फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Burn ward becomes referral center for serious patients

Etawah News: गंभीर मरीजों के लिए बर्न वार्ड बना रेफर सेंटर

Wed, 22 Apr 2026 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:49 PM IST
विज्ञापन
Burn ward becomes referral center for serious patients
इटावा। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड के मरीजों के लिए सर्जन का चार साल से इंतजार है। यही वजह है कि यहां आने वाले गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। तीन माह में ही लगभग एक तिहाई मरीजों को रेफर कर किया गया है।
विज्ञापन


तापमान बढ़ने के साथ आग की घटनाएं भी बढ़ चुकी हैं। प्रतिदिन जिला अस्पताल एक से दो झुलसे हुए मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में बर्न वार्ड व्यवस्थित कर लिए गए हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग 10-10 बेड के दो वार्ड तैयार हैं। हालांकि चार साल से प्लास्टिक सर्जन न होने की वजह से गंभीर मरीजों को सीधे रेफर कर दिया जाता है। जनवरी से अभी तक कुल 60 मरीज जिला अस्पताल की इमरजेंसी में झुलसे हुए आए हैं। इनमें से 20 मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
विज्ञापन





पिछले वर्ष पौने चार सौ से ज्यादा मरीज अस्पताल आए थे जिनमें करीब 62 प्रतिशत रेफर कर दिए गए थे। 2024 में भी रेफर का आंकड़ा कुछ इसी प्रकार था। हर वर्ष यह स्थिति होने के कारण अस्पताल में बर्न चिकित्सक की आवश्यकता जोर पकड़ने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन











2023 - 312 - 185



2024 - 345 - 210



2025 - 388 - 240





जलने वाले मरीज के लिए शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक त्वचा जलने से शरीर का तरल पदार्थ तेजी से बाहर निकलता है, जिससे किडनी फेल होने का डर रहता है। त्वचा शरीर का रक्षा कवच है। इसके नष्ट होने पर कीटाणु सीधे रक्त में पहुंचकर जानलेवा संक्रमण फैलाते हैं। तापमान नियंत्रित करने वाली परत न होने से शरीर ठंडा पड़ जाता है। इससे जान का खतरा बढ़ जाता है।




जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। बुधवार को महिला वार्ड एक मरीज भर्ती थी। मरीज के पास दोनों तरफ बेड पर तीमारदार बिना किसी बचाव के बैठे थे। उन्हें यह तक अंदाजा नहीं था कि संक्रमण फैलने पर उनके मरीज की हालत बिगड़ सकती है।



बर्न वार्ड में चार साल से प्लास्टिक सर्जन नहीं है। शासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। भर्ती होने वाले मरीजों की देखरेख फिजीशियन से कराई जाती है।

डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed