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Etawah News: तीसरे दिन भी सर्वर धीमा, भटके 66 मरीज
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इटावा। जिला अस्पताल में जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है उनकी तकलीफें भी बढ़ती जा रही हैं। रजिस्ट्रेशन और ओपीडी में डॉक्टर तक पहुंचने के लिए घंटों लंबी लाइन लगाने के बाद खून की जांच कराने के लिए पैथोलॉजी लैब पहुंच रहे हैं तो बिना जांच के ही उन्हें वापस होना पड़ रहा है। तीसरे दिन भी सर्वर सुस्त रहा, जिससे मरीजों को भटकने को मजबूर होना पड़ा। गुरुवार को भी 66 मरीजों को बिना जांच के ही लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 13 सौ के करीब मरीजों की संख्या पहुंच गई है। इनमें 30 प्रतिशत मरीजों को खून की जांच लिखी जाती है। पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन औसतन 280 मरीजों की खून की जांच होती है। लंबी लाइन में लगने के बाद मरीज खून का नमूना जांच के लिए दे पाते हैं। लेकिन, पिछले तीन दिनों से मरीजों की यह तकलीफ और बढ़ गई है।
चूहे के द्वारा तार कतर दिए जाने से सर्वर इतना धीमा हो गया है कि कई मरीजों की खून की जांच ही नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों को बिना खून की जांच के लौटना पड़ रहा है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल आने वाले मरीजों में 66 मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, उन्हें जल्द सुधार किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 13 सौ के करीब मरीजों की संख्या पहुंच गई है। इनमें 30 प्रतिशत मरीजों को खून की जांच लिखी जाती है। पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन औसतन 280 मरीजों की खून की जांच होती है। लंबी लाइन में लगने के बाद मरीज खून का नमूना जांच के लिए दे पाते हैं। लेकिन, पिछले तीन दिनों से मरीजों की यह तकलीफ और बढ़ गई है।
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चूहे के द्वारा तार कतर दिए जाने से सर्वर इतना धीमा हो गया है कि कई मरीजों की खून की जांच ही नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों को बिना खून की जांच के लौटना पड़ रहा है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल आने वाले मरीजों में 66 मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, उन्हें जल्द सुधार किया जा रहा है।
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