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इटावा: ब्याज व जुर्माना हुआ माफ, ली राहत की सांस
Sun, 12 Feb 2023 04:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sun, 12 Feb 2023 04:48 AM IST
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इटावा। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को रिकार्ड तोड़ 53575 मामले निस्तारित हुए। कई साल की भाग दौड़ के बाद जिन लोगों के मुकदमों का निस्तारण हुआ उन्होंने राहत की सांस ली। किसी को ब्याज छोड़ने व किसी को जुर्माना मिलने से राहत मिली।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 60 वादों में 3,42,60000 रुपये प्रतिकर पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति अधिकरण देवेन्द्र सिंह द्वितीय ने तय किए। फौजदारी के 5160 वादों का निस्तारण किया गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आनन्द प्रकाश द्वितीय तथा अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश शैलेन्द्र निगम ने 38 वैवाहिक प्रकरणों का निस्तारण किया। साथ ही 18 जोड़ों की विदाई कराई। प्री-लिटिगेशन स्तर के दांपत्य विवादों में कुल चार प्रकरणों का सफलतापूवर्क निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी ने किया। नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत कुमार प्रशांत स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आनंद प्रकाश द्वितीय, अपर जनपद न्यायाधीश राममिलन सिंह, मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी देवेन्द्र सिंह द्वितीय उपस्थित रहे।
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जताई खुशी
गांव बिरारी से आए संजीव कुमार ने बताया वर्ष 2019 में बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दो साल गाड़ी जमा रही पर किस्त जमा नहीं कर पाए। अब 29190 रुपये का ब्याज छोड़ा गया। काफी राहत मिली।
अतराईपुर से आए संजय सिंह ने बताया कि 2018 में मोटर साइकिल ली थी। किस्तें जमा कीं, लेकिन रसीद नहीं दी। लॉकडाउन में दो महीने का ब्याज नहीं लगा। लेकिन पांच हजार का ब्याज लगा दिया। आज दो हजार जमा करना पड़ा।
धमना की मड़ैया से आए मुकुल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का पैसा जमा हो गया था। जो 84 हजार रुपये था। ब्याज मिलना रह गया था जो आज 17 हजार रुपये बना है।
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लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 60 वादों में 3,42,60000 रुपये प्रतिकर पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति अधिकरण देवेन्द्र सिंह द्वितीय ने तय किए। फौजदारी के 5160 वादों का निस्तारण किया गया।
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प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आनन्द प्रकाश द्वितीय तथा अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश शैलेन्द्र निगम ने 38 वैवाहिक प्रकरणों का निस्तारण किया। साथ ही 18 जोड़ों की विदाई कराई। प्री-लिटिगेशन स्तर के दांपत्य विवादों में कुल चार प्रकरणों का सफलतापूवर्क निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी ने किया। नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत कुमार प्रशांत स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आनंद प्रकाश द्वितीय, अपर जनपद न्यायाधीश राममिलन सिंह, मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी देवेन्द्र सिंह द्वितीय उपस्थित रहे।
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जताई खुशी
गांव बिरारी से आए संजीव कुमार ने बताया वर्ष 2019 में बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दो साल गाड़ी जमा रही पर किस्त जमा नहीं कर पाए। अब 29190 रुपये का ब्याज छोड़ा गया। काफी राहत मिली।
अतराईपुर से आए संजय सिंह ने बताया कि 2018 में मोटर साइकिल ली थी। किस्तें जमा कीं, लेकिन रसीद नहीं दी। लॉकडाउन में दो महीने का ब्याज नहीं लगा। लेकिन पांच हजार का ब्याज लगा दिया। आज दो हजार जमा करना पड़ा।
धमना की मड़ैया से आए मुकुल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का पैसा जमा हो गया था। जो 84 हजार रुपये था। ब्याज मिलना रह गया था जो आज 17 हजार रुपये बना है।