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Etawah News: हादसे में अनिल का हाथ खराब होने पर छोड़ गई थी पत्नी
Mon, 25 Dec 2023 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 25 Dec 2023 11:56 PM IST
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बकेवर। अनिल हादसे में एक हाथ खराब होने पर दिव्यांग हो गया था। इसके बाद उसकी पत्नी छोड़कर चली गई थी। अनिल की शादी वर्ष 2018 में बकेवर थाना क्षेत्र के बल्लमपुरा गांव से हुई थी। शादी के एक माह बाद ही अनिल का हादसा हो गया था, जिसमें उसका एक हाथ खराब हो गया था। जिससे वह दिव्यांग हो गया था। हादसे में हाथ खराब हो जाने से उसकी पत्नी अनिल को छोड़कर चली गयी थी। तब से आज तक पत्नी व ससुराल वालों से कोई संपर्क नहीं है। अनिल के पिता नाथूराम मूल रूप से लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम तीन की मड़ैया गांव के रहने वाले हैं। करीब बीस साल पहले लखना आकर मकान बनवाकर रहने लगे थे। बड़ा भाई शिवशंकर सब्जी का ठेला लगाता है। उससे छोटा रमाशंकर दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है।
घटना स्थल पर मिले देसी शराब के खाली क्वार्टर
सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तीन देसी शराब के खाली क्वार्टर, तीन खाली फाइबर गिलास, नमकीन, बीड़ी बंडल, तखत पर रखी खाने की प्लेट व खून से सना ईंट का अद्धा भी बरामद किया। जिससे उसके सिर पर प्रहार किया गया।
पान-मसाला दुकानदार सहित तीन को पुलिस ने उठाया
पुलिस ने घटना स्थल के पास की के पान-मसाला की खोखा वाले दुकानदार सहित तीन लोगों को भी पूछताछ के लिए उठाया है। खोखा दुकानदार जितेंद्र ने बताया कि करीब पौने नौ बजे अनिल उसकी दुकान पर बीड़ी लेने आया था। उसके पास रुपये नहीं थे तो उसने अपने भतीजे राजीव को फोन कराया और बीड़ी दिलाने को कहा। राजीव के कहने पर उसने अनिल को बीड़ी बंडल व दो पान-मसाला की पुड़िया दे दीं। जिन्हें लेकर वह गेस्ट हाउस की तरफ चला गया था। खाने की प्लेट उसके हाथ में नहीं थी। उस खोखा दुकानदार का पुत्र विवेक दोहरे भी पिता के साथ में दुकान पर था। इसके अलावा पड़ोस में सामने आदर्श नगर में रहने वाला एक युवक भी वहां उस दौरान कुछ सामान लेने आया था। जितेंद्र ने बताया कि अनिल को सौदा देने के कुछ देर बाद ही करीब नौ बजे वह दुकान बंद कर अपने घर चला गया था। खोखा दुकानदार जितेंद्र का घर मृतक अनिल के घर के सामने है।
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गेस्टहाउस में अनिल को करीब नौ बजे तक देखा गया
अनिल की कंढैय्या गांव निवासी बहन की पुत्री की गोद भराई की रस्म रविवार को थी। जिसका कार्यक्रम घटना स्थल से मात्र दो सौ मीटर दूर स्थित एक गेस्टहाउस में था। जिसमें अनिल व उसके परिवार के सभी लोग शामिल हुए थे। परिजनों के मुताबिक गेस्टहाउस में कार्यक्रम करीब साढ़े आठ बजे के करीब खत्म हो गया था। भतीजे राजीव के अनुसार, गेस्टहाउस में अनिल को करीब नौ बजे तक देखा गया था। गेस्ट हाउस में कोई सीसीटीवी न लगा होने से उसके वहां कितने टाइम तक होने की कोई सही जानकारी नहीं मिल सकी।
शाम होते ही दुकानों पर लगता है शराब पीने के लिए जमावड़ा
बकेवर मार्ग पर जिस चाय की दुकान में दिव्यांग अनिल की ईंट से कूंचकर हत्या की गई। वह जगह लखना देहात ग्राम पंचायत में है। जिसपर स्वामित्व को लेकर ग्राम पंचायत और कब्जाधारी के बीच कोर्ट में मुकदमा भी लंबित है। जहां चाय की दुकान के साथ-साथ चार से पांच और भी खोखे रखे हुए हैं। मोहल्ला वासियों का कहना है कि शाम ढलते ही यहां दुकानें मयखाने में तब्दील हो जाते हैं और अनावश्यक लोगों का अराजकतत्वों का जमावड़ा भी लगना शुरू हो जाता है। इसी स्थान के पास में ही गली से दो साल पहले सात वर्षीय बालक शौर्य का भी अपहरण हुआ था बाद में उसका शव क्षत विक्षत अवस्था में लवेदी थाना क्षेत्र के बीहड़ में स्थित हमीरपुर शिव मंदिर के पास यमुना नदी के किनारे से बरामद हुआ था। मोहल्ला के लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने समय रहते इन खोखों पर अराजकतत्वों के जमावड़े पर रोक लगाई होती तो इतनी संगीन घटनाएं नहीं होतीं।
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घटना स्थल पर मिले देसी शराब के खाली क्वार्टर
सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तीन देसी शराब के खाली क्वार्टर, तीन खाली फाइबर गिलास, नमकीन, बीड़ी बंडल, तखत पर रखी खाने की प्लेट व खून से सना ईंट का अद्धा भी बरामद किया। जिससे उसके सिर पर प्रहार किया गया।
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पान-मसाला दुकानदार सहित तीन को पुलिस ने उठाया
पुलिस ने घटना स्थल के पास की के पान-मसाला की खोखा वाले दुकानदार सहित तीन लोगों को भी पूछताछ के लिए उठाया है। खोखा दुकानदार जितेंद्र ने बताया कि करीब पौने नौ बजे अनिल उसकी दुकान पर बीड़ी लेने आया था। उसके पास रुपये नहीं थे तो उसने अपने भतीजे राजीव को फोन कराया और बीड़ी दिलाने को कहा। राजीव के कहने पर उसने अनिल को बीड़ी बंडल व दो पान-मसाला की पुड़िया दे दीं। जिन्हें लेकर वह गेस्ट हाउस की तरफ चला गया था। खाने की प्लेट उसके हाथ में नहीं थी। उस खोखा दुकानदार का पुत्र विवेक दोहरे भी पिता के साथ में दुकान पर था। इसके अलावा पड़ोस में सामने आदर्श नगर में रहने वाला एक युवक भी वहां उस दौरान कुछ सामान लेने आया था। जितेंद्र ने बताया कि अनिल को सौदा देने के कुछ देर बाद ही करीब नौ बजे वह दुकान बंद कर अपने घर चला गया था। खोखा दुकानदार जितेंद्र का घर मृतक अनिल के घर के सामने है।
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गेस्टहाउस में अनिल को करीब नौ बजे तक देखा गया
अनिल की कंढैय्या गांव निवासी बहन की पुत्री की गोद भराई की रस्म रविवार को थी। जिसका कार्यक्रम घटना स्थल से मात्र दो सौ मीटर दूर स्थित एक गेस्टहाउस में था। जिसमें अनिल व उसके परिवार के सभी लोग शामिल हुए थे। परिजनों के मुताबिक गेस्टहाउस में कार्यक्रम करीब साढ़े आठ बजे के करीब खत्म हो गया था। भतीजे राजीव के अनुसार, गेस्टहाउस में अनिल को करीब नौ बजे तक देखा गया था। गेस्ट हाउस में कोई सीसीटीवी न लगा होने से उसके वहां कितने टाइम तक होने की कोई सही जानकारी नहीं मिल सकी।
शाम होते ही दुकानों पर लगता है शराब पीने के लिए जमावड़ा
बकेवर मार्ग पर जिस चाय की दुकान में दिव्यांग अनिल की ईंट से कूंचकर हत्या की गई। वह जगह लखना देहात ग्राम पंचायत में है। जिसपर स्वामित्व को लेकर ग्राम पंचायत और कब्जाधारी के बीच कोर्ट में मुकदमा भी लंबित है। जहां चाय की दुकान के साथ-साथ चार से पांच और भी खोखे रखे हुए हैं। मोहल्ला वासियों का कहना है कि शाम ढलते ही यहां दुकानें मयखाने में तब्दील हो जाते हैं और अनावश्यक लोगों का अराजकतत्वों का जमावड़ा भी लगना शुरू हो जाता है। इसी स्थान के पास में ही गली से दो साल पहले सात वर्षीय बालक शौर्य का भी अपहरण हुआ था बाद में उसका शव क्षत विक्षत अवस्था में लवेदी थाना क्षेत्र के बीहड़ में स्थित हमीरपुर शिव मंदिर के पास यमुना नदी के किनारे से बरामद हुआ था। मोहल्ला के लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने समय रहते इन खोखों पर अराजकतत्वों के जमावड़े पर रोक लगाई होती तो इतनी संगीन घटनाएं नहीं होतीं।