{"_id":"5d0bc3d58ebc3e1dfb07bb1b","slug":"156105210220-faizabad-news68","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी नर्सरी में तैयार पौधों से विवि बनाएगा औषधीय गार्डन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपनी नर्सरी में तैयार पौधों से विवि बनाएगा औषधीय गार्डन
विज्ञापन
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि ने अपनी नर्सरी तैयार करने की योजना बनाई है। विवि ने अपनी नर्सरी से एक साथ कई कार्यों को साधने का खाका खींचा है।
विवि ने अपने परिसर में होने वाले पौधरोपण व न्यू कैंपस में बनने वाले औषधीय गार्डेन के लिए पौधे तैयार करने की योजना बनाई है।
साथ ही निकट भविष्य में अपनी नर्सरी से पौधों को क्रय किए जाने की भी रणनीति तय हुई है। हालांकि विवि प्रशासन का विशेष फोकस औषधीय पौधों की नर्सरी तैयार करना है। अभी तक इस प्रकार की नर्सरी आसपास के जनपदों में नहीं है।
अवध विवि अपनी न्यू कैंपस के ढाई एकड़ में औषधीय गार्डन बना रहा है। इसके लिए विवि प्रशासन ने सीमैप व एनबीआरआई जैसी प्रतिष्ठित औषधीय व बायोमेडिकल प्लांट के बारे में रिसर्च करने वाली संस्थाओं से एमओयू कर रखा है।
विज्ञापन
दोनों संस्थाओं की देखरेख में न्यू कैंपस में औषधीय गार्डन बनेगा। दूसरी ओर विवि प्रशासन पौधरोपण पर सघन अभियान चला रहा है। विवि ने पिछले वर्ष 25 हजार पौधे रोपित किए थे।
इस वर्ष पौधे रोपित करने का लक्ष्य एक लाख से अधिक है। इन तमाम तथ्यों के दृष्टिगत विवि प्रशासन ने खुद की अपनी नर्सरी तैयार करने का निर्णय लिया है।
इसमें पौधरोपण अभियान के पौधे तैयार करने के अलावा औषधीय पौधों की नर्सरी तैयार की जाएगी। विवि का विशेष फोकस औषधीय पौधों को लेकर होगा।
विवि प्रशासन ने एमओयू हुई दोनों संस्थाओं से नर्सरी में भी सहयोग लेने की ठानी है। विवि प्रशासन की ओर फिलहाल यह नर्सरी विवि के पूर्व में रहे गाड़ी स्टैंड के सामने बने खाली स्थान पर बनाने का निर्णय लिया है।
विवि प्रशासन का मानना है कि नर्सरी होने से विद्यार्थियों को भी प्लांटेशन का कार्य सीखने में मदद मिलेगी। साथ पौधों के गुण-धर्म के बारे में भी जान सकेंगे। विवि प्रशासन का मानना है कि अभी तक इस प्रकार की नर्सरी सिर्फ लखनऊ में स्थित एनबीआरआई बड़े संस्थानों के पास है।
अवध विवि के परिसर मेें चल रहे सघन पौधरोपण अभियान व न्यू कैंपस में बनने वाले औषधीय गार्डन के चलते एक परिसर में एक नर्सरी बनाए जाने की तैयारी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू होगा।
- प्रो. मनोज दीक्षित, वीसी अवध विवि
विज्ञापन
विवि ने अपने परिसर में होने वाले पौधरोपण व न्यू कैंपस में बनने वाले औषधीय गार्डेन के लिए पौधे तैयार करने की योजना बनाई है।
साथ ही निकट भविष्य में अपनी नर्सरी से पौधों को क्रय किए जाने की भी रणनीति तय हुई है। हालांकि विवि प्रशासन का विशेष फोकस औषधीय पौधों की नर्सरी तैयार करना है। अभी तक इस प्रकार की नर्सरी आसपास के जनपदों में नहीं है।
विज्ञापन
अवध विवि अपनी न्यू कैंपस के ढाई एकड़ में औषधीय गार्डन बना रहा है। इसके लिए विवि प्रशासन ने सीमैप व एनबीआरआई जैसी प्रतिष्ठित औषधीय व बायोमेडिकल प्लांट के बारे में रिसर्च करने वाली संस्थाओं से एमओयू कर रखा है।
विज्ञापन
दोनों संस्थाओं की देखरेख में न्यू कैंपस में औषधीय गार्डन बनेगा। दूसरी ओर विवि प्रशासन पौधरोपण पर सघन अभियान चला रहा है। विवि ने पिछले वर्ष 25 हजार पौधे रोपित किए थे।
इस वर्ष पौधे रोपित करने का लक्ष्य एक लाख से अधिक है। इन तमाम तथ्यों के दृष्टिगत विवि प्रशासन ने खुद की अपनी नर्सरी तैयार करने का निर्णय लिया है।
इसमें पौधरोपण अभियान के पौधे तैयार करने के अलावा औषधीय पौधों की नर्सरी तैयार की जाएगी। विवि का विशेष फोकस औषधीय पौधों को लेकर होगा।
विवि प्रशासन ने एमओयू हुई दोनों संस्थाओं से नर्सरी में भी सहयोग लेने की ठानी है। विवि प्रशासन की ओर फिलहाल यह नर्सरी विवि के पूर्व में रहे गाड़ी स्टैंड के सामने बने खाली स्थान पर बनाने का निर्णय लिया है।
विवि प्रशासन का मानना है कि नर्सरी होने से विद्यार्थियों को भी प्लांटेशन का कार्य सीखने में मदद मिलेगी। साथ पौधों के गुण-धर्म के बारे में भी जान सकेंगे। विवि प्रशासन का मानना है कि अभी तक इस प्रकार की नर्सरी सिर्फ लखनऊ में स्थित एनबीआरआई बड़े संस्थानों के पास है।
अवध विवि के परिसर मेें चल रहे सघन पौधरोपण अभियान व न्यू कैंपस में बनने वाले औषधीय गार्डन के चलते एक परिसर में एक नर्सरी बनाए जाने की तैयारी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू होगा।
- प्रो. मनोज दीक्षित, वीसी अवध विवि