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मानसून सर पर तो शुरु हुई नहरों की सिल्ट सफाई
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:52 AM IST
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मानसून सिर पर, अब शुरू हुई नहरों की सिल्ट सफाई
20 नहरों की सफाई को मिले महज साढ़े छह लाख
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। बारिश का सीजन अब प्रारंभ हो चुका है और मानसून सिर पर है तो यहां पर नहरों की सिल्ट-सफाई शुरू की गई है। इसे बजट पर हाथ-सफाई का खेल कहें या फिर कुछ और। सिंचाई विभाग ने करीब 20 नहरों की सिल्ट सफाई शुरू करा दी है।
सिंचाई खंड के एक्सईएन मनोज सिंह का कहना है कि बजट कम होने से सिर्फ उन्हीं नहरों को सिल्ट सफाई में लिया गया है, जो बेहद छोटी-छोटी हैं। एक्सईएन का कहना है कि उन्होंने नहरों की सिल्ट सफाई के पैसे की डिमांड महीनों पहले की थी। लेकिन पैसा देरी से मिलने के कारण काम भी देरी से कराया जा रहा है। कई बार ऐसा हुआ कि अवर्षण की स्थितियों में किसानों को नहरों से पानी नही मिल पाने की मुश्किलें हुई हैं। ऐसे में जो भी बजट मिले उतने में जरुरी व छोटी नहरों को शामिल करके काम शुरु करा दिया गया है। नहरों के सिल्ट सफाई के लिए विभाग को कुल साढ़े छह लाख रुपये दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह डिवीजन वैसे तो फैजाबाद-अम्बेडकरनगर में संचालित 53 नहरों से अधिक देखरेख कर रहा है। नहरें रुटीन में चालू भी हैं। लेकिन सिल्ट भरी होने से पांच-सात क्यूसेक पानी चल पाना मुहाल हो रहा है।
इनसेट
दुश्वारियां कम नहीं, बोझ घटेगा
जिन नहरों की सिल्ट सफाई करायी जा रही है, उससे किसानों को खास फायदा होने वाला नही हैं। जब तक कि बड़ी नहरों की सिल्ट सफाई नहीं होगी। एक्सईएन मनोज सिंह का कहना है कि इससे दुश्वारियां कम तो नहीं होगी, इतना जरुर है कि जहां सभी नहरों की सिल्ट हटाने की बात है तो छोटी-छोटी नहरों के साफ होने से बोझ हल्का होगा।
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20 नहरों की सफाई को मिले महज साढ़े छह लाख
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। बारिश का सीजन अब प्रारंभ हो चुका है और मानसून सिर पर है तो यहां पर नहरों की सिल्ट-सफाई शुरू की गई है। इसे बजट पर हाथ-सफाई का खेल कहें या फिर कुछ और। सिंचाई विभाग ने करीब 20 नहरों की सिल्ट सफाई शुरू करा दी है।
सिंचाई खंड के एक्सईएन मनोज सिंह का कहना है कि बजट कम होने से सिर्फ उन्हीं नहरों को सिल्ट सफाई में लिया गया है, जो बेहद छोटी-छोटी हैं। एक्सईएन का कहना है कि उन्होंने नहरों की सिल्ट सफाई के पैसे की डिमांड महीनों पहले की थी। लेकिन पैसा देरी से मिलने के कारण काम भी देरी से कराया जा रहा है। कई बार ऐसा हुआ कि अवर्षण की स्थितियों में किसानों को नहरों से पानी नही मिल पाने की मुश्किलें हुई हैं। ऐसे में जो भी बजट मिले उतने में जरुरी व छोटी नहरों को शामिल करके काम शुरु करा दिया गया है। नहरों के सिल्ट सफाई के लिए विभाग को कुल साढ़े छह लाख रुपये दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह डिवीजन वैसे तो फैजाबाद-अम्बेडकरनगर में संचालित 53 नहरों से अधिक देखरेख कर रहा है। नहरें रुटीन में चालू भी हैं। लेकिन सिल्ट भरी होने से पांच-सात क्यूसेक पानी चल पाना मुहाल हो रहा है।
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दुश्वारियां कम नहीं, बोझ घटेगा
जिन नहरों की सिल्ट सफाई करायी जा रही है, उससे किसानों को खास फायदा होने वाला नही हैं। जब तक कि बड़ी नहरों की सिल्ट सफाई नहीं होगी। एक्सईएन मनोज सिंह का कहना है कि इससे दुश्वारियां कम तो नहीं होगी, इतना जरुर है कि जहां सभी नहरों की सिल्ट हटाने की बात है तो छोटी-छोटी नहरों के साफ होने से बोझ हल्का होगा।
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