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विहिप की मंशा पूरे विश्व में स्थापित हो भारत का प्रभुत्व: पंकज
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:48 AM IST
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विहिप की मंशा पूरे विश्व में स्थापित हो भारत का प्रभुत्व
अयोध्या। विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पकंज ने कहा कि भारत की संस्कृति व सभ्यता से पूरा विश्व प्रभावित है। भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र है। अहिंसा, दया, करुणा व शांति की जगह है भारत। विश्व के अन्य देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंध कैसे हैं इसको उजागर करने के लिए यह यात्रा योजना चलाई जा रही है।
बताया कि हर वर्ष विहिप के विदेश विभाग प्रवासी भारतीयों को तीर्थाटन कराते हैं। इस बार अयोध्या आकर दर्शन-पूजन किया है। कहा कि विहिप चाहती है कि भारत का प्रभुत्व पूरे विश्व में स्थापित हो। उन्होंने बताया कि 7 से 9 सितंबर तक शिकागो में वर्ल्ड हिंदू कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है। आज पूरा विश्व शांति खोजने में लगा है। भारत, शांति, करुणा व अहिंसा का संवाहक है। भारत में तीर्थाटन हो, सांस्कृतिक आदान-प्रदान हो इसके प्रयास विहिप करती रहती है। उन्होंने कहा कि पर्यटन ने तीर्थाटन को प्रभावित किया है। सरकार को चाहिए कि वह तीर्थाटन व पर्यटन मंत्रालय अलग करे, इसके लिए अलग से बजट बनाए। कहा कि अयोध्या में फौव्वारा लगाने से पर्यटन नहीं बढ़ेगा, बल्कि रामलला के दर्शन से पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन व तीर्थाटन का उद्देश्य वैधानिक दृष्टि से अलग होना चाहिए।
‘सबसे बड़ी अयोध्या नगरी, जहां राम लीन्ह अवतार’
अयोध्या। विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रवासी भारतीयों ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। मणिरामदास की छावनी पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों का स्वागत सत्कार किया गया। महंत नृत्यगोपाल दास ने प्रवासी भारतीयों को अयोध्या की महिमा सुनाते हुए कहा कि ‘सबसे बड़ी अयोध्या नगरी, जहां राम लीन्ह अवतार’... अयोध्या सप्तपुरियों में सर्वश्रेष्ठ है। सृष्टि का आरंभ अयोध्या से ही है। अयोध्या सारे संसार का मस्तक है। यहां पावन सलिला सरयू प्रवाहित होती है। कहा कि अलग-अलग देशों से आए प्रवासी भारतीयों के मन में राममंदिर निर्माण की प्रबल इच्छा देखकर मन को प्रसन्नता की अनुभूति हुई है कि। कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों का भाव भी राममंदिर से जुड़ा हुआ है यह अति प्रसन्नता की बात है साथ ही साथ पूरे विश्व में भारत के प्रभुत्व एवं सांस्कृतिक, आध्यात्मिक दृढ़ता का द्योतक है।
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अयोध्या। विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पकंज ने कहा कि भारत की संस्कृति व सभ्यता से पूरा विश्व प्रभावित है। भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र है। अहिंसा, दया, करुणा व शांति की जगह है भारत। विश्व के अन्य देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंध कैसे हैं इसको उजागर करने के लिए यह यात्रा योजना चलाई जा रही है।
बताया कि हर वर्ष विहिप के विदेश विभाग प्रवासी भारतीयों को तीर्थाटन कराते हैं। इस बार अयोध्या आकर दर्शन-पूजन किया है। कहा कि विहिप चाहती है कि भारत का प्रभुत्व पूरे विश्व में स्थापित हो। उन्होंने बताया कि 7 से 9 सितंबर तक शिकागो में वर्ल्ड हिंदू कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है। आज पूरा विश्व शांति खोजने में लगा है। भारत, शांति, करुणा व अहिंसा का संवाहक है। भारत में तीर्थाटन हो, सांस्कृतिक आदान-प्रदान हो इसके प्रयास विहिप करती रहती है। उन्होंने कहा कि पर्यटन ने तीर्थाटन को प्रभावित किया है। सरकार को चाहिए कि वह तीर्थाटन व पर्यटन मंत्रालय अलग करे, इसके लिए अलग से बजट बनाए। कहा कि अयोध्या में फौव्वारा लगाने से पर्यटन नहीं बढ़ेगा, बल्कि रामलला के दर्शन से पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन व तीर्थाटन का उद्देश्य वैधानिक दृष्टि से अलग होना चाहिए।
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‘सबसे बड़ी अयोध्या नगरी, जहां राम लीन्ह अवतार’
अयोध्या। विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रवासी भारतीयों ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। मणिरामदास की छावनी पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों का स्वागत सत्कार किया गया। महंत नृत्यगोपाल दास ने प्रवासी भारतीयों को अयोध्या की महिमा सुनाते हुए कहा कि ‘सबसे बड़ी अयोध्या नगरी, जहां राम लीन्ह अवतार’... अयोध्या सप्तपुरियों में सर्वश्रेष्ठ है। सृष्टि का आरंभ अयोध्या से ही है। अयोध्या सारे संसार का मस्तक है। यहां पावन सलिला सरयू प्रवाहित होती है। कहा कि अलग-अलग देशों से आए प्रवासी भारतीयों के मन में राममंदिर निर्माण की प्रबल इच्छा देखकर मन को प्रसन्नता की अनुभूति हुई है कि। कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों का भाव भी राममंदिर से जुड़ा हुआ है यह अति प्रसन्नता की बात है साथ ही साथ पूरे विश्व में भारत के प्रभुत्व एवं सांस्कृतिक, आध्यात्मिक दृढ़ता का द्योतक है।
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