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अवध विवि से दो कॉलेजों की संबद्धता समाप्त, तीन को नोटिस
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:49 PM IST
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य सभागार में बुधवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में संबद्धता समाप्ति को लेकर पांच कॉलेजों के प्रकरण आए। इसमें दो की संबद्धता तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए तीन कॉलेजों को नोटिस देने का निर्णय लिया गया। 171 ब्लैक लिस्टेड कॉलेजों को सख्त हिदायत दी गई कि शिक्षकों का सत्यापन करें वरना मान्यता रद्द होगी और वैधानिक कार्रवाई भी होगी। सभी ने एक स्वर से भ्रष्टाचार व अनियमितता को लेकर नो टॉलरेंस की नीति पर सहमति जताई। 12 साल से फीस नहीं बढ़ने के मामले में अभी केवल छात्रों की फीस में ऑनलाइन व्यवस्था पर आने वाला खर्च करीब 50 रुपये जोड़ने पर सहमति बनीं, जबकि अन्य मदों में वृद्धि अगली बैठक तक टाल दी गई। इसके लिए एक कमेटी बनाने की सहमति बनीं।
कार्यपरिषद की बैठक में रामजानकी महिला महाविद्यालय पटरंगा बाराबंकी और बिहारी स्मृृति महाविद्यालय बंदीपुर अंबेडकरनगर के अनुरोध पर विचार करते हुए कार्य परिषद ने इनकी संबद्धता समाप्त किए जाने का निर्णय लिया। इससे अब विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों की संख्या घटकर 630 हो गई है। बहराइच के रसिक बिहारी महाविद्यालय के संबद्धता रद्द करने के आवेदन पर निर्णय इस कारण रोकना पड़ा कि पहले से ही संबद्धता लेने में अनियमितता की जांच चल रही थी। जांच के दायरे में चल रहे दो अन्य महाविद्यालयों को भी अंतिम नोटिस दिया गया। निर्णय लिया गया कि नोटिस का जवाब न देने पर संबद्धता रद्द करने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी होगी। इसके अलावा बैठक में भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई में किसी प्रकार की कोताही न बरतने की भी बात कही गई।
फीस बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर फिलहाल एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी अगली मीटिंग में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। फिलहाल ऑनलाइन कार्यों के बढ़ते खर्चे को कम करने के लिए दाखिला फीस में ही 50 रुपये बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर महाविद्यालयों की ओर से अपने शिक्षकों का डाटा नहीं लोड करने वाले 171 महाविद्यालयों को एक और मौका देने की बात कही गई है। इन सभी ब्लैक लिस्टेड 171 महाविद्यालयों के संबंध में आदेश जारी किया गया कि जल्द से जल्द अपने शिक्षकों का डॉटा विश्वविद्यालय की संबंधित वेबसाइट पर डाल दें, वरना मान्यता प्रत्याहरण के साथ वैधानिक कार्रवाई भी होगी। कार्यपरिषद ने बॉयोकेमिस्ट्री विभाग के पाठ्यक्रम को बायोटेक्नोलॉजी विभाग में समाहित करने की सहमति देने के साथ एक कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया। जो अगली मीटिंग में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। बैठक में कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित, कुल सचिव संजय कुमार, वित्त अधिकारी लाल प्रताप सिंह, डीन साइंस आरके तिवारी, कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह, केके जायसवाल, डॉ. एसपी सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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21 विभूतियों के नाम पर भवनों के नामकरण को मंजूरी
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर के समस्त 21 भवनों के नामकरण पर विचार करते हुए कार्यपरिषद ने 21 विभूतियों के नामों पर सहमति जताई। कार्यपरिषद के निर्णय के बाद अब परीक्षा भवन-महात्मा गांधी भवन के नाम से, भौतिकी विभाग सीवी रमन के नाम से, इतिहास एवं गणित विभाग का भवन-सुभाष चंद्र बोस भवन के नाम से, आईईटी का भवन-एपीजे अबुल कलाम के नाम से व एमबीए विभाग गोपाल कृृष्ण गोखले के नाम से जाना जाएगा। साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय, लाल बहादुर शास्त्री, महंत रामचंद्र परमहंस, अरुणिमा सिन्हा, लोक मान्य बाल गंगाधर तिलक, राम कृष्ण परमहंस सहित अन्य क्रांतिकारी व महापुरूष के नाम से विभागों का नामकरण किया गया है।
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कार्यपरिषद की बैठक में रामजानकी महिला महाविद्यालय पटरंगा बाराबंकी और बिहारी स्मृृति महाविद्यालय बंदीपुर अंबेडकरनगर के अनुरोध पर विचार करते हुए कार्य परिषद ने इनकी संबद्धता समाप्त किए जाने का निर्णय लिया। इससे अब विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों की संख्या घटकर 630 हो गई है। बहराइच के रसिक बिहारी महाविद्यालय के संबद्धता रद्द करने के आवेदन पर निर्णय इस कारण रोकना पड़ा कि पहले से ही संबद्धता लेने में अनियमितता की जांच चल रही थी। जांच के दायरे में चल रहे दो अन्य महाविद्यालयों को भी अंतिम नोटिस दिया गया। निर्णय लिया गया कि नोटिस का जवाब न देने पर संबद्धता रद्द करने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी होगी। इसके अलावा बैठक में भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई में किसी प्रकार की कोताही न बरतने की भी बात कही गई।
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फीस बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर फिलहाल एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी अगली मीटिंग में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। फिलहाल ऑनलाइन कार्यों के बढ़ते खर्चे को कम करने के लिए दाखिला फीस में ही 50 रुपये बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर महाविद्यालयों की ओर से अपने शिक्षकों का डाटा नहीं लोड करने वाले 171 महाविद्यालयों को एक और मौका देने की बात कही गई है। इन सभी ब्लैक लिस्टेड 171 महाविद्यालयों के संबंध में आदेश जारी किया गया कि जल्द से जल्द अपने शिक्षकों का डॉटा विश्वविद्यालय की संबंधित वेबसाइट पर डाल दें, वरना मान्यता प्रत्याहरण के साथ वैधानिक कार्रवाई भी होगी। कार्यपरिषद ने बॉयोकेमिस्ट्री विभाग के पाठ्यक्रम को बायोटेक्नोलॉजी विभाग में समाहित करने की सहमति देने के साथ एक कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया। जो अगली मीटिंग में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। बैठक में कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित, कुल सचिव संजय कुमार, वित्त अधिकारी लाल प्रताप सिंह, डीन साइंस आरके तिवारी, कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह, केके जायसवाल, डॉ. एसपी सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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21 विभूतियों के नाम पर भवनों के नामकरण को मंजूरी
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर के समस्त 21 भवनों के नामकरण पर विचार करते हुए कार्यपरिषद ने 21 विभूतियों के नामों पर सहमति जताई। कार्यपरिषद के निर्णय के बाद अब परीक्षा भवन-महात्मा गांधी भवन के नाम से, भौतिकी विभाग सीवी रमन के नाम से, इतिहास एवं गणित विभाग का भवन-सुभाष चंद्र बोस भवन के नाम से, आईईटी का भवन-एपीजे अबुल कलाम के नाम से व एमबीए विभाग गोपाल कृृष्ण गोखले के नाम से जाना जाएगा। साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय, लाल बहादुर शास्त्री, महंत रामचंद्र परमहंस, अरुणिमा सिन्हा, लोक मान्य बाल गंगाधर तिलक, राम कृष्ण परमहंस सहित अन्य क्रांतिकारी व महापुरूष के नाम से विभागों का नामकरण किया गया है।