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अवध विश्वविद्यालय में सजी सुरों की महफिल
Updated Tue, 29 Aug 2017 01:31 AM IST
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शास्त्रीय संगीत गायक पं. रितेश एवं रजनीश के कार्यक्रम ने बांधा समां
फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सोमवार को शास्त्रीय संगीत के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कलाकार पं. रितेश मिश्र व पं. रजनीश मिश्र की संगीतमयी प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्पिक मैके के अवध विवि चैप्टर के अंतर्गत 1998 के उपरांत कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की पहल पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शास्त्रीय संगीत गायक पं. रितेश एवं रजनीश के कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण हुआ।
इसमें दोनों गायकों ने प्रस्तुतीकरण के अंतर्गत ‘तुम रब तुम ही साहिब तुम ही करतार’ और ‘जाओ मैं तोपे बलिहारी, तू ही मोरा मन-हर लीन्होे’ बोल के साथ शास्त्रीय संगीत के झपताल व तीनताल विधाओं का प्रदर्शन किया।
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कार्यक्रम के पूर्व स्पिक मैके संस्था के फैजाबाद इकाई की पदाधिकारी जया स्वरूप ने सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं को स्पिक मैके के इतिहास के बारे में बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में जिंगल बेल सोसायटी की अध्यक्ष व फैजाबाद की प्रमुख समाजसेविका मंजुला झुनझुनवाला उपस्थित रहीं।
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि हर परंपरा का अपना एक अनुशासन होता है और युवा पीढ़ी को इसे समझने के साथ-साथ आत्मसात करने की भी आवश्यकता है।
तभी हम अपना सांस्कृतिक संरक्षण करने में सफल हो सकेंगे। कार्यक्रम का संचालन माइक्रोबायलॉजी विभाग के शिक्षक डा. शैलेंद्र कुमार ने किया। इस दौरान प्रो. आशुतोष सिन्हा, डा. फारुख जमाल, डा. विनय मिश्रा मौजूद रहे।
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फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सोमवार को शास्त्रीय संगीत के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कलाकार पं. रितेश मिश्र व पं. रजनीश मिश्र की संगीतमयी प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्पिक मैके के अवध विवि चैप्टर के अंतर्गत 1998 के उपरांत कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की पहल पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शास्त्रीय संगीत गायक पं. रितेश एवं रजनीश के कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण हुआ।
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इसमें दोनों गायकों ने प्रस्तुतीकरण के अंतर्गत ‘तुम रब तुम ही साहिब तुम ही करतार’ और ‘जाओ मैं तोपे बलिहारी, तू ही मोरा मन-हर लीन्होे’ बोल के साथ शास्त्रीय संगीत के झपताल व तीनताल विधाओं का प्रदर्शन किया।
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कार्यक्रम के पूर्व स्पिक मैके संस्था के फैजाबाद इकाई की पदाधिकारी जया स्वरूप ने सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं को स्पिक मैके के इतिहास के बारे में बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में जिंगल बेल सोसायटी की अध्यक्ष व फैजाबाद की प्रमुख समाजसेविका मंजुला झुनझुनवाला उपस्थित रहीं।
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि हर परंपरा का अपना एक अनुशासन होता है और युवा पीढ़ी को इसे समझने के साथ-साथ आत्मसात करने की भी आवश्यकता है।
तभी हम अपना सांस्कृतिक संरक्षण करने में सफल हो सकेंगे। कार्यक्रम का संचालन माइक्रोबायलॉजी विभाग के शिक्षक डा. शैलेंद्र कुमार ने किया। इस दौरान प्रो. आशुतोष सिन्हा, डा. फारुख जमाल, डा. विनय मिश्रा मौजूद रहे।