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जांच में विद्यालय की खामी उजागर
Etawah
Updated Thu, 06 Mar 2014 05:31 AM IST
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इटावा। हाईस्कूल की परीक्षा देने से वंचित रह गए छात्रों के मामले में विद्यालय सीधे तौर पर जिम्मेदार है। विद्यालय ने परीक्षा केंद्र पर संख्या सूचक चक्र नहीं भेजा था। परीक्षा सेंटर पर रिकार्ड मौजूद न होने के कारण एक सैकड़ा परीक्षार्थियों को परीक्षा नहीं देने दी गई। मामले की प्रारंभिक जांच में विद्यालय की खामी उजागर हुई है।
सोमवार को जसवंतनगर क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र पर हाईस्कूल की परीक्षा देने से वंचित रह गए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कल्याण सिंह इंटर कालेज के प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुआ है। इस तथ्य की पुष्टि डीआईओएस द्वारा कराई गई जांच में हुई है। जांच में पाया गया है कि कल्याण सिंह इंटर कालेज नगला असरोही की खामी रही कि उसने बनाए गए परीक्षा केंद्र प्रताप सिंह यादव हाईस्कूल नगला तौर पर छात्र संख्या सूचक चक्र ही नहीं भेजा था। यही कारण रहा कि सेंटर पर न तो छात्रों के रजिस्ट्रेशन संबंधी कोई जानकारी थी और न ही परीक्षार्थी के बारे में अन्य कोई। परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी भी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कोई भी जानकारी केंद्र व्यवस्थापक के साथ ही ड्यूटी पर तैनात टीचरों व अधिकारियों को नहीं दे पाए। इसके साथ यह भी तथ्य उजागर हुआ है कि बोर्ड के फार्म भरवाए जाने के समय नकल कराने के एवज में छात्रों से मोटी रकम वसूल की गई। बनाए गए परीक्षा केंद्र पर जब नकल की कोई गुंजाइश नहीं दिखाई दी तो छात्राें ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
डीआईओएस द्वारा गठित की गई टीम ने इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार करके डीआईओएस को सौंप दी है। डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि जिन छात्रों का पंजीकरण है, कोशिश है उन्हें अगले पेपर की परीक्षा दिलाई जाए। उन्होंने बताया कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। केंद्र पर रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी मुहैया न होने पर ही छात्रों को प्रवेश करने से रोका गया। वहीं कल्याण सिंह इंटर कालेज नगला असरोही के प्रबंधक अखिलेश प्रताप सिंह यादव ने स्वीकार किया कि छात्र संख्या सूचक चक्र परीक्षा केंद्र पर जमा करने में उन्हें थोड़ा विलंब हो गया था। उन्होंने फिर कहा कि जिन छात्रों को परीक्षा देने से वंचित किया गया है उनके रजिस्ट्रेशन कालेज द्वारा कराए गए हैं।
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सोमवार को जसवंतनगर क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र पर हाईस्कूल की परीक्षा देने से वंचित रह गए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कल्याण सिंह इंटर कालेज के प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुआ है। इस तथ्य की पुष्टि डीआईओएस द्वारा कराई गई जांच में हुई है। जांच में पाया गया है कि कल्याण सिंह इंटर कालेज नगला असरोही की खामी रही कि उसने बनाए गए परीक्षा केंद्र प्रताप सिंह यादव हाईस्कूल नगला तौर पर छात्र संख्या सूचक चक्र ही नहीं भेजा था। यही कारण रहा कि सेंटर पर न तो छात्रों के रजिस्ट्रेशन संबंधी कोई जानकारी थी और न ही परीक्षार्थी के बारे में अन्य कोई। परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी भी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कोई भी जानकारी केंद्र व्यवस्थापक के साथ ही ड्यूटी पर तैनात टीचरों व अधिकारियों को नहीं दे पाए। इसके साथ यह भी तथ्य उजागर हुआ है कि बोर्ड के फार्म भरवाए जाने के समय नकल कराने के एवज में छात्रों से मोटी रकम वसूल की गई। बनाए गए परीक्षा केंद्र पर जब नकल की कोई गुंजाइश नहीं दिखाई दी तो छात्राें ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
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डीआईओएस द्वारा गठित की गई टीम ने इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार करके डीआईओएस को सौंप दी है। डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि जिन छात्रों का पंजीकरण है, कोशिश है उन्हें अगले पेपर की परीक्षा दिलाई जाए। उन्होंने बताया कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। केंद्र पर रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी मुहैया न होने पर ही छात्रों को प्रवेश करने से रोका गया। वहीं कल्याण सिंह इंटर कालेज नगला असरोही के प्रबंधक अखिलेश प्रताप सिंह यादव ने स्वीकार किया कि छात्र संख्या सूचक चक्र परीक्षा केंद्र पर जमा करने में उन्हें थोड़ा विलंब हो गया था। उन्होंने फिर कहा कि जिन छात्रों को परीक्षा देने से वंचित किया गया है उनके रजिस्ट्रेशन कालेज द्वारा कराए गए हैं।
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