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Etawah News: रंग और पकवानों में हुए मस्त, सेहत पड़ी सुस्त
Sat, 11 Mar 2023 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sat, 11 Mar 2023 12:06 AM IST
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इटावा/सैफई। होली में रंगबाजी की मस्ती लोगों की सेहत पर भारी पड़ गई। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1350 और सैफई मेडिकल कॉलेज में 3000 मरीज पहुंचे। पर्चा बनवाने और दवा लेने के लिए लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ा। पेट, त्वचा और नेत्र रोगियों की संख्या ज्यादा रही। बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज भी दवा लेने पहुंचे।
ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन सुबह आठ बजे से लग गई। फिजिशियन से लेकर अन्य चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीज खड़े दिखे। दोपहर 12 बजे के बाद भी मरीज पर्चा बनवाने आए। जिला अस्पताल में पेटदर्द, बुखार, खांसी के 375 मरीज आए। जबकि त्वचा संक्रमण के 130 रोगी पहुंचे। पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित 114 बच्चे आए। यही हाल मेडिकल कॉलेज का रहा। यहां 3000 मरीजों की ओपीडी हुई। करीब एक हजार मरीज पेट दर्द, बुखार, जुकाम और खांसी की समस्या लेकर पहुंचे। 300 त्वचा रोगी थे। इनके अलावा, दोनों जगहों पर करीब 100 मरीज ऐसे थे जो आंखों में रंग जाने के कारण परेशान दिखे। आंखों में लालिमा, खुजली, पानी निकलने की समस्या थी।
डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि उनके पास पेटदर्द, बुखार और खांसी के मरीज ज्यादा आए। होली पर खानपान और ठंडी चीजों के सेवन की वजह से दिक्कतें बढ़ीं हैं। कुछ मरीजों को 15 से 20 दिन से खांसी आ रही है। उनका एक्सरे कराया गया। कुछ का सीटी स्कैन भी हुआ।
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सैफई मेडिकल कॉलेज के चिकित्साधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार की ओपीडी में तीन हजार मरीज आए। इनमें सबसे ज्यादा खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज थे।
रंग के बाद खुजली से परेशानी बढ़ी
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 130 त्वचा रोगी देखे। ज्यादातर होली पर रंग के बाद खुजली से परेशान थे। रंग लगने के बाद शरीर में सूखापन और दरारें आ गईं। कुछ मरीजों के हाथ और बदन में दाने थे। उन्हें दवाएं लिखने के बाद सलाह दी है कि साबुन और तौलियां अलग रखें। उन्हें गर्म पानी से जरूर धोएं।
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ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन सुबह आठ बजे से लग गई। फिजिशियन से लेकर अन्य चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीज खड़े दिखे। दोपहर 12 बजे के बाद भी मरीज पर्चा बनवाने आए। जिला अस्पताल में पेटदर्द, बुखार, खांसी के 375 मरीज आए। जबकि त्वचा संक्रमण के 130 रोगी पहुंचे। पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित 114 बच्चे आए। यही हाल मेडिकल कॉलेज का रहा। यहां 3000 मरीजों की ओपीडी हुई। करीब एक हजार मरीज पेट दर्द, बुखार, जुकाम और खांसी की समस्या लेकर पहुंचे। 300 त्वचा रोगी थे। इनके अलावा, दोनों जगहों पर करीब 100 मरीज ऐसे थे जो आंखों में रंग जाने के कारण परेशान दिखे। आंखों में लालिमा, खुजली, पानी निकलने की समस्या थी।
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डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि उनके पास पेटदर्द, बुखार और खांसी के मरीज ज्यादा आए। होली पर खानपान और ठंडी चीजों के सेवन की वजह से दिक्कतें बढ़ीं हैं। कुछ मरीजों को 15 से 20 दिन से खांसी आ रही है। उनका एक्सरे कराया गया। कुछ का सीटी स्कैन भी हुआ।
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सैफई मेडिकल कॉलेज के चिकित्साधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार की ओपीडी में तीन हजार मरीज आए। इनमें सबसे ज्यादा खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज थे।
रंग के बाद खुजली से परेशानी बढ़ी
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 130 त्वचा रोगी देखे। ज्यादातर होली पर रंग के बाद खुजली से परेशान थे। रंग लगने के बाद शरीर में सूखापन और दरारें आ गईं। कुछ मरीजों के हाथ और बदन में दाने थे। उन्हें दवाएं लिखने के बाद सलाह दी है कि साबुन और तौलियां अलग रखें। उन्हें गर्म पानी से जरूर धोएं।