश्चित रूप से देश बदल रहा है। कहा कि देश की आजादी में हिंदू, मुस्लिम सभी का योगदान रहा है। मुसलमानों के प्रति आरएसएस की सोच सराहनीय है।
मुस्लिम पैरोकार हाजी महबूब ने आरएसएस प्रमुख के बयान को चुनावी बताते हुए कहा कि 2019 का चुनाव निकट है इसलिए संघ को मुसलमानों की याद आ रही है।
उनको पता है कि यदि मुसलमानों का सहारा नहीं लेंगे तो उनकी लुटिया निश्चित ही डूबने वाली है। कहा कि फिर भी यदि संघ प्रमुख मुसलमान के रुझान की बात कर रहे हैं तो उनका स्वागत है। मैं तो यहीं कहूंगा कि देर आए दुरुस्त आए।
हिंदू पक्षकार निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास ने भी संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को स्वागत योग्य बताया। कहा कि भगवान राम पूरे विश्व में पूजे जाते हैं। मुस्लिम समुदाय में भी भगवान राम के प्रति आस्था है।
यदि मुस्लिम राममंदिर निर्माण को आगे आएं तो इसका संदेश पूरे विश्व में जाएगा। बड़ी संख्या में मुस्लिम राममंदिर निर्माण के लिए आगे आ भी रहे हैं, यह प्रशंसनीय है।
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि मोहन भागवत का बयान स्वागत योग्य है। कहा कि उनका बयान यह दर्शाता है कि संघ जोड़ने पर विश्वास रखती है।
सभी धर्मों को साथ लेकर चलना ही विकास की सही एवं सच्ची अवधारणा है। देश में हिंदु-मुसलमान सभी का समान अधिकार है, मुसलमानों को भी राममंदिर निर्माण के लिए आगे आना चाहिए।
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि संघ प्रमुख ने सामाजिक समरसता की बात की है। उनका बयान स्वागत योग्य है। देश में लोकतंत्र प्रणाली है यहां सभी को एक साथ रहने का अधिकार है।
राममंदिर हिंदुओं का है, भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या है, इसलिए राममंदिर अयोध्या में ही बनना चाहिए। मुसलमानों को बड़ा दिल दिखातेे हुए राममंदिर के लिए आगे आना चाहिए।