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आज पूरे दिन नहीं हो सकेंगे रामलला के दर्शन
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:48 PM IST
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चंद्रग्रहण : आज पूरे दिन नहीं हो सकेंगे रामलला के दर्शन
अयोध्या। माघी पूर्णिमा पर बुधवार को पड़ने जा रहे साल के सबसे पहले चंद्रग्रहण के चलते रामनगरी के तमाम मंदिरों और शिवालयों में देव दर्शन सुबह 8 बजे के बाद भक्तों को नहीं हो सकेंगे। सूतक के चलते रामनगरी के सभी मंदिरों के कपाट आज बंद रहेंगें। रामलला के दर्शन तो पूरे दिन नहीं हो पाएंगे, जबकि कुछ मंदिरों में रात्रि आरती के उपरांत पट खुल जाएंगे।
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि बुधवार को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। यह खग्रास चंद्रग्रहण होगा जो पूरे भारत में दृश्य होगा। चंद्रग्रहण का सूतक बुधवार सुबह 8:35 बजे लग जाएगा। जिसके कारण मंदिरों के कपाट सुबह पूजा-पाठ के बाद बंद हो जाएंगे। जो ग्रहण समाप्त होने के बाद ही खुलेंगे। चंद्रग्रहण का स्पर्शकाल सांयकाल 5:18 बजे व मोक्षकाल रात्रि 8:42 बजे होगा। ग्रहण का सूतक सुबह 8:35 बजे लग जाएगा। इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुण्य नक्षत्र में होगा और समाप्ति श्लेषा नक्षत्र में होगी। बताया कि कर्क राशि पर इस ग्रहण का प्रभाव कुछ ज्यादा ही पड़ेगा। वहीं भारत में दिखने के कारण सूतक मान्य होगा। इस बार बुधवार को पूरे दिन रामलला के दर्शन भक्तों को सुलभ नहीं हो सकेंगे। रामजन्मभूमि के अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि चंदग्रहण के सूतक के चलते सुबह 6:43 मिनट पर रामलला का पूजन-अर्चन उपरांत मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण का मोक्ष रात्रि 8:42 मिनट पर होगा। चूंकि रात्रि में रामलला के दर्शन नहीं होते, इसलिए अगले दिन गुरुवार को सुबह पूजन-अर्चन के उपरांत प्रथम पाली से भक्त दर्शन कर सकेंगे। हनुमानगढ़ी में भी दिन भर दर्शन-पूजन नहीं हो पाएगा। पुजारी रमेश दास ने बताया कि रात्रि 9 बजे की आरती के बाद ही मंदिर का पट खुलेगा। वहीं कनकभवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, दशरथमहल बड़ास्थान, मणिरामदास की छावनी, रामबल्लभाकुंज समेत अन्य मंदिरों के कपाट भी सूतक के चलते बंद रहेंगे।
क्या है चंद्रग्रहण
सूरज और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के एक निश्चित समय के लिए एक सीधी रेखा में आ जाती है तो चंद्रग्रहण की स्थिति बनती है। इसके कारण चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है। इस दौरान पृथ्वी की परछाई चांद पर पड़ती है, जिसे चंद्रग्रहण कहते है। इस नजारे को कभी भी खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए।
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ग्रहण के दौरान करें यह उपाय
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि ग्रहण के समय सफेद वस्तु दान करने से व्यक्ति पुण्य का भागी बनता है। ग्रहण के समय भजन व कीर्तन करने से दस गुना फल मिलता है। पवित्र नदी में स्नान और हवन व दान का इस समय विशेष महत्व है। वहीं गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास ध्यान देने की जरूरत रहती है। बताया कि सूतक काल कुछ लोगों के लिए नहीं माना जाता है। इन लोगों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग व ऐसे लोग जो बीमार हों, उनके लिए सूतक नहीं माना जाता है।
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव:
आचार्य शिवेंद्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का मेष व सिंह राशि समेत अन्य पर भी विपरीत प्रभाव रहेगा। लेकिन ईश्वर की आराधना और कुछ सरल उपायों से नकारात्मक प्रभाव को नियंत्रित कर सकते हैं-
मेष : रोग की आशंका और मानसिक अशांति की संभावना
वृष : ग्रहण अनुकूल फलप्रद है, मान-सम्मान में वृद्धि होगी
मिथुन : आर्थिक हानि होने की संभावना
कर्क : शारीरिक कष्ट, दुर्घटना का योग, अहित की संभावना
सिंह : व्यय में वृद्धि, आर्थिक हानि व स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव की संभावना
कन्या : ग्रहण शुभ फलदायक है, धान लाभ, मान-सम्मान में वृद्धि होगी
तुला : ग्रहण अच्छा फल लाएगा, सुख-समृद्धि के साथ धन लाभ की संभावना
वृश्चिक: अपमान, चिंता, अपयश, दुर्घटना का भी भय
धनु : रोग, दुर्घटना, मानसिक समस्या, परेशानी और विरोधियों की सक्रियता से जूझना पड़ेगा
मकर : वैवाहिक सुख में कमी, तनाव रहेगा, जीवनसाथी से कष्ट होने की संभावना
कुंभ : कार्य में सफलता मिलेगी, सुख प्राप्त होगा, शत्रु परास्त होगें, नए मित्र भी बनने की संभावना
