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विवि को मनमानी क्रय पर किया सचेत
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:48 PM IST
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केन्द्रीय टीम ने किया व्यय का मूल्यांकन व समीक्षा
फैजाबाद। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से आई केंद्रीय टीम ने शुक्रवार को समीक्षा की। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के दल ने पिछले पांच वर्षों में व्यय का मूल्यांकन किया।
महाविद्यालयों में फैकल्टी से वार्ता की और आवश्यक मार्गदर्शन किया। दल ने विवि के कृषि, गृहविज्ञान, आयुष चिकित्सा व पशुपालन एवं उद्यान व वानिकी महाविद्यालय का अवलोकन किया।
टीम चेयरमैन डा. कुशुमाकर शर्मा ने कहा कि विवि को मिलने वाली केन्द्रीय सहायता के व्यय के लिये भारत सरकार के आर्थिक मापदंडों का पालन सुनिश्चित करें। विवि को अलग-अलग मदों में मिलने वाले धन का उपयोग संबंधित मदों में करने के लिए सचेत किया।
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कुलपति प्रो. अख्तर हसीब ने कहा कि टीम जो गाइड लाइन दे रही है उसका पूरी तरह अनुपालन होगा। टीम ने कृषि अनुसंधान से उसके कोटे से छात्र-छात्राओं को केंद्र से मिलने वाली छात्रवृत्ति की मांग परिषद को समय से भेजने को कहा। चेयरमैन डा. कुशुमाकर ने कहा कि परिषद के जिन छात्रों की छात्रवृत्ति रुकी है, वह एरियर के रूप में विवि को दी जायेगी।
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फैजाबाद। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से आई केंद्रीय टीम ने शुक्रवार को समीक्षा की। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के दल ने पिछले पांच वर्षों में व्यय का मूल्यांकन किया।
महाविद्यालयों में फैकल्टी से वार्ता की और आवश्यक मार्गदर्शन किया। दल ने विवि के कृषि, गृहविज्ञान, आयुष चिकित्सा व पशुपालन एवं उद्यान व वानिकी महाविद्यालय का अवलोकन किया।
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टीम चेयरमैन डा. कुशुमाकर शर्मा ने कहा कि विवि को मिलने वाली केन्द्रीय सहायता के व्यय के लिये भारत सरकार के आर्थिक मापदंडों का पालन सुनिश्चित करें। विवि को अलग-अलग मदों में मिलने वाले धन का उपयोग संबंधित मदों में करने के लिए सचेत किया।
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कुलपति प्रो. अख्तर हसीब ने कहा कि टीम जो गाइड लाइन दे रही है उसका पूरी तरह अनुपालन होगा। टीम ने कृषि अनुसंधान से उसके कोटे से छात्र-छात्राओं को केंद्र से मिलने वाली छात्रवृत्ति की मांग परिषद को समय से भेजने को कहा। चेयरमैन डा. कुशुमाकर ने कहा कि परिषद के जिन छात्रों की छात्रवृत्ति रुकी है, वह एरियर के रूप में विवि को दी जायेगी।