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आदेश बेअसर, समय पर नहीं पहुंच रहे अफसर
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इटावा। एआरटीओ कार्यालय में अफसर और लिपिक समय पर नहीं आते हैं। यहां शासन का आदेश बेअसर हैं। बुधवार सुबह 10:15 बजे तक एआरटीओ, आरआई और तीन लिपिकों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूछताछ के लिए बनी खिड़की भी बंद थी। इसके कारण लाइसेंस, परमिट और अन्य कार्यों के लिए आए लोग सही जानकारी के लिए भटकते रहे।
कक्ष संख्या दो फिटनेस कक्ष में आरआई विवेक खरवार की कुर्सी खाली पड़ी थी। कक्ष में एक ऑपरेटर बैठा था। पूछने पर बताया कि साहब निरीक्षण पर गए हैं, आते ही होंगे। लगभग साढ़े दस बजे कार्यालय पहुंचे आरआई ने बताया कि वह बसरेहर थाने का आईरेड एप से निरीक्षण करने गए थे, इसलिए आने में देरी हुई।
कक्ष संख्या तीन प्रवर्तन शाखा में भी लिपिक की कुर्सी खाली पड़ी रही। बड़े वाहनों का परमिट कराने आने वाले कुछ लोग बाबू न मिलने पर लौट गए। वहीं कुछ ने इंतजार किया। करीब 10 बजकर 35 मिनट पर दफ्तर पहुंचे लिपिक मयंक राज ने बताया कि वह कोर्ट ड्यूटी की फाइल लेकर गए थे, इसलिए आने में देरी हो गई।
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कक्ष संख्या चार में बने कैश शाखा कक्ष में भी सुबह से सन्नाटा रहा। जानकारी करने पर पता चला कि कक्ष में बैठने वाले लिपिक रामजगत अवकाश पर गए हैं। इसलिए उनका काम अन्य कोई बाबू देखेंगे।
हल्के वाहन शाखा में सवा 10 बजे तक कुर्सी खाली पड़ी रही। इसके बाद लिपिक आ गईं। उन्होंने बताया कि रास्ते में जाम की वजह से आने में थोड़ी देरी हो गई। वह प्रतिदिन समय से ही आती हैं।
एआरटीओ कक्ष में भी सुबह कुर्सी खाली पड़ी रही। यहां आए फरियादी कोई अधिकारी न होने की वजह से लौटते रहे। कुछ ने इंतजार भी किया। फोन पर वार्ता पर एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि वह चेकिंग के लिए क्षेत्र में गए थे। इसलिए दफ्तर देरी से पहुंचे।
इंतजार किया, कल फिर आएंगे
उदी से गाड़ी का परमिट बढ़वाने आए अरुण कुमार ने बताया कि वह 10 बजे आ गए थे। लिपिक और आरआई के न मिलने की वजह से इंतजार कर रहे हैं। यदि नहीं आए तो कल दोबारा आकर कोशिश करेंगे।
छहराहे निवासी अल्तमस ने बताया कि वह हैवी लाइसेंस बनवाना चाहते हैं। फीस कई दिन पहले जमा कर दी है, लेकिन अभी तक फोटो खिंचने का नंबर नहीं आया है। इसी संबंध में जानकारी करने आए थे, कोई अधिकारी नहीं मिला है।
खुद चेकिंग करने के लिए गए थे। अन्य लोग देरी से क्यों आए, इस संबंध में सभी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। चेतावनी दी जाएगी। - ब्रजेश यादव, एआरटीओ प्रशासन।
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कक्ष संख्या दो फिटनेस कक्ष में आरआई विवेक खरवार की कुर्सी खाली पड़ी थी। कक्ष में एक ऑपरेटर बैठा था। पूछने पर बताया कि साहब निरीक्षण पर गए हैं, आते ही होंगे। लगभग साढ़े दस बजे कार्यालय पहुंचे आरआई ने बताया कि वह बसरेहर थाने का आईरेड एप से निरीक्षण करने गए थे, इसलिए आने में देरी हुई।
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कक्ष संख्या तीन प्रवर्तन शाखा में भी लिपिक की कुर्सी खाली पड़ी रही। बड़े वाहनों का परमिट कराने आने वाले कुछ लोग बाबू न मिलने पर लौट गए। वहीं कुछ ने इंतजार किया। करीब 10 बजकर 35 मिनट पर दफ्तर पहुंचे लिपिक मयंक राज ने बताया कि वह कोर्ट ड्यूटी की फाइल लेकर गए थे, इसलिए आने में देरी हो गई।
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कक्ष संख्या चार में बने कैश शाखा कक्ष में भी सुबह से सन्नाटा रहा। जानकारी करने पर पता चला कि कक्ष में बैठने वाले लिपिक रामजगत अवकाश पर गए हैं। इसलिए उनका काम अन्य कोई बाबू देखेंगे।
हल्के वाहन शाखा में सवा 10 बजे तक कुर्सी खाली पड़ी रही। इसके बाद लिपिक आ गईं। उन्होंने बताया कि रास्ते में जाम की वजह से आने में थोड़ी देरी हो गई। वह प्रतिदिन समय से ही आती हैं।
एआरटीओ कक्ष में भी सुबह कुर्सी खाली पड़ी रही। यहां आए फरियादी कोई अधिकारी न होने की वजह से लौटते रहे। कुछ ने इंतजार भी किया। फोन पर वार्ता पर एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि वह चेकिंग के लिए क्षेत्र में गए थे। इसलिए दफ्तर देरी से पहुंचे।
इंतजार किया, कल फिर आएंगे
उदी से गाड़ी का परमिट बढ़वाने आए अरुण कुमार ने बताया कि वह 10 बजे आ गए थे। लिपिक और आरआई के न मिलने की वजह से इंतजार कर रहे हैं। यदि नहीं आए तो कल दोबारा आकर कोशिश करेंगे।
छहराहे निवासी अल्तमस ने बताया कि वह हैवी लाइसेंस बनवाना चाहते हैं। फीस कई दिन पहले जमा कर दी है, लेकिन अभी तक फोटो खिंचने का नंबर नहीं आया है। इसी संबंध में जानकारी करने आए थे, कोई अधिकारी नहीं मिला है।
खुद चेकिंग करने के लिए गए थे। अन्य लोग देरी से क्यों आए, इस संबंध में सभी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। चेतावनी दी जाएगी। - ब्रजेश यादव, एआरटीओ प्रशासन।