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अब प्रदूषण मुक्त होगी मोक्ष दायिनी सरयू

Mon, 29 Apr 2019 12:21 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2019 12:21 AM IST
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अब प्रदूषण मुक्त होगी मोक्ष दायिनी सरयू
अब प्रदूषण मुक्त होगी सरयू
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अयोध्या। सप्तपुरियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली रामनगरी की शोभा मोक्ष दायिनी मां सरयू को प्रदूषण मुक्त करने का काम अब शुरू हो चुका है। आस्था का केंद्र पवित्र सरयू नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नमामि गंगे योजना के अंतर्गत 37 करोड़ की धनराशि दी गई है।

इस योजना के तहत सरयू में सीधे गिर रहे पांच प्रमुख नाले को ट्रैप करने का काम गोलाघाट से राजघाट तक बिछाई जा रही 1200 मीटर सीवर ट्रंक लाइन से शुरू हुआ है। रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने इसकी प्रशंसा की है।
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मोक्ष दायनी सरयू को प्रदूषण मुक्त करने की मांग लंबे समय से रामनगरी के संत धर्माचार्यों द्वारा की जाती रही है। 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आई तो रामनगरी के संतों की उम्मीद प्रबल हुई और सरयू को प्रदूषण मुक्त करने की मांग मुखर हो उठी।
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संतों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सरयू को प्रदूषण मुक्त करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने संतों की मांग को गंभीरता से लेते हुए सरयू को प्रदूषण मुक्त करने का ऐलान किया था जो अब फलीभूत होता नजर आ रहा है ।

जल निगम ने सरयू में सीधे गिर रहे नालों को बंद करने का काम शुरू कर दिया है इसकी शुरुआत राजघाट से की गई है। गोलाघाट-1, गोलाघाट-2, ऋणमोचन घाट, गोड़ियाना और राजघाट नाला अभी तक सीधे सरयू की जलधारा में प्रवाहित हो रहे हैं।

मौजूदा समय में राजघाट का नाला सरयू को सर्वाधिक प्रदूषित कर रहा है। कारण यह है कि इसमें अयोध्या ही नहीं फैजाबाद शहर का गंदा पानी भी पहुंच रहा है । जिससे सरयू लगातार प्रदूषित हो रही है। लेकिन अब ऐसा नही होगा।

जल निगम ने सरयू में गिरने वाली गंदगी को रोकने का काम शुरू कर दिया है। इसकेे लिए पांच नालों को ट्रैप किए जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है ।

पहले चरण में राजघाट से गिर रहे नाले को ट्रैप करने का काम शुरू हुआ है। इसके तहत गोलाघाट से राजघाट तक उल्टी दिशा में 1200 मीटर सीवर लाइन डालने का काम शुरू हो चुका है।

साथ ही राजघाट पार्क के नीचे एक आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग सेंटर )भी स्थापित किए जाने की योजना है यहां पर सभी नालों का गंदा पानी 1200 मीटर सीवर लाइन में पंपिंग के जरिए पहुंचाया जाएगा।

आईपीएस में गंदा पानी एकत्र होने के बाद काशीराम कॉलोनी में बनी 12 एमएलडी की एसटीपी में सीवर लाइन के जरिए भेजा जाएगा। यहां से इन नालों के गंदे पानी को फिल्टर कर सरयू की जलधारा में प्रवाहित कर दिया जाएगा।

इससे सरयू नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा। इसके अलावा इन 5 नालो में बरसात के दिनों में एकत्र होने वाले पानी भी फ़िल्टर कर सीधे सरयू में छोड़ दिए जाएंगे।

परियोजना प्रबंधक, जल निगम सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सरयू में गिर रहे नालों को बरसात शुरू होने से पूर्व ही बंद करने की योजना है। इसको लेकर 37 करोड़ से तेजी से काम चल रहा है। सरयू में गिर रहे नालों को ट्रैप करने का काम राजघाट से शुरू किया जा चुका है।


गोलाघाट से राजघाट तक सीवर लाइन डाली जा रही है। इसी लाइन के जरिए सरयू में गिर रहे गंदे पानी को फिल्टर किया जाएगा मारा लक्ष्य की जुलाई तक नालों को ट्रैप करने का काम कर लिया जाएगा।
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