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40 फीसदी ट्रैवल्स बसें मानक से अधिक लंबी

Fri, 06 Mar 2020 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2020 12:24 AM IST
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etawah news crime bus
इटावा। कन्नौज में हुए हादसे के बाद ट्रेवल बसों की जांच की जा रही है। अभी तक हुई 60 बसों की जांच में 40 फीसदी बसों की लंबाई ज्यादा निकली है। नोटिस अवधि के बाद भी संचालकों ने 240 बसों की जांच नहीं कराई है। इनके परमिट निलंबित करने की तैयारी है।
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जिले में लगभग 575 यात्री बसें पंजीकृत हैं। इसमे 400 बस टैवल्स परमिट पर चलती हैं। 100 टैवल्स बसों के परमिट लंबे समय से रीन्यू नहीं हुए हैं। सक्रिय 300 बसों को एआरटीओ ने दोबारा फिटनेस जांच के लिए नोटिस जारी किए थे। 100 बसों की जनवरी के आखिरी सप्ताह और 200 को फरवरी के अंतिम सप्ताह भर नोटिस भेजे गए थे। नोटिस प्राप्त होने के 14 दिन के अंदर एआरटीओ ऑफिस लाकर बसों की फिटनेस जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। 29 फरवरी तक केवल 60 बसों की जांच हुई। इसमें 26 बसों की लंबाई मानक से अधिक निकली। 240 बसो की जांच होना अभी बाकी है। हालांकि नोटिस की समयावधि बीत चुकी है, लेकिन एआरटीओ ने संचालकों की होली की छुट्टी के बाद तक जांच कराने का मौखिक समय बढ़ा दिया है। दरअसल, जो बसें नहीं लाई जा रही हैं उनमें ज्यादातर की लंबाई अधिक है। कुछ संचालक लंबाई कम करने में जुट गए हैं, ताकि फिटनेस में पकड़े न जाए। होली के अवकाश के बाद भी अगर संचालक बसें नहीं लाए तो तीन महीने के लिए परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे। इसकी तैयारी भी एआरटीओ ने शुरू कर दी है।
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इनसेट
क्या है लंबाई का मानक
टैवल्स बसों में सीटें व्हील बेस के हिसाब से तय की जाती है। ओवरहेड यानी पिछले पहिये के बाद का हिस्सा कुल लम्बाई का 60 प्रतिशत तक हो सकता है। इससे एक इंच भी अधिक लम्बाई होने पर बस अमानक मानी जाती है। अधिक लम्बाई मिलने पर मानक से अधिक हिस्सा कटवा दिया जाता है।
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इनसेट
50 से अधिक स्कूल बसें भी मिली थीं अनफिट
एआरटीओ में 374 स्कूल बसें भी पंजीकृत हैं। शहर के स्कूलों में चलने वाली 229 बसों की भी जनवरी में जांच कराई गई थी। इसमें करीब 50 बसें अनफिट मिली थीं। 18 बसें तो ऐसी थी कि जिन्हें चलाया ही नहीं जा सकता था। अनफिट मिली सभी बसों का संचालन एआरटीओ ने रोक दिया था।
इनसेट
नोटिस समयावधि के बाद देना होगा शुल्क
एआरटीओ से जनवरी के अंतिम और फरवरी के प्रथम सप्ताह बस संचालकों को नोटिस दिए गए थे। नोटिस मिलने के 14 दिन में जांच करानी थी। समयावधि में केवल 60 बसों की जांच हुई। समयावधि के बाद जिन बसों की जांच होगी उन्हें जांच शुल्क भी देना पड़ेगा।
वर्जन
नोटिस की समयावधि तक केवल 60 बसों की जांच हुई है, होली की छुट्टी के बाद तीन-चार दिन बाद तक का और समय है। उस अवधि में जांच शुल्क भी लिया जाएगा। इसके बाद भी फिटनेस जांच न करने वाली टैवल्स बस के परमिट तीन महीने के लिए निलंबित कर दिए जाएंगे।

-सौरभ कुमार, एआरटीओ इटावा
इनसेट
175 यात्री बसें पंजीकृत
एआरटीओ में अब तक 175 यात्री बसें भी पंजीकृत हैं। इसमें कुछ बसें 50 सीटर और कुछ 40 सीटर हैं। 40 सीटर तक बसें कंपनी मेड होती हैं। इनमें लंबाई और बड़ी फिटनेस अमानक नहीं होता। 50 सीट वाली ज्यादातर बसों में भी लंबाई का मानक आरटीओ ठीक मानते हैं, इसलिए जांच के मुख्य बिंदु में टैवल्स बसें ही हैं।
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