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70 लाख से जल शोधन संयंत्र लागाएं जलकल
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:17 AM IST
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जल शोधन संयंत्र लगाएगा जलकल
फैजाबाद। केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत जलकल विभाग का कायाकल्प होने जा रहा है। यहां दो नए भवन प्रस्तावित किए गए हैं। नए भवनों के निर्माण के बाद जलकल को पुराने व जर्जर ऑफिस से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही जलकल की बहुत पुरानी समस्या का भी समाधान होगा। जलकल के अपने ही परिसर में वाटर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अभी तक जलकल को वाटर टेस्टिंग के लिए जल निगम का सहारा लेना पड़ता था। इससे रूटीन व डेली चेकिंग की प्रक्रिया प्रभावित होती थी।
अयोध्या नगर निगम की वाटर संबंधी प्रणाली को संचालित करने वाला अमानीगंज स्थित जलकल विभाग काफी जर्जर अवस्था में है। अधिशासी अभियंता से लेकर कर्मचारियों तक के बैठने के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है। काफी दिनों से जलकल नए भवन की बाट जोह रहा है। अमृत योजना के तहत जलकल का सपना पूरा होने जा रहा है। जलकल परिसर में 70 लाख रुपये की लागत से दो अगल-अलग भवन बनाए जाने का प्रस्ताव है। पूरी योजना की कार्यदायी संस्था जलनिगम की नागर यूनिट है। 37 लाख रुपये की लागत से 120 स्क्वायर मीटर में भवन बनना है। इसमें कंप्यूटर, फर्नीचर समेत अन्य सजावट पर 8 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके अलावा 120 स्क्वायर मीटर में दूसरी बिल्डिंग भी निर्मित की जानी है। इसमें वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित होगी। इसकी लागत 16 लाख रुपये निर्धारित की गई है। साथ ही वाटर टेस्टिंग भवन बन जाने पर इसमें नौ लाख रुपये के उपकरण स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। फिलहाल मशीन व भवन बन जाने के बाद यहां ठेके पर वाटर टेस्टिंग की शुरुआत की जाएगी। हालांकि अभी तक जलकल वाटर टेस्टिंग के लिए जल निगम के सहारे रहता है। जलकल वर्ष में चार बार पानी का रूटीन चेकअप करता है। इसमें कोई विशेष दिक्कत नहीं आती है लेकिन क्लोरीन का प्रतिदिन होने वाले टेस्ट में विभाग को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में जलकल में वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित हो जाने से नगर निगम पानी की जांच भी खुद कर सकेगा।
केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत फैजाबाद में जलकल विभाग का कायाकल्प होना है। पूरी योजना 16.5 करोड़ रुपये की है। इसमें 14 किमी. पाइप लाइन के साथ ओवर हेड टैंकों का ऑटोमेशन भी किया जाना है। इसमें 70 लाख जलकल के भवनों व वाटर टेस्टिंग लैब पर खर्च किए जाने हैं। सरकार की ओर योजना में प्रथम किस्त जारी कर दी गई है। मौजूदा समय में कार्य प्रगति पर है।- आर बी श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम नगर यूनिट फैजाबाद।
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फैजाबाद। केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत जलकल विभाग का कायाकल्प होने जा रहा है। यहां दो नए भवन प्रस्तावित किए गए हैं। नए भवनों के निर्माण के बाद जलकल को पुराने व जर्जर ऑफिस से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही जलकल की बहुत पुरानी समस्या का भी समाधान होगा। जलकल के अपने ही परिसर में वाटर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अभी तक जलकल को वाटर टेस्टिंग के लिए जल निगम का सहारा लेना पड़ता था। इससे रूटीन व डेली चेकिंग की प्रक्रिया प्रभावित होती थी।
अयोध्या नगर निगम की वाटर संबंधी प्रणाली को संचालित करने वाला अमानीगंज स्थित जलकल विभाग काफी जर्जर अवस्था में है। अधिशासी अभियंता से लेकर कर्मचारियों तक के बैठने के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है। काफी दिनों से जलकल नए भवन की बाट जोह रहा है। अमृत योजना के तहत जलकल का सपना पूरा होने जा रहा है। जलकल परिसर में 70 लाख रुपये की लागत से दो अगल-अलग भवन बनाए जाने का प्रस्ताव है। पूरी योजना की कार्यदायी संस्था जलनिगम की नागर यूनिट है। 37 लाख रुपये की लागत से 120 स्क्वायर मीटर में भवन बनना है। इसमें कंप्यूटर, फर्नीचर समेत अन्य सजावट पर 8 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके अलावा 120 स्क्वायर मीटर में दूसरी बिल्डिंग भी निर्मित की जानी है। इसमें वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित होगी। इसकी लागत 16 लाख रुपये निर्धारित की गई है। साथ ही वाटर टेस्टिंग भवन बन जाने पर इसमें नौ लाख रुपये के उपकरण स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। फिलहाल मशीन व भवन बन जाने के बाद यहां ठेके पर वाटर टेस्टिंग की शुरुआत की जाएगी। हालांकि अभी तक जलकल वाटर टेस्टिंग के लिए जल निगम के सहारे रहता है। जलकल वर्ष में चार बार पानी का रूटीन चेकअप करता है। इसमें कोई विशेष दिक्कत नहीं आती है लेकिन क्लोरीन का प्रतिदिन होने वाले टेस्ट में विभाग को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में जलकल में वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित हो जाने से नगर निगम पानी की जांच भी खुद कर सकेगा।
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केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत फैजाबाद में जलकल विभाग का कायाकल्प होना है। पूरी योजना 16.5 करोड़ रुपये की है। इसमें 14 किमी. पाइप लाइन के साथ ओवर हेड टैंकों का ऑटोमेशन भी किया जाना है। इसमें 70 लाख जलकल के भवनों व वाटर टेस्टिंग लैब पर खर्च किए जाने हैं। सरकार की ओर योजना में प्रथम किस्त जारी कर दी गई है। मौजूदा समय में कार्य प्रगति पर है।- आर बी श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम नगर यूनिट फैजाबाद।
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