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Etawah News: 23 साल बाद मई में रिकॉर्ड तोड़ बरसे बदरा, सावन सा नजारा
Fri, 05 May 2023 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 05 May 2023 11:55 PM IST
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इटावा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में आया बदलाव मई में भी ठंड का अहसास करा रहा है। मई के चार दिनों में ही अब तक रिकाॅर्ड तोड़ बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 34.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इससे पूर्व 2001 में मई में 4.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
करीब 15 दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। 20 अप्रैल तक पारा 40 डिग्री रहने से इस बार भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई थी। लेकिन एक सप्ताह से मौसम ऐसा बदला कि मई में सावन सा नजारा दिखने लगा। ताखा क्षेत्र में एक मई को तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। तीन मई की शाम को शहर के अलावा अन्य क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। तीन दिनों में 38.4 मिलीमीटर बरसात हुई। रिकाॅर्ड तोड़ बारिश ने जहां किसानों की कमर तोड़ दी है, वहीं तापमान गिरने से बीमारियां भी घेर रही हैं।
यह रही है स्थिति
2001 में 4.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 2019 तक मई में बारिश नहीं हुई। 2020 में 0.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। 2021 व 2022 में मई में बारिश की एक बूंद नहीं गिरी थी।
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दो दिन तूफान के साथ बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि मई के दूसरे सप्ताह में तूफान आने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सात मई तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। लिहाजा छह और सात मई को तेज हवाओं के साथ बारिश होने व ओलावृष्टि की संभावना है। यानी अभी किसानों की मुश्किलें दूर होतीं दिखाई नहीं पड़ रहीं हैं। गेहूं की बची फसल को बर्बाद होने से बचाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसी स्थिति में गेहूं की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ेगा।
अप्रैल में 60.2 मिलीमीटर पानी गिरा
20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंचने से लोगों का दिन में निकलना मुहाल हो गया था। लू का असर लोगों को परेशान करने लगा था। अचानक 21 से मौसम बिगड़ना शुरू हो गया था। पारा लगभग चार डिग्री गिरकर 38 पहुंच गया था। 22 को तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी। इसके बाद रुक-रुक कर मौसम लगातार बिगड़ रहा था। ऐसे में 29 अप्रैल तक पारा 10 डिग्री गिरकर 30 डिग्री तक पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल में भी बारिश 60.2 मिलीमीटर हुई थी। इससे कई साल का रिकार्ड अप्रैल में भी टूटा था।
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करीब 15 दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। 20 अप्रैल तक पारा 40 डिग्री रहने से इस बार भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई थी। लेकिन एक सप्ताह से मौसम ऐसा बदला कि मई में सावन सा नजारा दिखने लगा। ताखा क्षेत्र में एक मई को तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। तीन मई की शाम को शहर के अलावा अन्य क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। तीन दिनों में 38.4 मिलीमीटर बरसात हुई। रिकाॅर्ड तोड़ बारिश ने जहां किसानों की कमर तोड़ दी है, वहीं तापमान गिरने से बीमारियां भी घेर रही हैं।
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यह रही है स्थिति
2001 में 4.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 2019 तक मई में बारिश नहीं हुई। 2020 में 0.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। 2021 व 2022 में मई में बारिश की एक बूंद नहीं गिरी थी।
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दो दिन तूफान के साथ बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि मई के दूसरे सप्ताह में तूफान आने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सात मई तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। लिहाजा छह और सात मई को तेज हवाओं के साथ बारिश होने व ओलावृष्टि की संभावना है। यानी अभी किसानों की मुश्किलें दूर होतीं दिखाई नहीं पड़ रहीं हैं। गेहूं की बची फसल को बर्बाद होने से बचाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसी स्थिति में गेहूं की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ेगा।
अप्रैल में 60.2 मिलीमीटर पानी गिरा
20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंचने से लोगों का दिन में निकलना मुहाल हो गया था। लू का असर लोगों को परेशान करने लगा था। अचानक 21 से मौसम बिगड़ना शुरू हो गया था। पारा लगभग चार डिग्री गिरकर 38 पहुंच गया था। 22 को तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी। इसके बाद रुक-रुक कर मौसम लगातार बिगड़ रहा था। ऐसे में 29 अप्रैल तक पारा 10 डिग्री गिरकर 30 डिग्री तक पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल में भी बारिश 60.2 मिलीमीटर हुई थी। इससे कई साल का रिकार्ड अप्रैल में भी टूटा था।