फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   6 kg lump removed after uterus operation

Etawah News: बच्चेदानी का ऑपरेशन कर निकाली छह किलो की गांठ

Fri, 16 Jun 2023 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Fri, 16 Jun 2023 12:10 AM IST
विज्ञापन
6 kg lump removed after uterus operation
(फोटो संख्या 04) ऑपरेशन के बाद निकली गांठ दिखाते डॉक्टर। संवाद
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। आमतौर पर बच्चेदानी की गांठ का ऑपरेशन सामान्य होता है, लेकिन जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम नें 32 वर्षीय महिला की बच्चेदानी की गांठ का सफल ऑपरेशन किया। गत 12 जून को सर्जन डॉ. अनूप शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी शर्मा व डॉ. मंगल सिंह की टीम ने उदी मोड़ निवासी सरिता (काल्पनिक नाम) का करीब एक घंटे चले ऑपरेशन में छह किलो गांठ निकाली।
महिला ने बताया वह करीब छह महीने से यूट्रस से खून स्त्राव से परेशान थी। पेट में काफी दर्द होता था। बार-बार मासिक धर्म होना और अत्यधिक खून स्त्राव होने पर कई जगह पर दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी से मिले जांच कराने पर पता चला कि बच्चेदानी में गांठ है, वह भी बड़े आकार की, जिस का ऑपरेशन करवाना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल स्त्री रोग विशेषज्ञ राखी शर्मा ने बताया कि सरिता (काल्पनिक नाम) जब उनके पास आई तब उनका हीमोग्लोबिन का स्तर बहुत ही कम था। इस वजह से अधिक रक्त स्त्राव हो चुका था। डॉ. राखी बताती है कि अधिकतर महिलाएं लोक लाज के कारण इस बीमारी को अनदेखा कर देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गर्भाशय की गांठ का सही इलाज समय पर नहीं हो पाता और आगे जाकर यह बड़ी समस्या बड़ी बन जाती है। कभी-कभी यह गर्भाशय कैंसर का रूप भी ले लेती है। ऐसी स्थिति में महिलाएं इस तरह के लक्षण नजर आने पर तो तत्काल चिकित्सीय सलाह लें।
गर्भाशय में गांठ के लक्षण
माहवारी का असमय होना या ज्यादा रक्तस्राव, जिसमें थक्के भी आते हैं। नाभि के नीचे पेट में दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द। बार-बार पेशाब आना। मासिक धर्म के समय दर्द की लहर चलना। मासिक धर्म का सामान्य से अधिक दिनों तक चलना। नाभि के नीचे पेट में दबाव या भारीपन महसूस होना। प्राइवेट पार्ट से हमेशा खून आना। कमजोरी महसूस होना।एनीमिया


डॉ. राखी ने बताया कि गर्भाशय की गांठ का प्रमुख कारण हार्मोन व मासिक धर्म का अनियमित होना है। इस समस्या से बचाव के लिए अल्ट्रासाउंड करवाएं जिससे उचित इलाज समय से हो सके। डॉ.अनूप ने बताया कि तीन महीने में जिला अस्पताल में 159 मेजर सर्जरी और 190 माइनर सर्जरी की जा चुकी है। लेकिन, यह ऑपरेशन इन सबसे से अलग था। इस वजह से गांठ का बहुत बड़ा आकार होने की वजह से संयुक्त टीम ने ऑपरेशन किया गया। महिला की हालत स्थिर है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed