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60 फीसदी लोग नहीं ले सके दूसरी डोज
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इटावा। कोविड टीकाकरण मामले में जिले ने भले ही मंडल में पहला स्थान प्राप्त कर लिया हो, लेकिन अभी भी करीब 16 फीसदी लोगों को कोरोना टीके की पहली डोज नहीं लगी है।
दूसरी डोज तो 40 फीसदी से कम लोगों को ही लगी है। इसे शासन ने गंभीरता से लिया है। कुल मिलाकर अभी तक कोरोना की पहली डोज करीब 84 फीसदी को लग चुकी है।
चार दिन पहले प्रदेश के प्रमुख सचिव ने कोरोना टीकाकरण को लेकर सभी जिलों के सीएमओ की बैठक ली थी। इसमें प्रमुख सचिव ने सौ फीसदी लोगों को कोरोना का टीका लगाए जाने की मियाद 31 दिसंबर तय कर दी है।
अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिले के सभी लोगों को टीकाकरण कैसे कराया जाए, इसके प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने एएनएम व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को टीका न लगवाने वालों का पता लगाने को कहा है।
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जिस गांव या मोहल्ले में 10-15 लोग भी टीकाकरण से वंचित होंगे, वहां स्पेशल शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा। इतना ही नहीं पोलियो अभियान की तरह घर-घर जाकर लोगों को कोरोना का टीका लगवाने का निर्णय भी लिया गया है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने के बाद तीसरी लहर की आशंका बढ़ती जा रही है। शासन ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया है। कोविड गाइडलाइन का पालन भी सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर जिला अस्पताल से सीएचसी स्तर तक सभी तैयारियां कर ली गई हैं, लेकिन अभी तक जिले में सौ फीसदी लोगों को कोरोना का टीका नहीं लगा सका।
इसकी वजह से लोगों में टीका लगवाने को लेकर फैली भ्रांतियां व दिलचस्पी न लेना माना जा रहा है। अब शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग जिले के सभी लोगों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य हासिल करने में जुट गया है।
जिले में इस तरह हुआ टीकाकरण
कुल टीकाकरण-13,89,369
पहली डोज-9,80,709
दूसरी डोज-40,8660
हेल्थ केयर वर्कर पहली डोज-11535
हेल्थ केयर वर्कर दूसरी डोज-11527
18 से 44 उम्र की पहली डोज-5,91,798
18 से 44 उम्र की दूसरी डोज-2,18,593
45 से 59 उम्र की पहली डोज-2,12,512
45 से 59 उम्र की दूसरी डोज-1,14,735
60 से ज्यादा उम्र की पहली डोज-1,31,036
60 से ज्यादा उम्र की दूसरी डोज-75,736
शिविरों के जरिए लगा रहे टीका
जिले के सभी लोगों को टीकाकरण कराने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग ब्लॉक स्तर पर वैक्सीनेशन कैंप आयोजित कर रहा है। जहां भी कैंप लगाया जाता है, वहां एक-दो दिन पहले मुनादी कराई जाती है, ताकि लोगों को कैंप के बारे में जानकारी हो सके और वे कैंप में जाकर कोरोना का टीका लगवा सकें।
बावजूद इसके ग्रामीण कैंप की तरफ से रुख नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल शहरी क्षेत्र के लोगों का है। वे भी जिला अस्पताल या अन्य तय स्थानों पर जाकर कोरोना का टीका नहीं लगवा रहे हैं।
मंडल में इटावा ने मारी बाजी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इटावा जिला वैक्सीनेशन में कानपुर मंडल में अव्वल रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव की मानें तो जिले में करीब 84 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी, जबकि मात्र 39.90 फीसदी लोगों को ही दूसरी डोज के टीके लगे हैं।
इन आंकड़ों के हिसाब से इटावा वैक्सीनेशन में प्रदेश में 10वें पायदान पर है, जबकि कानपुर मंडल में अव्वल है। रैंकिंग में कन्नौज दूसरे, कानपुर देहात तीसरे, कानपुर नगर चौथे, फर्रुखाबाद पांचवें और औरैया छठवें स्थान में है।
कानपुर मंडल में इटावा ने वैक्सीनेशन में बाजी मारी है। अभी 16 फीसदी लोगों को टीकाकारण की पहली और 60 फीसदी लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है।
शासन ने 31 दिसंबर तक सौ फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन कराए जाने के निर्देश दिए हैं। वैक्सीनेशन न कराने वालों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व एएनएम की मदद ली जा रही है।
ब्लॉक और फिर गांव स्तर पर कैंप लगाकर वंचित लोगों का वैक्सीनेशन कराया जाएगा। आखिरी में पल्स पोलियो अभियान की तरह टीमों को घर-घर भेजकर लोगों को कोरोना का टीका लगवाया जाएगा।
- डॉ. भगवान दास, सीएमओ इटावा।
बहादुरपुर पीएचसी में तीन महीने से डाक्टर ही नहीं
लवेदी। कोरोना के नए वेरियेंट ओमिक्रॉन के आने की आहट के चलते स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में बेड भी तैयार करने में जुटा हुआ है, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर घार में तीन महीने से चिकित्सक ही नहीं है।
ग्रामीणों को फार्मासिट से दवा लेनी पड़ रही है। पीएचसी में यमुना के किनारे बसे गांवों के लोगों को उपचार मिल जाता है। सीएमओ ने यहां तैनात चिकित्सक का स्थानांतरण ताखा कर दिया।
इसके बाद नए चिकित्सक की तैनाती यहां नहीं की गई। ग्रामीणों ने विधायक और सांसद से चिकित्सक की तैनाती की मांग की है। यहां कोई जनप्रतिनिधि अस्पताल का निरीक्षण करने तक नहीं आ रहा है।
सीएमओ डॉ. भगवानदास ने बताया कि शीघ्र ही चिकित्सक की तैनाती कर दी जाएगी।
जिले को मिली 29 स्वास्थ्य उपकेंद्रों की सौगात
इटावा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में रविवार को जिले को एक नई सौगात मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया।
सीएम ने इटावा समेत प्रदेश के सभी 5,000 नव निर्मित स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ किया। सीएमओ कार्यालय पर सदर विधायक सरिता भदौरिया, सीएमओ डॉ. भगवान दास ने शिलालेख का अनावरण कर सभी नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का शुभारंभ किया।
सदर विधायक ने कहा कि नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खुलने से अब ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी। ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए अब शहर की ओर नहीं भागना होगा।
सीएमओ ने बताया कि इन नए उपकेंद्रों के भवनों का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है। इस वजह से अभी इनका संचालन किराये के भवनों में किया जा रहा है। भवन निर्माण का काम पूरा होने पर इन्हें नए भवन में संचालित किया जाएगा।
एसीएमओ डॉ. बीएल संजय ने कहा कि हर स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन के लिए उपकेंद्रों पर एक-एक एएनएम की तैनाती की गई है। डीसीपीएम प्रभात बाजपेई ने बताया कि जिले में पहले से ही 162 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
अब 29 और उपस्वास्थ्य केंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।
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दूसरी डोज तो 40 फीसदी से कम लोगों को ही लगी है। इसे शासन ने गंभीरता से लिया है। कुल मिलाकर अभी तक कोरोना की पहली डोज करीब 84 फीसदी को लग चुकी है।
चार दिन पहले प्रदेश के प्रमुख सचिव ने कोरोना टीकाकरण को लेकर सभी जिलों के सीएमओ की बैठक ली थी। इसमें प्रमुख सचिव ने सौ फीसदी लोगों को कोरोना का टीका लगाए जाने की मियाद 31 दिसंबर तय कर दी है।
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अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिले के सभी लोगों को टीकाकरण कैसे कराया जाए, इसके प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने एएनएम व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को टीका न लगवाने वालों का पता लगाने को कहा है।
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जिस गांव या मोहल्ले में 10-15 लोग भी टीकाकरण से वंचित होंगे, वहां स्पेशल शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा। इतना ही नहीं पोलियो अभियान की तरह घर-घर जाकर लोगों को कोरोना का टीका लगवाने का निर्णय भी लिया गया है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने के बाद तीसरी लहर की आशंका बढ़ती जा रही है। शासन ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया है। कोविड गाइडलाइन का पालन भी सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर जिला अस्पताल से सीएचसी स्तर तक सभी तैयारियां कर ली गई हैं, लेकिन अभी तक जिले में सौ फीसदी लोगों को कोरोना का टीका नहीं लगा सका।
इसकी वजह से लोगों में टीका लगवाने को लेकर फैली भ्रांतियां व दिलचस्पी न लेना माना जा रहा है। अब शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग जिले के सभी लोगों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य हासिल करने में जुट गया है।
जिले में इस तरह हुआ टीकाकरण
कुल टीकाकरण-13,89,369
पहली डोज-9,80,709
दूसरी डोज-40,8660
हेल्थ केयर वर्कर पहली डोज-11535
हेल्थ केयर वर्कर दूसरी डोज-11527
18 से 44 उम्र की पहली डोज-5,91,798
18 से 44 उम्र की दूसरी डोज-2,18,593
45 से 59 उम्र की पहली डोज-2,12,512
45 से 59 उम्र की दूसरी डोज-1,14,735
60 से ज्यादा उम्र की पहली डोज-1,31,036
60 से ज्यादा उम्र की दूसरी डोज-75,736
शिविरों के जरिए लगा रहे टीका
जिले के सभी लोगों को टीकाकरण कराने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग ब्लॉक स्तर पर वैक्सीनेशन कैंप आयोजित कर रहा है। जहां भी कैंप लगाया जाता है, वहां एक-दो दिन पहले मुनादी कराई जाती है, ताकि लोगों को कैंप के बारे में जानकारी हो सके और वे कैंप में जाकर कोरोना का टीका लगवा सकें।
बावजूद इसके ग्रामीण कैंप की तरफ से रुख नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल शहरी क्षेत्र के लोगों का है। वे भी जिला अस्पताल या अन्य तय स्थानों पर जाकर कोरोना का टीका नहीं लगवा रहे हैं।
मंडल में इटावा ने मारी बाजी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इटावा जिला वैक्सीनेशन में कानपुर मंडल में अव्वल रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव की मानें तो जिले में करीब 84 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी, जबकि मात्र 39.90 फीसदी लोगों को ही दूसरी डोज के टीके लगे हैं।
इन आंकड़ों के हिसाब से इटावा वैक्सीनेशन में प्रदेश में 10वें पायदान पर है, जबकि कानपुर मंडल में अव्वल है। रैंकिंग में कन्नौज दूसरे, कानपुर देहात तीसरे, कानपुर नगर चौथे, फर्रुखाबाद पांचवें और औरैया छठवें स्थान में है।
कानपुर मंडल में इटावा ने वैक्सीनेशन में बाजी मारी है। अभी 16 फीसदी लोगों को टीकाकारण की पहली और 60 फीसदी लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है।
शासन ने 31 दिसंबर तक सौ फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन कराए जाने के निर्देश दिए हैं। वैक्सीनेशन न कराने वालों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व एएनएम की मदद ली जा रही है।
ब्लॉक और फिर गांव स्तर पर कैंप लगाकर वंचित लोगों का वैक्सीनेशन कराया जाएगा। आखिरी में पल्स पोलियो अभियान की तरह टीमों को घर-घर भेजकर लोगों को कोरोना का टीका लगवाया जाएगा।
- डॉ. भगवान दास, सीएमओ इटावा।
बहादुरपुर पीएचसी में तीन महीने से डाक्टर ही नहीं
लवेदी। कोरोना के नए वेरियेंट ओमिक्रॉन के आने की आहट के चलते स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में बेड भी तैयार करने में जुटा हुआ है, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर घार में तीन महीने से चिकित्सक ही नहीं है।
ग्रामीणों को फार्मासिट से दवा लेनी पड़ रही है। पीएचसी में यमुना के किनारे बसे गांवों के लोगों को उपचार मिल जाता है। सीएमओ ने यहां तैनात चिकित्सक का स्थानांतरण ताखा कर दिया।
इसके बाद नए चिकित्सक की तैनाती यहां नहीं की गई। ग्रामीणों ने विधायक और सांसद से चिकित्सक की तैनाती की मांग की है। यहां कोई जनप्रतिनिधि अस्पताल का निरीक्षण करने तक नहीं आ रहा है।
सीएमओ डॉ. भगवानदास ने बताया कि शीघ्र ही चिकित्सक की तैनाती कर दी जाएगी।
जिले को मिली 29 स्वास्थ्य उपकेंद्रों की सौगात
इटावा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में रविवार को जिले को एक नई सौगात मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया।
सीएम ने इटावा समेत प्रदेश के सभी 5,000 नव निर्मित स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ किया। सीएमओ कार्यालय पर सदर विधायक सरिता भदौरिया, सीएमओ डॉ. भगवान दास ने शिलालेख का अनावरण कर सभी नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का शुभारंभ किया।
सदर विधायक ने कहा कि नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खुलने से अब ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी। ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए अब शहर की ओर नहीं भागना होगा।
सीएमओ ने बताया कि इन नए उपकेंद्रों के भवनों का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है। इस वजह से अभी इनका संचालन किराये के भवनों में किया जा रहा है। भवन निर्माण का काम पूरा होने पर इन्हें नए भवन में संचालित किया जाएगा।
एसीएमओ डॉ. बीएल संजय ने कहा कि हर स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन के लिए उपकेंद्रों पर एक-एक एएनएम की तैनाती की गई है। डीसीपीएम प्रभात बाजपेई ने बताया कि जिले में पहले से ही 162 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
अब 29 और उपस्वास्थ्य केंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।