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जिला अस्पताल से भी नहीं लिखी जातीं जेनरिक दवाएं

Fri, 03 Aug 2018 12:05 AM IST
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:05 AM IST
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जिला अस्पताल से भी नहीं लिखी जातीं जेनरिक दवाएं
जिला अस्पताल से भी नहीं लिखी जातीं जेनेरिक दवाएं
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फैजाबाद। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के उद्देश्य को सरकारी डॉक्टर भी पलीता लगा रहे हैं। ओपीडी में जेनेरिक दवाओं के लिए फार्मूला लिखने के बजाय ब्रांडेड दवाओं के नाम से सादी पर्ची पर दवाएं लिखते हैं। कुछ भर्ती मरीजों के लिए जेनरिक दवाएं लिखी जाती है तो मिलती नहीं है। यहीं नहीं भ्रांतियां भी खूब फैलाई जाती है कि जेनेरिक दवा सस्ती व खड़िया की तरह होती है, फायदा नहीं करेगी। लिहाजा जिला अस्पताल के जनऔषधि केंद्र के पास ही निजी दवा दुकानों पर भारी भीड़ कम नहीं हो रही है।
ब्रांडेड दवाओं के नाम पर हो रही कमीशनबाजी को रोकने व मरीजों को इलाज में सहूलियत देने के लिए जिले के तीन प्रमुख अस्पतालों में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले गए हैं। जबकि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों द्वारा जेनेरिक दवाएं न लिखकर कमीशनयुक्त दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। प्रत्येक समय अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर के साथ ही निजी मेडिकल हालों के एजेंट भी मौजूद होते हैं। जो मरीजों को बरगलाकर बाहर स्थित मेडिकल स्टोर तक पहुंचाते हैं और ओपीडी खत्म होते ही मेडिकल स्टोर संचालकों से मोटी रकम वसूलते हैं। इससे मरीजों की जेबें ढीली होती हैं साथ ही मुफ्त व अच्छी चिकित्सीय सुविधाएं दिलाने की सरकार की मंशा भी तार-तार होती है।
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जिले के जिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय व 100 बेड के संयुक्त चिकित्सालय दर्शननगर में 14 जुलाई को जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। यहां शुरुआती दौर में आवश्यक 600 दवाओं में से करीब 200 दवाएं रखी गई थीं। अब यह संख्या और अधिक हो गई है। ये दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तरह ही कारगर होती हैं साथ ही इनका दाम करीब 60-70 प्रतिशत तक सस्ता होता है। उद्घाटन के दो दिन बाद तक सॉफ्टवेयर आदि अपडेट कराने के बाद से इस समय तीनों अस्पतालों में ये सेवाएं मरीजों को मिल रही हैं। जिला अस्पताल के डॉ. नानक शरण का कहना है कि जेनरिक दवाएं अच्छी होती है, ब्रांडेड से कम असर नहीं करतीं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले के कितने अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलना है, अभी इसकी जानकारी नहीं प्राप्त हुई है। लेकिन तीन अस्पतालों में जन औषधि केंद्र संचालित हैं, जो मरीजों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रहे हैं। बताया कि आयुष्मान मित्र बनाने के मामले पर गुरुवार की शाम को प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ लखनऊ में बैठक आहूत की गई है।
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