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Etawah News: बदलते मौसम में बीमारियों का सितम, जिला अस्पताल में दवाइयां खत्म
Thu, 13 Apr 2023 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 13 Apr 2023 12:08 AM IST
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इटावा। जिला अस्पताल में खांसी का सीरप और पेट गैस की दवाएं न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ है। मरीजों को मजबूरी में डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।
जिला चिकित्सालय में बुुधवार को 1100 मरीज ओपीडी में दिखाने के आए थे। इनमें से बड़ी संख्या में मरीज एसिड और खांसी, जुकाम और पेशाब में संक्रमण के आ रहे हैं। जिला अस्पताल में खांसी के सीरप समेत कई अन्य सीरप और दवाएं नहीं हैं। इससे यहां आने वाले मरीजों को डॉक्टर दवा लिखने से बच रहे हैं। मरीजों के ज्यादा जोर डालने पर बाहर की दवाएं लिख दी जा रही हैं।
जिला अस्पताल आए विद्यानारायण निवासी चितभवन ने बताया कि यहा चार दिन पहले भी दिखाने आए थे। पेट में दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने दवाएं लिखी थीं। इनमें से एक संक्रमण खत्म करने वाली दवा नहीं मिली थी। बुधवार को फिर देखने आए तो भी दवाएं नहीं मिली। अब बाहर से खरीदेंगे। महेवा से आए प्रेमचंद्र ने बताया कि मां की एसिडिटी की दवा लेने आया था, लेकिन वह नहीं मिली। सरीता देवी बसरेहर नगला बेनी ने बताया कि खांसी का सीरप नहीं मिला है। इस बारे दवा वितरण केंद्र पर पूछा तो बताया गया कि सीरप नहीं है।
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यह दवाएं नहीं आईं
एमोक्सीक्लैव सीरप अस्पताल में नहीं है। इसका उपयोग पेशाब में संक्रमण, निमोनिया, गले व कान में संक्रमण में उपयोग होता है। सेफ्ट्रॉन का उपयोग पेट-दर्द, गैस, एसडिटी से जुुड़ी समस्या में उपयोग होता है। आयरन का उपयोग पोषण की कमी विटामिन बी की कमी रही। मेट्रोडोजल का उपयोग मस्तिष्क, त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाले संक्रमण के इलाज में किया जाता है। वहीं एंटाएसिड भी नहीं है, जो पेट में होने वाली गैस और अन्य समस्या में उपयोगी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एमएम आर्या ने बताया कि दवाइयां और सीरप का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी कई सेम सॉल्ट की दवाइयां हैं। उन्हें दिया जा रहा है।
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जिला चिकित्सालय में बुुधवार को 1100 मरीज ओपीडी में दिखाने के आए थे। इनमें से बड़ी संख्या में मरीज एसिड और खांसी, जुकाम और पेशाब में संक्रमण के आ रहे हैं। जिला अस्पताल में खांसी के सीरप समेत कई अन्य सीरप और दवाएं नहीं हैं। इससे यहां आने वाले मरीजों को डॉक्टर दवा लिखने से बच रहे हैं। मरीजों के ज्यादा जोर डालने पर बाहर की दवाएं लिख दी जा रही हैं।
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जिला अस्पताल आए विद्यानारायण निवासी चितभवन ने बताया कि यहा चार दिन पहले भी दिखाने आए थे। पेट में दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने दवाएं लिखी थीं। इनमें से एक संक्रमण खत्म करने वाली दवा नहीं मिली थी। बुधवार को फिर देखने आए तो भी दवाएं नहीं मिली। अब बाहर से खरीदेंगे। महेवा से आए प्रेमचंद्र ने बताया कि मां की एसिडिटी की दवा लेने आया था, लेकिन वह नहीं मिली। सरीता देवी बसरेहर नगला बेनी ने बताया कि खांसी का सीरप नहीं मिला है। इस बारे दवा वितरण केंद्र पर पूछा तो बताया गया कि सीरप नहीं है।
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यह दवाएं नहीं आईं
एमोक्सीक्लैव सीरप अस्पताल में नहीं है। इसका उपयोग पेशाब में संक्रमण, निमोनिया, गले व कान में संक्रमण में उपयोग होता है। सेफ्ट्रॉन का उपयोग पेट-दर्द, गैस, एसडिटी से जुुड़ी समस्या में उपयोग होता है। आयरन का उपयोग पोषण की कमी विटामिन बी की कमी रही। मेट्रोडोजल का उपयोग मस्तिष्क, त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाले संक्रमण के इलाज में किया जाता है। वहीं एंटाएसिड भी नहीं है, जो पेट में होने वाली गैस और अन्य समस्या में उपयोगी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एमएम आर्या ने बताया कि दवाइयां और सीरप का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी कई सेम सॉल्ट की दवाइयां हैं। उन्हें दिया जा रहा है।