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राममंदिर आंदोलन एंटी मुस्लिम नहीं था: इंद्रेश
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:32 AM IST
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अयोध्या पहुंचे आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य
अयोध्या (फैजाबाद)। खुदा और ईश्वर एक है, जो इन्हें बांटता है वह अज्ञानी है। राममंदिर के लिए जो आंदोलन चला वह एंटी मुस्लिम नहीं था। जो इसे एंटी मुस्लिम कहते हैं उनके मस्तिष्क में शैतान घुसा है।
यह बातें आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने बड़ा भक्तमाल में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। वे नेपाली संस्कृति परिषद के तत्वावधान में 16 सितंबर से शुरू होने वाले प्रथम इक्ष्वाकु वंशीय सम्मेलन में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया था, वह बंटवारे का मुकदमा नहीं था। खोदाई में मंदिर के अवशेष भी मिले हैं। उन्होंने मुस्लिमों से अपील की कि अयोध्या आएं और प्रत्यक्ष रूप में देखें कि सत्य क्या है। इंद्रेश ने कहा कि जिस तरह ट्रिपल तलाक पर फैसला आया है, अन्य मुद्दों पर भी चौंकाने वाले निर्णय आ सकते हैं।
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नेपाली संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित अयोध्या एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत व इक्ष्वाकु वंश विषयक सम्मेलन को लेकर कहा कि अयोध्या से विवादों का खात्मा हो। सर्वपंथ के लोग एक हों, सामाजिक कुरीतियां दूर हों, यही उद्देश्य है। इस दौरान महंत अवधेशदास, निशेंद्र मोहन मिश्र, राजू दास, दिनेश सोनी मौजूद रहे।
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अयोध्या (फैजाबाद)। खुदा और ईश्वर एक है, जो इन्हें बांटता है वह अज्ञानी है। राममंदिर के लिए जो आंदोलन चला वह एंटी मुस्लिम नहीं था। जो इसे एंटी मुस्लिम कहते हैं उनके मस्तिष्क में शैतान घुसा है।
यह बातें आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने बड़ा भक्तमाल में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। वे नेपाली संस्कृति परिषद के तत्वावधान में 16 सितंबर से शुरू होने वाले प्रथम इक्ष्वाकु वंशीय सम्मेलन में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया था, वह बंटवारे का मुकदमा नहीं था। खोदाई में मंदिर के अवशेष भी मिले हैं। उन्होंने मुस्लिमों से अपील की कि अयोध्या आएं और प्रत्यक्ष रूप में देखें कि सत्य क्या है। इंद्रेश ने कहा कि जिस तरह ट्रिपल तलाक पर फैसला आया है, अन्य मुद्दों पर भी चौंकाने वाले निर्णय आ सकते हैं।
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नेपाली संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित अयोध्या एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत व इक्ष्वाकु वंश विषयक सम्मेलन को लेकर कहा कि अयोध्या से विवादों का खात्मा हो। सर्वपंथ के लोग एक हों, सामाजिक कुरीतियां दूर हों, यही उद्देश्य है। इस दौरान महंत अवधेशदास, निशेंद्र मोहन मिश्र, राजू दास, दिनेश सोनी मौजूद रहे।