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भूख और दर्द के बीच एंबुलेंस का इंतजार करती रहीं गर्भवतियां

Wed, 28 Sep 2022 12:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 12:46 AM IST
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late in ultrasound ambulence waiting
इटावा। एक अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आठ किलोमीटर दूरी तय करके बिना खाना खाए सुबह जिला अस्पताल पहुंचीं 10 महिलाओं ने ये पीड़ा बताई। करीब डेढ़ घंटे बाद अल्ट्रासाउंड तो हो गया लेकिन इसके बाद एंबुलेंस के इंतजार में वह दोपहर एक बजे तक जिला अस्पताल के गेट पर जमीन पर बैठी रहीं।
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भरथना रोड स्थित महानेपुर गांव से मंगलवार को गर्भवती दिक्षा, ज्योति, पिंकी और ज्योति (द्वितीय) 102 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचीं। इन्हें बढ़पुरा की आशा सियावती लेकर आईं थीं। गांव से जिला अस्पताल करीब आठ किलोमीटर दूर है। अल्ट्रासाउंड कराना था इसलिए खाली पेट थीं। जिला अस्पताल में इन्हें उतारकर एंबुलेंस चली गई। अल्ट्रासाउंड के बाद दोपहर साढ़े 11 बजे जब महिलाएं बाहर आईं तो एंबुलेंस नहीं थीं। आशा करीब डेढ़ घंटे तक चालक से संपर्क करती रहीं लेकिन एंबुलेंस दोपहर करीब एक बजे पहुंची। गर्भवती महिलाएं इस दौरान भूख से तड़पती रहीं और जमीन पर बैठी रहीं।
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तपती धूप में बच्चे को लेकर एंबुलेंस तलाशी
शहर के लुहन्ना से बच्चे का इलाज कराने आशा के साथ आई पूनम ने बताया कि एक घंटे से एक साल के बच्चे को धूप में लेकर भटक रही हैं लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली।
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मरीजों को लाना और उन्हें छोड़ना एंबुलेंस चालक की जिम्मेदारी होती है। हो सकता है कि मरीज को लाने के लिए एंबुलेंस चली गई हो। वह मामले की जांच कराएंगे। अगर लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।- राहुल कुमार, 102 एंबुलेंस प्रभारी।
बाहर से मंगवाए इंजेक्शन, नहीं मिली व्हीलचेयर
इटावा। जिला अस्पताल में महंगे इंजेक्शन और दवाएं बाहर से मंगवाई जा रही हैं। मंगलवार को सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिलाओं ने बताया कि दर्द ज्यादा होने डॉक्टर ने बाहर से इंजेक्शन मंगवाए थे।
यहां भर्ती जसवंतनगर के भारद्वाजपुर निवासी नीलम (33) और अछल्दा निवासी रूबी (29) ने बताया कि ग्लूकोज और अन्य दवाएं तो अस्पताल से मिलीं लेकिन दर्द बढ़ने पर जब डॉक्टर को बताया तो उन्होंने बाहर से इंजेक्शन और दवा लाने के लिए लिख दिया। वहीं जिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद दर्द से कराह रहीं महिलाओं को व्हील चेयर तक नहीं मिली।
उन्हें पैदल ही तीमारदार पकड़कर ले गए। सैफई के बहादुरपुर हेवरा गांव निवासी नीलम देवी (24) की बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल में तीमारदार महिलाएं उन्हें पकड़कर जांच के लिए ले जा रही थीं। पूछने पर पति जयचंद्र ने बताया कि व्हीलचेयर के लिए एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक भटके लेकिन नहीं मिली। रसूलाबाद निवासी चंपादेवी (40) का पथरी का ऑपरेशन हुआ था। उन्हें भी जांच के लिए जाना था लेकिन व्हील चेयर नहीं मिली। (संवाद)

जिला अस्पताल में बाहर से दवाएं मंगवाना गलत है। इस बारे में जानकारी जाएगी। व्हीलचेयर तो अस्पताल में पर्याप्त हैं, इन महिलाओं को क्यों नहीं मिली, इस बारे में भी पता किया जाएगा। व्यवस्था की जाएगी कि हर वार्ड में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर आसानी से मरीजों को उलब्ध हों। - डॉ. आरके सिंह, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल।
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