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तेदुएं की दहशत में लोग दे रहे दिन-रात पहरा
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मवई (अयोध्या)। रुदौली तहसील के सैदपुर इलाके में तेंदुए की दहशत अब भी बनी हुई है। दहशत के चलते ग्रामीण रात में पहरा दे रहे हैं। शनिवार को वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. रवि कुमार सिंह ने वन क्षेत्र का दौरा कर विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेंदुआ किसी को कोई नुकसान नहीं कर रहा है। जंगल में ही उसके पास पर्याप्त भोजन है। कहा कि यदि आवश्यकता पड़ेगी तो पिंजरा लगाया जाएगा।
मवई थाना क्षेत्र के सैदपुर इलाके में छह दिन पहले एक तेंदुए की आमद और उसके बाद एक वनरोज और शुक्रवार को एक बारहसिंघा का शिकार होने से 28 गांवों के लोगों में दहशत व्याप्त है। इससे पहले सैदपुर के पूरे पांडेय और कोइलीपुरवा गांव के खेतों में तेंदुए के पदचिन्ह देखे गए थे। वन विभाग ने भी इसकी पुष्टि की थी।
इसके बाद से ग्रामीणों को खेतों में काम के लिए ग्रुप बनाकर जाना पड़ रहा हैं और रात में पहरा देना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश पांडेय ने वन विभाग के अफसरों को तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगने पर हंगामा कर धरना-प्रदर्शन करने चेतावनी दी है। प्रभागीय वनाधिकारी डॉॅ. रवि कुमार सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
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बताया कि अभी तक जो भी शिकार किए हैं वह सभी वनक्षेत्र से संबंधित हैं और जंगली जानवरों का ही शिकार किया है। बताया कि तेंदुआ 4-5 दिन पहले रिहायशी इलाके में देखा गया था। शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा बारहसिंघा के शव के पास देखे जाने की बात पर उन्होंने कहा कि वह युवक शराबी है, उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। फिलहाल निगरानी के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं।
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मवई थाना क्षेत्र के सैदपुर इलाके में छह दिन पहले एक तेंदुए की आमद और उसके बाद एक वनरोज और शुक्रवार को एक बारहसिंघा का शिकार होने से 28 गांवों के लोगों में दहशत व्याप्त है। इससे पहले सैदपुर के पूरे पांडेय और कोइलीपुरवा गांव के खेतों में तेंदुए के पदचिन्ह देखे गए थे। वन विभाग ने भी इसकी पुष्टि की थी।
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इसके बाद से ग्रामीणों को खेतों में काम के लिए ग्रुप बनाकर जाना पड़ रहा हैं और रात में पहरा देना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश पांडेय ने वन विभाग के अफसरों को तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगने पर हंगामा कर धरना-प्रदर्शन करने चेतावनी दी है। प्रभागीय वनाधिकारी डॉॅ. रवि कुमार सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
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बताया कि अभी तक जो भी शिकार किए हैं वह सभी वनक्षेत्र से संबंधित हैं और जंगली जानवरों का ही शिकार किया है। बताया कि तेंदुआ 4-5 दिन पहले रिहायशी इलाके में देखा गया था। शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा बारहसिंघा के शव के पास देखे जाने की बात पर उन्होंने कहा कि वह युवक शराबी है, उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। फिलहाल निगरानी के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं।