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ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड व ओवैशी जैसे बगैर मूंछों के रावण: वसीम रिजवी
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:49 PM IST
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ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड व ओवैसी राममंदिर निर्माण में रोड़ा : रिजवी
अयोध्या। पूरी दुनिया में हिंदू समाज के लोगों में इंसानियत है मोहब्बत है, लेकिन कुछ कट्टरपंथी जैसे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड या असदुद्दीन ओवैसी जैसे जिन्हें बगैर मूंछों के रावण कहा जाएगा।
वे राममंदिर निर्माण में रोड़ा बने हुए हैं। बाबर के जो पैरोकार हैं वह इस्लामिक दृष्टि से गुनहगार हैं क्योंकि किसी का हक मारना इस्लाम में गुनाह है। यह बातें शियावक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी सोमवार को कही।
उन्होंने हिंदू पक्षकारों सहित संत-धर्माचार्यों से भी मुलाकात की। वे अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि 29 अक्तूबर से राममंदिर मामले में सुनवाई शुरू हो रही है।
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उसी सिलसिले में पक्षकारों से मुलाकात करने अयोध्या आया हूं। रामलला का दर्शन करने आ रहे रामभक्तों का कष्ट देखकर यह अहसास हुआ कि वाकई जो बाबर के पैरोकार हैं वो इनके साथ ज्यादती कर रहे हैं।
कहा कि हमें कोर्ट के फैसले का इंतजार है। हम भी एक पक्षकार हैं। राममंदिर के पक्ष में हैं। अयोध्या में राममंदिर चाहिए। संवैधानिक रास्ते से या कोर्ट के जरिए राममंदिर का मार्ग प्रशस्त हो।
उन्होंने हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास सहित दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास से मुलाकात कर राममंदिर मुद्दे पर चर्चा की। चैबुर्जी मंदिर भी गए यहां महंत बृजमोहन दास की अगुवाई में संतों ने वसीम रिजवी का स्वागत किया।
इस दौरान शियावक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अशफाक हुसैन जिया सहित अन्य मौजूद रहे। वसीम रिजवी तपस्वी छावनी भी पहुंचे और राममंदिर के लिए अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास से मुलाकात की।
उन्होंने उनके साथ करीब 10 मिनट तक सांकेतिक अनशन भी किया। कहा कि प्रधानमंत्री को सबका आदर करना चाहिए, देश के राजा हैं। अनशन का मकसद पाक है, राममंदिर बनना चाहिए, बाधाएं खत्म होनी चाहिए।
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अयोध्या। पूरी दुनिया में हिंदू समाज के लोगों में इंसानियत है मोहब्बत है, लेकिन कुछ कट्टरपंथी जैसे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड या असदुद्दीन ओवैसी जैसे जिन्हें बगैर मूंछों के रावण कहा जाएगा।
वे राममंदिर निर्माण में रोड़ा बने हुए हैं। बाबर के जो पैरोकार हैं वह इस्लामिक दृष्टि से गुनहगार हैं क्योंकि किसी का हक मारना इस्लाम में गुनाह है। यह बातें शियावक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी सोमवार को कही।
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उन्होंने हिंदू पक्षकारों सहित संत-धर्माचार्यों से भी मुलाकात की। वे अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि 29 अक्तूबर से राममंदिर मामले में सुनवाई शुरू हो रही है।
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उसी सिलसिले में पक्षकारों से मुलाकात करने अयोध्या आया हूं। रामलला का दर्शन करने आ रहे रामभक्तों का कष्ट देखकर यह अहसास हुआ कि वाकई जो बाबर के पैरोकार हैं वो इनके साथ ज्यादती कर रहे हैं।
कहा कि हमें कोर्ट के फैसले का इंतजार है। हम भी एक पक्षकार हैं। राममंदिर के पक्ष में हैं। अयोध्या में राममंदिर चाहिए। संवैधानिक रास्ते से या कोर्ट के जरिए राममंदिर का मार्ग प्रशस्त हो।
उन्होंने हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास सहित दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास से मुलाकात कर राममंदिर मुद्दे पर चर्चा की। चैबुर्जी मंदिर भी गए यहां महंत बृजमोहन दास की अगुवाई में संतों ने वसीम रिजवी का स्वागत किया।
इस दौरान शियावक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अशफाक हुसैन जिया सहित अन्य मौजूद रहे। वसीम रिजवी तपस्वी छावनी भी पहुंचे और राममंदिर के लिए अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास से मुलाकात की।
उन्होंने उनके साथ करीब 10 मिनट तक सांकेतिक अनशन भी किया। कहा कि प्रधानमंत्री को सबका आदर करना चाहिए, देश के राजा हैं। अनशन का मकसद पाक है, राममंदिर बनना चाहिए, बाधाएं खत्म होनी चाहिए।