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Etawah News: एक गर्भ, दो रिपोर्ट... पहली में मौत, दूसरी में जिंदगी
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इटावा। जिले में जगह-जगह खुले अल्ट्रासाउंड सेंटर जांच के नाम पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऊसराहार क्षेत्र में किसान की गर्भवती पत्नी को गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पत्नी के गर्भ में पल रहे दो बच्चों में से एक की मौत हो चुकी है। जल्द सफाई न करवाने पर पत्नी की जान जा सकती है। आनन फानन किसान ने दूसरे सेंटर में अल्ट्रासाउंड करवाया तो पता चला कि गर्भ में एक ही बच्चा है, जो सामान्य है। इस पर किसान और उसके परिजन ने राहत की सांस ली। पीड़ित की शिकायत पर रजिस्ट्रेशन के नोडल अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
ऊसराहार क्षेत्र के रजपुरा गांव निवासी रामू सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी ममता गर्भवती है। 14 सितंबर को उसने ऊसराहार क्षेत्र के किशनी रोड स्थित एक पैथोलॉजी में पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया था। आरोप है कि यहां डॉक्टर ने पत्नी के गर्भ में दो शिशु होने की पुष्टि की। पहले अल्ट्रासाउंड सेंटर पर डॉक्टर ने ममता को 16 सप्ताह तीन दिन की गर्भवती बताया। उन्होंने किसान को जल्द ही गर्भ की सफाई करवा लेने की सलाह दी। डॉक्टर ने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर पत्नी को जान का खतरा हो सकता है। इस अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सेंटर ने 600 रुपये लिए। पत्नी की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर वह घबरा गया। रिपोर्ट की सत्यता पर संदेह होने पर उसने अगले दिन क्षेत्र के दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर में पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया। डॉक्टर ने ममता के गर्भ में केवल एक ही शिशु होने की बात बताई। दूसरी रिपोर्ट में शिशु को पूरी तरह सामान्य दर्शाया गया।
इसके बाद उसने पहले अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक से गलत रिपोर्ट देने की शिकायत की और 600 रुपये वापस मांगे। सेंटर संचालक ने उसे समझाकर वापस भेज दिया। निराश होकर रामू सिंह ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
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रामू सिंह ने बताया कि ऊसराहार स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट में महिला डॉक्टर का नाम लिखा है, जबकि यहां महिला चिकित्सक नहीं है। आरोप लगाया कि उसने जब पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया तो महिला की जगह पुरुष डॉक्टर ने पत्नी की जांच की, इससे पत्नी को असहजता हुई। पत्नी ने उससे शिकायत भी की थी। पीड़ित ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 65 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। इन अल्ट्रासाउंड सेंटर की समय-समय पर जांच की जाती है। कमियां मिलने पर उसे दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए जाते हैं। गड़बड़ी मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।
वर्जन-- -
ऊसराहार क्षेत्र में गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत देने की जानकारी हुई हैं। अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच करवाई जाएगी। अगर गलत रिपोर्ट दी गई है तो संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अमित दीक्षित, डिप्टी सीएमओ, नोडल अधिकारी (रजिस्ट्रेशन)
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ऊसराहार क्षेत्र के रजपुरा गांव निवासी रामू सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी ममता गर्भवती है। 14 सितंबर को उसने ऊसराहार क्षेत्र के किशनी रोड स्थित एक पैथोलॉजी में पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया था। आरोप है कि यहां डॉक्टर ने पत्नी के गर्भ में दो शिशु होने की पुष्टि की। पहले अल्ट्रासाउंड सेंटर पर डॉक्टर ने ममता को 16 सप्ताह तीन दिन की गर्भवती बताया। उन्होंने किसान को जल्द ही गर्भ की सफाई करवा लेने की सलाह दी। डॉक्टर ने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर पत्नी को जान का खतरा हो सकता है। इस अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सेंटर ने 600 रुपये लिए। पत्नी की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर वह घबरा गया। रिपोर्ट की सत्यता पर संदेह होने पर उसने अगले दिन क्षेत्र के दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर में पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया। डॉक्टर ने ममता के गर्भ में केवल एक ही शिशु होने की बात बताई। दूसरी रिपोर्ट में शिशु को पूरी तरह सामान्य दर्शाया गया।
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इसके बाद उसने पहले अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक से गलत रिपोर्ट देने की शिकायत की और 600 रुपये वापस मांगे। सेंटर संचालक ने उसे समझाकर वापस भेज दिया। निराश होकर रामू सिंह ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
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रामू सिंह ने बताया कि ऊसराहार स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट में महिला डॉक्टर का नाम लिखा है, जबकि यहां महिला चिकित्सक नहीं है। आरोप लगाया कि उसने जब पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया तो महिला की जगह पुरुष डॉक्टर ने पत्नी की जांच की, इससे पत्नी को असहजता हुई। पत्नी ने उससे शिकायत भी की थी। पीड़ित ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 65 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। इन अल्ट्रासाउंड सेंटर की समय-समय पर जांच की जाती है। कमियां मिलने पर उसे दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए जाते हैं। गड़बड़ी मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।
वर्जन
ऊसराहार क्षेत्र में गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत देने की जानकारी हुई हैं। अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच करवाई जाएगी। अगर गलत रिपोर्ट दी गई है तो संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अमित दीक्षित, डिप्टी सीएमओ, नोडल अधिकारी (रजिस्ट्रेशन)