इटावा कथावाचक पिटाई केस: झांसी पुलिस को सौंपी गई जांच, अब तक 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज; चार गिरफ्तार
मामले के राजनीतिक तौर पर तूल लेने और दो प्रमुख जातियों का होने की वजह से पुलिस को विवेचना में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस पर एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने शासन से जोन के किसी अन्य जिले से दोनों मामलों की विवेचना कराने का आग्रह किया था।
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यूपी के इटावा स्थित दांदरपुर में 21 जून को कथावाचकों के साथ हुई मारपीट व सिर मुड़वाने और कथावाचकों के जाति छिपाने के मामलों के मुकदमों की विवेचना अब झांसी पुलिस करेगी। एसएसपी इटावा के आग्रह के बाद शासन ने यह निर्णय लिया है।
50 अज्ञात के खिलाफ केस
दांदरपुर गांव में 21 जून को कथावाचकों के साथ मारपीट व अभद्रता की गई थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद 23 जून को बकेवर थाने में दो नामजद समेत 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, नामजद कुछ आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
कथावाचक पर जाति छिपाकर भावना भड़काने का आरोप
वहीं, 24 जून को गांव में कथावाचक पर जाति छिपाकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रही महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने जाति छिपाने के मामले में कथावाचक मुकट मणि व संत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
शासन से मिली जांच की अनुमति
मामले के राजनीतिक तौर पर तूल लेने और दो प्रमुख जातियों का होने की वजह से पुलिस को विवेचना में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस पर एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने शासन से जोन के किसी अन्य जिले से दोनों मामलों की विवेचना कराने का आग्रह किया था। शासन ने झांसी पुलिस को दोनों मामलों की जांच सौंपी है। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की जांच झांसी पुलिस करेगी। शासन से इसकी अनुमति मिल गई है।