मीन: चंद्रग्रहण का प्रभाव मिला-जुला रहेगा। शारीरिक मानसिक चिंता व धन लाभ की संभावना
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अयोध्या। माघी पूर्णिमा पर बुधवार को पड़ने जा रहे साल के सबसे पहले चंद्रग्रहण के चलते रामनगरी के तमाम मंदिरों और शिवालयों में देव दर्शन सुबह 8 बजे के बाद भक्तों को नहीं हो सकेंगे। सूतक के चलते रामनगरी के सभी मंदिरों के कपाट आज बंद रहेंगें। रामलला के दर्शन तो पूरे दिन नहीं हो पाएंगे, जबकि कुछ मंदिरों में रात्रि आरती के उपरांत पट खुल जाएंगे।
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि बुधवार को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। यह खग्रास चंद्रग्रहण होगा जो पूरे भारत में दृश्य होगा। चंद्रग्रहण का सूतक बुधवार सुबह 8:35 बजे लग जाएगा। जिसके कारण मंदिरों के कपाट सुबह पूजा-पाठ के बाद बंद हो जाएंगे। जो ग्रहण समाप्त होने के बाद ही खुलेंगे। चंद्रग्रहण का स्पर्शकाल सांयकाल 5:18 बजे व मोक्षकाल रात्रि 8:42 बजे होगा। ग्रहण का सूतक सुबह 8:35 बजे लग जाएगा। इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुण्य नक्षत्र में होगा और समाप्ति श्लेषा नक्षत्र में होगी। बताया कि कर्क राशि पर इस ग्रहण का प्रभाव कुछ ज्यादा ही पड़ेगा। वहीं भारत में दिखने के कारण सूतक मान्य होगा। इस बार बुधवार को पूरे दिन रामलला के दर्शन भक्तों को सुलभ नहीं हो सकेंगे। रामजन्मभूमि के अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि चंदग्रहण के सूतक के चलते सुबह 6:43 मिनट पर रामलला का पूजन-अर्चन उपरांत मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण का मोक्ष रात्रि 8:42 मिनट पर होगा। चूंकि रात्रि में रामलला के दर्शन नहीं होते, इसलिए अगले दिन गुरुवार को सुबह पूजन-अर्चन के उपरांत प्रथम पाली से भक्त दर्शन कर सकेंगे। हनुमानगढ़ी में भी दिन भर दर्शन-पूजन नहीं हो पाएगा। पुजारी रमेश दास ने बताया कि रात्रि 9 बजे की आरती के बाद ही मंदिर का पट खुलेगा। वहीं कनकभवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, दशरथमहल बड़ास्थान, मणिरामदास की छावनी, रामबल्लभाकुंज समेत अन्य मंदिरों के कपाट भी सूतक के चलते बंद रहेंगे।
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क्या है चंद्रग्रहण
सूरज और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के एक निश्चित समय के लिए एक सीधी रेखा में आ जाती है तो चंद्रग्रहण की स्थिति बनती है। इसके कारण चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है। इस दौरान पृथ्वी की परछाई चांद पर पड़ती है, जिसे चंद्रग्रहण कहते है। इस नजारे को कभी भी खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए।
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ग्रहण के दौरान करें यह उपाय
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि ग्रहण के समय सफेद वस्तु दान करने से व्यक्ति पुण्य का भागी बनता है। ग्रहण के समय भजन व कीर्तन करने से दस गुना फल मिलता है। पवित्र नदी में स्नान और हवन व दान का इस समय विशेष महत्व है। वहीं गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास ध्यान देने की जरूरत रहती है। बताया कि सूतक काल कुछ लोगों के लिए नहीं माना जाता है। इन लोगों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग व ऐसे लोग जो बीमार हों, उनके लिए सूतक नहीं माना जाता है।
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव:
आचार्य शिवेंद्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का मेष व सिंह राशि समेत अन्य पर भी विपरीत प्रभाव रहेगा। लेकिन ईश्वर की आराधना और कुछ सरल उपायों से नकारात्मक प्रभाव को नियंत्रित कर सकते हैं-
मेष : रोग की आशंका और मानसिक अशांति की संभावना
वृष : ग्रहण अनुकूल फलप्रद है, मान-सम्मान में वृद्धि होगी
मिथुन : आर्थिक हानि होने की संभावना
कर्क : शारीरिक कष्ट, दुर्घटना का योग, अहित की संभावना
सिंह : व्यय में वृद्धि, आर्थिक हानि व स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव की संभावना
कन्या : ग्रहण शुभ फलदायक है, धान लाभ, मान-सम्मान में वृद्धि होगी
तुला : ग्रहण अच्छा फल लाएगा, सुख-समृद्धि के साथ धन लाभ की संभावना
वृश्चिक: अपमान, चिंता, अपयश, दुर्घटना का भी भय
धनु : रोग, दुर्घटना, मानसिक समस्या, परेशानी और विरोधियों की सक्रियता से जूझना पड़ेगा
मकर : वैवाहिक सुख में कमी, तनाव रहेगा, जीवनसाथी से कष्ट होने की संभावना
कुंभ : कार्य में सफलता मिलेगी, सुख प्राप्त होगा, शत्रु परास्त होगें, नए मित्र भी बनने की संभावना
मीन: चंद्रग्रहण का प्रभाव मिला-जुला रहेगा। शारीरिक मानसिक चिंता व धन लाभ की संभावना