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अपहरण के आरोप में दारोगा तलब
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:48 PM IST
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मामले में अगली सुनवाई 23 अक्तूबर को
फैजाबाद। किसान को थाने में जबरन बैठाए रखने, उससे सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाने, 25 हजार रुपए वसूलने के मामले में बीकापुर कोतवाली के पूर्व दारोगा को कोर्ट ने विचारण के लिए तलब किया है। यह तलबी आदेश किसान की ओर से दायर इस्तगासा पर सुनवाई के बाद एसीजेएम रवीश कुमार अत्री की कोर्ट से हुआ।
कोतवाली बीकापुर के परामा निवासी प्रदीप कुमार पांडेय नें कोर्ट में दाखिल इस्तगासा में आरोप लगाया है कि उसके और तेज बहादुर पटेल निवासी गंभीरा थाना जेठवारा जिला प्रतापगढ़ के बीच हल्दी की खेती के लिए करार हुआ था।
करार के तहत तेज बहादुर से प्रदीप को 50 हजार रुपये मिलने थे। लेकिन उसने रुपए नहीं दिए। 6 सितंबर 2015 को बीकापुर कोतवाली के दारोगा जगदीश यादव और तेज बहादुर उसके घर पहुंचे और किसी मुकदमे में विवेचना की बात बताकर उसे कोतवाली बीकापुर ले गए।
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वहां उसे दिन भर बैठाए रखे। सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाया और समझौते का दबाव बनाया। बातें न मानने पर उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई। कहीं सुनवाई न होने पर किसान ने कोर्ट में इस्तगासा दाखिल किया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दारोगा जगदीश यादव और तेज बहादुर को अपहरण, सदोष अवरोध, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया है। मामले में अगली पेशी 23 अक्तूबर निश्चित की गई है।
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फैजाबाद। किसान को थाने में जबरन बैठाए रखने, उससे सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाने, 25 हजार रुपए वसूलने के मामले में बीकापुर कोतवाली के पूर्व दारोगा को कोर्ट ने विचारण के लिए तलब किया है। यह तलबी आदेश किसान की ओर से दायर इस्तगासा पर सुनवाई के बाद एसीजेएम रवीश कुमार अत्री की कोर्ट से हुआ।
कोतवाली बीकापुर के परामा निवासी प्रदीप कुमार पांडेय नें कोर्ट में दाखिल इस्तगासा में आरोप लगाया है कि उसके और तेज बहादुर पटेल निवासी गंभीरा थाना जेठवारा जिला प्रतापगढ़ के बीच हल्दी की खेती के लिए करार हुआ था।
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करार के तहत तेज बहादुर से प्रदीप को 50 हजार रुपये मिलने थे। लेकिन उसने रुपए नहीं दिए। 6 सितंबर 2015 को बीकापुर कोतवाली के दारोगा जगदीश यादव और तेज बहादुर उसके घर पहुंचे और किसी मुकदमे में विवेचना की बात बताकर उसे कोतवाली बीकापुर ले गए।
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वहां उसे दिन भर बैठाए रखे। सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाया और समझौते का दबाव बनाया। बातें न मानने पर उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई। कहीं सुनवाई न होने पर किसान ने कोर्ट में इस्तगासा दाखिल किया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दारोगा जगदीश यादव और तेज बहादुर को अपहरण, सदोष अवरोध, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया है। मामले में अगली पेशी 23 अक्तूबर निश्चित की गई है।