{"_id":"598a044f4f1c1b00118b4607","slug":"181502217295-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर्स की लापरवाही से नवजात की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नर्स की लापरवाही से नवजात की मौत, हंगामा
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवारीजनों का आरोप चाय पीने के बाद ही बच्चे को देखने गई नर्स
फैजाबाद। इलाज में लापरवाही से जिला महिला अस्पताल में जन्म के कुछ समय बाद ही एक नवजात की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिवारीजनों ने काफी देर तक हंगामा किया। अधीक्षक के काफी समझाने-बुझाने परिवारीजन शांत हुए।
बीकापुर क्षेत्र की तेंदुआमाफी सूबेदार का पुरवा की रहने वाली महिला नीलम पांडेय पत्नी वेदमन पांडेय को प्रसव के लिए मंगलवार को दिन में करीब सवा 11 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। महिला ने दोपहर करीब एक बजे एक पुत्र को जन्म दिया।
जन्म के कुछ समय बाद नवजात की हालत गंभीर होने पर पिता वेदमन ने स्टाफ रूम में जाकर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स से शिशु को देखने के लिए कहा। तभी मौजूद सभी नर्सों के लिए चाय आ गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नर्स ने चाय पीने के बाद ही शिशु को देखने की बात कही।
विज्ञापन
युवक वहीं खड़ा गिड़गिड़ाता रहा लेकिन संवेदनहीनता की सारी हदें पार करके नर्स ने बिना चाय पिये नवजात को नहीं देखा। युवक के अनुसार करीब आधे घंटे बाद स्टाफ नर्स वार्ड में गई तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। इसके बाद गुस्साए परिवारीजनों ने स्टाफ नर्स के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
वेदमन ने कहा कि आधे घंटे चाय पीने के बाद नर्स ने बच्चे को देखा और कहा कि बच्चा उल्टा था जिससे उसकी मौत हो गई। उसने कहा कि यदि वह पहले ही बच्चे को देख लेती तो शायद उसकी जान बच जाती। सूचना पर प्रभारी सीएमएस मौके पर पहुंचे।
परिवारीजनों की उनसे भी झड़प हो गई। बड़ी देर बाद स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर परिवारीजन शांत हुए। उधर शिशु की मौत के बाद महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
गले में नाल फंसे होने से हुई मौत
शिशु के गले में चार नाल फंसी हुई थी, जिससे उसकी मौत हो गई, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। युवक को तीन पुत्रियाें के बाद पुत्र की प्राप्ति हुई थी, जिससे उसका बौखलाना जायज है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-एसएन शुक्ला, सीएमएस महिला चिकित्सालय
विज्ञापन
फैजाबाद। इलाज में लापरवाही से जिला महिला अस्पताल में जन्म के कुछ समय बाद ही एक नवजात की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिवारीजनों ने काफी देर तक हंगामा किया। अधीक्षक के काफी समझाने-बुझाने परिवारीजन शांत हुए।
बीकापुर क्षेत्र की तेंदुआमाफी सूबेदार का पुरवा की रहने वाली महिला नीलम पांडेय पत्नी वेदमन पांडेय को प्रसव के लिए मंगलवार को दिन में करीब सवा 11 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। महिला ने दोपहर करीब एक बजे एक पुत्र को जन्म दिया।
विज्ञापन
जन्म के कुछ समय बाद नवजात की हालत गंभीर होने पर पिता वेदमन ने स्टाफ रूम में जाकर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स से शिशु को देखने के लिए कहा। तभी मौजूद सभी नर्सों के लिए चाय आ गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नर्स ने चाय पीने के बाद ही शिशु को देखने की बात कही।
विज्ञापन
युवक वहीं खड़ा गिड़गिड़ाता रहा लेकिन संवेदनहीनता की सारी हदें पार करके नर्स ने बिना चाय पिये नवजात को नहीं देखा। युवक के अनुसार करीब आधे घंटे बाद स्टाफ नर्स वार्ड में गई तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। इसके बाद गुस्साए परिवारीजनों ने स्टाफ नर्स के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
वेदमन ने कहा कि आधे घंटे चाय पीने के बाद नर्स ने बच्चे को देखा और कहा कि बच्चा उल्टा था जिससे उसकी मौत हो गई। उसने कहा कि यदि वह पहले ही बच्चे को देख लेती तो शायद उसकी जान बच जाती। सूचना पर प्रभारी सीएमएस मौके पर पहुंचे।
परिवारीजनों की उनसे भी झड़प हो गई। बड़ी देर बाद स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर परिवारीजन शांत हुए। उधर शिशु की मौत के बाद महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
गले में नाल फंसे होने से हुई मौत
शिशु के गले में चार नाल फंसी हुई थी, जिससे उसकी मौत हो गई, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। युवक को तीन पुत्रियाें के बाद पुत्र की प्राप्ति हुई थी, जिससे उसका बौखलाना जायज है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-एसएन शुक्ला, सीएमएस महिला चिकित्सालय