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प्रधानमंत्री आवास योजना में सामने आया फर्जीवाड़ा
Updated Thu, 15 Feb 2018 01:00 AM IST
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प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा : चहेतों को आवास देने के लिए बदल दी पात्रता सूची
केस एक: एक ही नाम पर किया खेल
सामाजिक आर्थिक गणना 2011 की सूची में तारून विकासखंड के पाली अचलपुर गांव के जिस शीतला प्रसाद का नाम था, वह दिवंगत हो गए। ऐसे में कूट रचना करके आवास का आवंटन गांव के दूसरे शीतला प्रसाद को कर दिया गया।
केस दो: अचलपुर गांव की सूची में खेल
तारून विकासखंड के पाली अचलपुर गांव में ही सूची में जिया राम पुत्र फेरई का नाम शामिल था। लेकिन आवास का आवंटन में फर्जीवाड़ा करजिया राम पुत्र शिवराम को कर दिया गया। इसी तरह राम देव पुत्र नंदू माता फुलेसरा के स्थान पर रामदेव पुत्र रामजी माता लक्ष्मी के लिए आवास का आवंटन कर दिया गया।
फैजाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास आवंटन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दो साल में आवंटित करीब 10 हजार आवासों की जांच शुरू हो गई है। चहेतों को आवास का लाभ देने के लिए पात्रता सूची को ही बदल दिया गया है। जांच में इस बड़े खेल का खुलासा होने के बाद नए सिरे से चयन के सत्यापन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब पूरी जांच होने पर जिले में इस तरह का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
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जिले में वित्तीय साल 2016-17 और 2017-18 में जिले में 10 हजार से ज्यादा आवासों का आवंटन किया गया है। कितने आवासों के आवंटन में इस तरह का खेल किया गया है। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। जांच में इसका खुलासा हो सकता है। पाली अचलपुर गांव की जांच रिपोर्ट के बाद जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह ने ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मयाराम वर्मा से सभी नौ आवासों को आवंटित किए गए तीन लाख साठ हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उनकी वेतन वृद्धि एक साल के लिए रोक दी है। लापरवाही के आरोपी तारून ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना के पटल सहायक संजय नारायण आचारी के खिलाफ अलग से कार्रवाई शुरू किए जाने की बात जिला विकास अधिकारी ने कही है।
आवासों में धन हड़पने के लिए खेल और भी तरह से किए जा रहे है। रुदौली में लाभार्थी का आवास न बने होने के बावजूद दूसरे इंदिरा आवास की फोटो अपलोड किए जाने के मामले का खुलासा भी हो गया है। तारून ब्लॉक के पाली अचलपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास चयन के लिए आधार बनी 2011 की पात्रता सूची में कूटरचना करके दूसरों को इसका लाभ दे दिया गया। गरीबों के नाम के स्थान पर समृद्ध लोग शामिल बताए गए। उपायुक्त मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी की जांच में जो तथ्य सामने आए वह चौंकाने वाले रहे। गांव के 14 लाभार्थियों की जांच में नेपाल पुत्र राम बक्स समेत चार लोग ऐसे मिले जो पात्रता सूची में थे ही नहीं। इनको आवास सूची में शामिल इसी नाम के दूसरे व्यक्तियों को आवास का आवंटन कर दिया गया। जांच में राजेश कुमार पुत्र बृज किशोर, ताज मोहम्मद पुत्र पुत्र मुसाफिर, रामदीन पुत्र कन्हैया, राजपती पुत्र सुभाष, तारा पत्नी राजितराम अपात्र पाए गए। इन सभी लाभार्थियों को आवास के लिए पहली किश्त के रूप में 40-40 हजार रुपये भी दे दिए गए।
पात्रता सूची से छेड़छाड़ बड़ा मामला है। इस पर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही जिले में कहीं अन्यत्र ऐसा फर्जीवाड़ा न किया गया हो इसकी छानबीन खुद भी कर रहा हूं और अन्य अफसरों से भी इसकी जांच करवा रहा हूं। मामला सामने आया तो कार्रवाई होगी।-एके मिश्र, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास
