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रामनगरी में बुढ़वा मंगल पर उमड़ी आस्था
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:04 AM IST
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रामनगरी में बुढ़वा मंगल पर उमड़ी आस्था
अयोध्या। बुढ़वा मंगल पर मंगलवार को रामनगरी में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों का रेला लगा रहा। मतगजेंद्र मंदिर पर परंपरागत मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उमड़े भक्तों ने अयोध्या के कोतवाल के रूप में पूजित मतगजेंद्र भगवान का पूजन-अर्चन किया। वहीं राजद्वार पार्क तथा श्याम क्लब के तत्वावधान में अशर्फी भवन पर दंगल का भी आयोजन किया गया जिसमें पहलवानों ने अपने-अपने दांव दिखाए।
होली पर्व के बाद पड़ने वाले पहले मंगल को बड़े मंगल के रूप में मनाया जाता है। बुढ़वा मंगल पर सुबह से ही रामनगरी में श्रद्धालु-भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। सरयू स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों, प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, कनक भवन, हनुमानगढ़ी व रामलला के दरबार में माथा टेका। मंगलवार होने के नाते हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भट्ठों व अन्य स्थानों पर मजदूरी करने वाले मजदूरों की भीड़ से हनुमानगढ़ी व आसपास के क्षेत्रों में सुबह से शाम तक मेले जैसा दृश्य रहा। भीड़ के दबाव के मद्देनजर पुलिस को यातायात भी प्रतिबंधित कर देना पड़ा, श्रीराम से लेकर नयाघाट तक चार पहिया वाहन प्रतिबंधित रहे। सांयकाल मतगजेंद्र मंदिर पर परंपरागत ढंग से मेले का भव्य आयोजन किया गया। अयोध्या कोतवाल के रूप में पूजित मजगजेंद्र भगवान का पूजन अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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अयोध्या। बुढ़वा मंगल पर मंगलवार को रामनगरी में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों का रेला लगा रहा। मतगजेंद्र मंदिर पर परंपरागत मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उमड़े भक्तों ने अयोध्या के कोतवाल के रूप में पूजित मतगजेंद्र भगवान का पूजन-अर्चन किया। वहीं राजद्वार पार्क तथा श्याम क्लब के तत्वावधान में अशर्फी भवन पर दंगल का भी आयोजन किया गया जिसमें पहलवानों ने अपने-अपने दांव दिखाए।
होली पर्व के बाद पड़ने वाले पहले मंगल को बड़े मंगल के रूप में मनाया जाता है। बुढ़वा मंगल पर सुबह से ही रामनगरी में श्रद्धालु-भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। सरयू स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों, प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, कनक भवन, हनुमानगढ़ी व रामलला के दरबार में माथा टेका। मंगलवार होने के नाते हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भट्ठों व अन्य स्थानों पर मजदूरी करने वाले मजदूरों की भीड़ से हनुमानगढ़ी व आसपास के क्षेत्रों में सुबह से शाम तक मेले जैसा दृश्य रहा। भीड़ के दबाव के मद्देनजर पुलिस को यातायात भी प्रतिबंधित कर देना पड़ा, श्रीराम से लेकर नयाघाट तक चार पहिया वाहन प्रतिबंधित रहे। सांयकाल मतगजेंद्र मंदिर पर परंपरागत ढंग से मेले का भव्य आयोजन किया गया। अयोध्या कोतवाल के रूप में पूजित मजगजेंद्र भगवान का पूजन अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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