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अब अवध विवि की परीक्षाएं भी सीसीटीवी की निगरानी में
Updated Mon, 19 Feb 2018 12:16 AM IST
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अब अवध विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी सीसीटीवी की निगरानी में
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय 12 मार्च से होने वाली मुख्य परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जा रहा है। परीक्षा को नकलविहीन व शुचितापूर्ण संपन्न कराए के लिए यूपी बोर्ड की तर्ज पर महाविद्यालयों में होने वाली मुख्य परीक्षा को सीसीटीवी की निगरानी में कराएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा है कि महाविद्यालयों में सिर्फ सीसीटीवी ही न लगे, बल्कि इसे इंटरनेट के माध्यम से जोड़ा जाए। जिससे विश्वविद्यालय के आला अफसर हर कमरे की पूरी परीक्षा पर नजर रख सकें।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय सामूहिक नकल के मामलों में काफी नामचीन रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के काफी प्रयासों के बाद भी नकलरोधी अभियान सफल नहीं हो पाया है। यह पहली बार होगा कि नकलविहीन परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय सीसीटीवी का इस्तेमाल करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य व प्रबंधकों से सीसीटीवी के विषय में जानकारी मांगी है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसएल पाल ने समस्त महाविद्यालयों को पत्र जारी करकहा है कि इस बार सेंटर स्वैपिंग व्यवस्था व मुख्य परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में संपादित होनी है। उन्होंने महाविद्यालयों से आईपी बेस्ड कैमरों की संख्या, डीवीआर व एनवीआर इंटरनेट के साथ जोड़ने के लिए डीवीआर व एनवीआर का यूजर नेम व पासवर्ड मांगा है। साथ ही यह भी चेताया है कि किसी भी परिस्थिति में सीसीटीवी बंद नहीं होने पाए। इसके लिए यूपीएस व इंवेटर की उपलब्धता बनाने को बताने को महाविद्यालयों से कहा गया है। इसके बैकअप की भी जानकारी भी महाविद्यालयों को देनी है। इसके अलावा उपकरणों के क्रियाशील होने एवं संचालन से संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम व उसका मोबाइल नंबर भी देना होगा। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि महाविद्यालयों को कैमरों को लॉगिंग व पासवर्ड विश्वविद्यालय को भी उपलब्ध कराना होगा।
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इस बार सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षाएं कराने की तैयारी तेजी से चल रही है। नकल रोकने के लिए कुलपति के निर्देश पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस बारे में कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही इनरनेट से सीसीवीटी को जोड़ा जाना है, ताकि विश्वविद्यालय से भी हर कमरों पर नजर रखी जा सके।- डॉ. एसएल पाल, परीक्षा नियंत्रक
स्क्वॉयड दल भी हो जीपीएस से लैस
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि परीक्षा को नकलविहीन व शुचितापूर्ण संपन्न कराए जाने के लिए सचल दलों की भी निगरानी आवश्यक है। इनका आरोप है कि पूर्ववत परीक्षाओं में सचल दलों की भूमिका संदिग्ध रही है, इस कारण वश सचल दलों को जीपीएस से लैस किया जाए ताकि इनकी सही लोकेशन विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलती रहे।
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय 12 मार्च से होने वाली मुख्य परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जा रहा है। परीक्षा को नकलविहीन व शुचितापूर्ण संपन्न कराए के लिए यूपी बोर्ड की तर्ज पर महाविद्यालयों में होने वाली मुख्य परीक्षा को सीसीटीवी की निगरानी में कराएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा है कि महाविद्यालयों में सिर्फ सीसीटीवी ही न लगे, बल्कि इसे इंटरनेट के माध्यम से जोड़ा जाए। जिससे विश्वविद्यालय के आला अफसर हर कमरे की पूरी परीक्षा पर नजर रख सकें।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय सामूहिक नकल के मामलों में काफी नामचीन रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के काफी प्रयासों के बाद भी नकलरोधी अभियान सफल नहीं हो पाया है। यह पहली बार होगा कि नकलविहीन परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय सीसीटीवी का इस्तेमाल करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य व प्रबंधकों से सीसीटीवी के विषय में जानकारी मांगी है।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसएल पाल ने समस्त महाविद्यालयों को पत्र जारी करकहा है कि इस बार सेंटर स्वैपिंग व्यवस्था व मुख्य परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में संपादित होनी है। उन्होंने महाविद्यालयों से आईपी बेस्ड कैमरों की संख्या, डीवीआर व एनवीआर इंटरनेट के साथ जोड़ने के लिए डीवीआर व एनवीआर का यूजर नेम व पासवर्ड मांगा है। साथ ही यह भी चेताया है कि किसी भी परिस्थिति में सीसीटीवी बंद नहीं होने पाए। इसके लिए यूपीएस व इंवेटर की उपलब्धता बनाने को बताने को महाविद्यालयों से कहा गया है। इसके बैकअप की भी जानकारी भी महाविद्यालयों को देनी है। इसके अलावा उपकरणों के क्रियाशील होने एवं संचालन से संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम व उसका मोबाइल नंबर भी देना होगा। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि महाविद्यालयों को कैमरों को लॉगिंग व पासवर्ड विश्वविद्यालय को भी उपलब्ध कराना होगा।
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इस बार सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षाएं कराने की तैयारी तेजी से चल रही है। नकल रोकने के लिए कुलपति के निर्देश पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस बारे में कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही इनरनेट से सीसीवीटी को जोड़ा जाना है, ताकि विश्वविद्यालय से भी हर कमरों पर नजर रखी जा सके।- डॉ. एसएल पाल, परीक्षा नियंत्रक
स्क्वॉयड दल भी हो जीपीएस से लैस
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि परीक्षा को नकलविहीन व शुचितापूर्ण संपन्न कराए जाने के लिए सचल दलों की भी निगरानी आवश्यक है। इनका आरोप है कि पूर्ववत परीक्षाओं में सचल दलों की भूमिका संदिग्ध रही है, इस कारण वश सचल दलों को जीपीएस से लैस किया जाए ताकि इनकी सही लोकेशन विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलती रहे।