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चंद्रग्रहण के चलते बंद रहे मंदिरों के कपाट
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:49 PM IST
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अयोध्या। इस वर्ष के पहले चंद्रग्रहण के चलते बुधवार को रामनगरी के सभी मंदिरों के कपाट पूरे दिन बंद रहे। भक्त पूरे दिन रामलला के दर्शन नहीं कर सके। कुछ मंदिरों के कपाट रात्रि आरती के बाद खुले।
चंदग्रहण के कारण सूतक लगने के चलते बुधवार सुबह 8 बजे से ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए। बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों की चौखट पर ही शीश झुकाकर लौट गए। वहीं, रामलला का दर्शन करने के लिए समय निर्धारित है। प्रथम पाली में सुबह 7 से 11 बजे और द्वितीय पाली में दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक ही दर्शन का समय निश्चित है। चंद्रग्रहण रात 9 बजे तक होने के कारण बुधवार को पूरे दिन भक्त रामलला के दर्शन नहीं कर सके। इसके अलावा हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ समेत अन्य मंदिरों के पट सूतक लगते ही बंद कर दिए गए। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य का दर्शन नहीं कर पाए। हनुमानगढ़ी में सूतक समाप्त होने के बाद मंदिर की साफ. सफाई के बाद रात्रि 9 बजे महाआरती के उपरांत मंदिर का पट भक्तों के लिए खुला तो दर्शन के लिए कतार लग गई। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येेंद्र दास ने बताया कि अब भक्तों को रामलला के दर्शन गुरुवार को प्रथम पाली में ही हो सकेंगे।
माघ पूर्णिमा पर सरयू स्नान को उमड़े भक्त
चंदग्रहण के साथ-साथ माघ पूर्णिमा होने के कारण भी रामनगरी में बड़ी संख्या में भक्त उमड़े और सरयू में स्नान कर दान-पुण्य किया। सरयू घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। गोंडा से अयोध्या स्नान को आए गोविंद तिवारी ने बताया कि सरयू स्नान तो हो गया, लेकिन आराध्य का दर्शन सूतक के चलते नहीं हो पाया इसलिए मंदिर की चौखट पर ही शीश झुकाकर वापस जा रहे हैं। गुरुवार को भी ग्रहण का स्नान करने के लिए अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
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चंदग्रहण के कारण सूतक लगने के चलते बुधवार सुबह 8 बजे से ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए। बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों की चौखट पर ही शीश झुकाकर लौट गए। वहीं, रामलला का दर्शन करने के लिए समय निर्धारित है। प्रथम पाली में सुबह 7 से 11 बजे और द्वितीय पाली में दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक ही दर्शन का समय निश्चित है। चंद्रग्रहण रात 9 बजे तक होने के कारण बुधवार को पूरे दिन भक्त रामलला के दर्शन नहीं कर सके। इसके अलावा हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ समेत अन्य मंदिरों के पट सूतक लगते ही बंद कर दिए गए। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य का दर्शन नहीं कर पाए। हनुमानगढ़ी में सूतक समाप्त होने के बाद मंदिर की साफ. सफाई के बाद रात्रि 9 बजे महाआरती के उपरांत मंदिर का पट भक्तों के लिए खुला तो दर्शन के लिए कतार लग गई। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येेंद्र दास ने बताया कि अब भक्तों को रामलला के दर्शन गुरुवार को प्रथम पाली में ही हो सकेंगे।
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माघ पूर्णिमा पर सरयू स्नान को उमड़े भक्त
चंदग्रहण के साथ-साथ माघ पूर्णिमा होने के कारण भी रामनगरी में बड़ी संख्या में भक्त उमड़े और सरयू में स्नान कर दान-पुण्य किया। सरयू घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। गोंडा से अयोध्या स्नान को आए गोविंद तिवारी ने बताया कि सरयू स्नान तो हो गया, लेकिन आराध्य का दर्शन सूतक के चलते नहीं हो पाया इसलिए मंदिर की चौखट पर ही शीश झुकाकर वापस जा रहे हैं। गुरुवार को भी ग्रहण का स्नान करने के लिए अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
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