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सुबह से निकली तीखी धूप, गर्मी व उसम बढ़ी
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:05 PM IST
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तेज धूप से गर्मी व उमस बढ़ी
फैजाबाद। तेज बारिश के बाद एकाएक मौसम साफ हुआ तो रविवार सुबह से तीखी धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। लोग उमस से बेहाल हो उठे। वहीं, तेजी से मौसम में हुआ यह बदलाव संक्रामक रोगों की वजह बन रहा है। हालांकि मौसम विभाग मौसम का रुख बदलने की संभावना जता रहा है।
तीन दिनों से मौसम में काफी नमी देखी गई। शनिवार देर रात कई इलाकों में हल्की बरसात भी हुई, लेकिन रविवार सुबह एकाएक मौसम में बदलाव नजर आया। सुबह से ही निकली तेज धूप ने लोगों की हालत खस्ता कर दिया। दिन भर उमस भरी गर्मी से हर कोई परेशान दिखा। यहां तक कि रविवार का अवकाश भी लोग घर पर ही मनाने को विवश हुए। शाम पांच बजे के बाद सूरज की तपिश थोड़ी कम हुई तो लोग घरों से निकलने का साहस जुटा सके। वहीं जगह-जगह हुए जलभराव के बाद अचानक मौसम में बदलाव ने संक्रामक रोगों को भी न्यौता दिया है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और बद्तर साबित हो रही है। इन दिनों धान की रोपाई तेज है। दिन भर तेज धूप में पानी से लबालब खेतों में घुसकर लोग काम करने को मजबूर हैं। ऐसे में उल्टी-दस्त, डायरिया, बुखार आदि के मामले बढ़ने के आसार हैं। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में हल्की वर्षा होने की संभावना है।
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फैजाबाद। तेज बारिश के बाद एकाएक मौसम साफ हुआ तो रविवार सुबह से तीखी धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। लोग उमस से बेहाल हो उठे। वहीं, तेजी से मौसम में हुआ यह बदलाव संक्रामक रोगों की वजह बन रहा है। हालांकि मौसम विभाग मौसम का रुख बदलने की संभावना जता रहा है।
तीन दिनों से मौसम में काफी नमी देखी गई। शनिवार देर रात कई इलाकों में हल्की बरसात भी हुई, लेकिन रविवार सुबह एकाएक मौसम में बदलाव नजर आया। सुबह से ही निकली तेज धूप ने लोगों की हालत खस्ता कर दिया। दिन भर उमस भरी गर्मी से हर कोई परेशान दिखा। यहां तक कि रविवार का अवकाश भी लोग घर पर ही मनाने को विवश हुए। शाम पांच बजे के बाद सूरज की तपिश थोड़ी कम हुई तो लोग घरों से निकलने का साहस जुटा सके। वहीं जगह-जगह हुए जलभराव के बाद अचानक मौसम में बदलाव ने संक्रामक रोगों को भी न्यौता दिया है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और बद्तर साबित हो रही है। इन दिनों धान की रोपाई तेज है। दिन भर तेज धूप में पानी से लबालब खेतों में घुसकर लोग काम करने को मजबूर हैं। ऐसे में उल्टी-दस्त, डायरिया, बुखार आदि के मामले बढ़ने के आसार हैं। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में हल्की वर्षा होने की संभावना है।
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