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केस एक: एक ही नाम पर किया खेल
सामाजिक आर्थिक गणना 2011 की सूची में तारून विकासखंड के पाली अचलपुर गांव के जिस शीतला प्रसाद का नाम था, वह दिवंगत हो गए। ऐसे में कूट रचना करके आवास का आवंटन गांव के दूसरे शीतला प्रसाद को कर दिया गया।
केस दो: अचलपुर गांव की सूची में खेल
तारून विकासखंड के पाली अचलपुर गांव में ही सूची में जिया राम पुत्र फेरई का नाम शामिल था। लेकिन आवास का आवंटन में फर्जीवाड़ा करजिया राम पुत्र शिवराम को कर दिया गया। इसी तरह राम देव पुत्र नंदू माता फुलेसरा के स्थान पर रामदेव पुत्र रामजी माता लक्ष्मी के लिए आवास का आवंटन कर दिया गया।
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फैजाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास आवंटन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दो साल में आवंटित करीब 10 हजार आवासों की जांच शुरू हो गई है। चहेतों को आवास का लाभ देने के लिए पात्रता सूची को ही बदल दिया गया है। जांच में इस बड़े खेल का खुलासा होने के बाद नए सिरे से चयन के सत्यापन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब पूरी जांच होने पर जिले में इस तरह का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
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जिले में वित्तीय साल 2016-17 और 2017-18 में जिले में 10 हजार से ज्यादा आवासों का आवंटन किया गया है। कितने आवासों के आवंटन में इस तरह का खेल किया गया है। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। जांच में इसका खुलासा हो सकता है। पाली अचलपुर गांव की जांच रिपोर्ट के बाद जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह ने ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मयाराम वर्मा से सभी नौ आवासों को आवंटित किए गए तीन लाख साठ हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उनकी वेतन वृद्धि एक साल के लिए रोक दी है। लापरवाही के आरोपी तारून ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना के पटल सहायक संजय नारायण आचारी के खिलाफ अलग से कार्रवाई शुरू किए जाने की बात जिला विकास अधिकारी ने कही है।
आवासों में धन हड़पने के लिए खेल और भी तरह से किए जा रहे है। रुदौली में लाभार्थी का आवास न बने होने के बावजूद दूसरे इंदिरा आवास की फोटो अपलोड किए जाने के मामले का खुलासा भी हो गया है। तारून ब्लॉक के पाली अचलपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास चयन के लिए आधार बनी 2011 की पात्रता सूची में कूटरचना करके दूसरों को इसका लाभ दे दिया गया। गरीबों के नाम के स्थान पर समृद्ध लोग शामिल बताए गए। उपायुक्त मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी की जांच में जो तथ्य सामने आए वह चौंकाने वाले रहे। गांव के 14 लाभार्थियों की जांच में नेपाल पुत्र राम बक्स समेत चार लोग ऐसे मिले जो पात्रता सूची में थे ही नहीं। इनको आवास सूची में शामिल इसी नाम के दूसरे व्यक्तियों को आवास का आवंटन कर दिया गया। जांच में राजेश कुमार पुत्र बृज किशोर, ताज मोहम्मद पुत्र पुत्र मुसाफिर, रामदीन पुत्र कन्हैया, राजपती पुत्र सुभाष, तारा पत्नी राजितराम अपात्र पाए गए। इन सभी लाभार्थियों को आवास के लिए पहली किश्त के रूप में 40-40 हजार रुपये भी दे दिए गए।
पात्रता सूची से छेड़छाड़ बड़ा मामला है। इस पर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही जिले में कहीं अन्यत्र ऐसा फर्जीवाड़ा न किया गया हो इसकी छानबीन खुद भी कर रहा हूं और अन्य अफसरों से भी इसकी जांच करवा रहा हूं। मामला सामने आया तो कार्रवाई होगी।-एके मिश्र, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास