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नींव के रूप में ढाली जाएगी 12 मीटर मोटी चट्टान
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों हुए भूमिपूजन की पहली वर्षगांठ गुरुवार को है। वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राममंदिर निर्माण की प्रगति साक्षा की है।
नींव का कार्य दिन रात किया जा रहा है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के अनुसार राममंदिर की नींव कुल 44 लेयर में भरी जानी है। वर्तमान में 25 वीं लेयर को ढालने का काम चल रहा है। नींव के रूप में 12 मीटर मोटी चट्टान ढाली जानी है।
राममंदिर की नींव 12 मीटर मोटी चट्टान के रूप में ढाली जाएगी। अब तक 6 मीटर चट्टान नींव के रूप में ढाली जा चुकी है। कुल 24 लेयर बनकर तैयार है जबकि 25वीं लेयर को ढालने का काम चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि आरसीसी प्रणाली से नींव की लेयर डाली जा रही है। एक नींव ढालने में कम से कम दो दिन का समय लग रहा है। काम की गति बढ़ाने के लिए परिसर में तीन बैचिंग प्लांट की स्थापना की गई है।
इस प्लांट के जरिए इंजीनियर फिल्ड मैटेरियल तैयार की जाती है। जिसे नींव को चट्टान का रूप देने के लिए बिछाया जाता है। इस काम को 15 सिंतबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इसके लिए कार्यदाई संस्था के इंजीनियर व मजदूर दिन-रात काम में जुटे हुए हैं। रात में काम चलता रहे इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है।
ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने बताया कि मालवाहक वाहनों के लिए रामजन्मभूमि में प्रवेश के लिए नया रास्ता भी बनकर तैयार हो गया है। शीघ्र ही रास्ते को मालवाहक वाहनों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। राममंदिर के प्लिंथ निर्माण के लिए मिर्जापुर के बलुआ पत्थरों की तीसरी खेप भी राम जन्मभूमि परिसर पहुंच गई है।
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नींव का कार्य दिन रात किया जा रहा है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के अनुसार राममंदिर की नींव कुल 44 लेयर में भरी जानी है। वर्तमान में 25 वीं लेयर को ढालने का काम चल रहा है। नींव के रूप में 12 मीटर मोटी चट्टान ढाली जानी है।
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राममंदिर की नींव 12 मीटर मोटी चट्टान के रूप में ढाली जाएगी। अब तक 6 मीटर चट्टान नींव के रूप में ढाली जा चुकी है। कुल 24 लेयर बनकर तैयार है जबकि 25वीं लेयर को ढालने का काम चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि आरसीसी प्रणाली से नींव की लेयर डाली जा रही है। एक नींव ढालने में कम से कम दो दिन का समय लग रहा है। काम की गति बढ़ाने के लिए परिसर में तीन बैचिंग प्लांट की स्थापना की गई है।
इस प्लांट के जरिए इंजीनियर फिल्ड मैटेरियल तैयार की जाती है। जिसे नींव को चट्टान का रूप देने के लिए बिछाया जाता है। इस काम को 15 सिंतबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इसके लिए कार्यदाई संस्था के इंजीनियर व मजदूर दिन-रात काम में जुटे हुए हैं। रात में काम चलता रहे इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है।
ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने बताया कि मालवाहक वाहनों के लिए रामजन्मभूमि में प्रवेश के लिए नया रास्ता भी बनकर तैयार हो गया है। शीघ्र ही रास्ते को मालवाहक वाहनों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। राममंदिर के प्लिंथ निर्माण के लिए मिर्जापुर के बलुआ पत्थरों की तीसरी खेप भी राम जन्मभूमि परिसर पहुंच गई है।