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चिंताजनक: हर साल 1.40 मीटर तक नीचे खिसक रहा भूजलस्तर
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शहर के मोहल्ला हाजीपुरा में बिना टोंटी के नल से बहता पानी ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। भूगर्भ जल की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। हर साल औसतन 1.40 मीटर भूजल स्तर नीचे गिर रहा है। निधौली कलां डार्क जोन से हटा तो अलीगंज ब्लॉक इसकी गिरफ्त में आ गया है। इसके बावजूद पानी की बर्बादी पर रोक नहीं लग पा रही है। बरसात का पानी नालियों से होते हुए नदियों में बह जाता है। वहीं घर-घर पानी की टंकियां भरने के बाद काफी पानी बहकर बर्बाद हो जाता है।
शहर में रेन वाटर हार्वेस्ट सिस्टम की कमी होने की वजह से बरसाती पानी का जल संचयन नहीं हो पा रहा है। जिसका नतीजा भूजल स्तर में कमी के रूप में सामने आ रहा है। पिछले साल अपेक्षा एक मीटर जलस्तर नीचे खिसक गया है। जिसकी वजह से जल संकट गहराने लगा है। पिछले साल जिले के जलेसर और निधौली कलां ब्लॉक डार्क जोन में शामिल थे। इस साल अलीगंज ब्लॉक भी डार्क जोन में शामिल हो गया है।
नहीं बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
सभी सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना करने का प्रावधान पिछले साल किया गया था, लेकिन अधिकांश अधिकारियों की ओर से कवायद नहीं की गई जिसकी वजह से सरकारी कार्यालयों में सिस्टम तैयार नहीं हो सके।
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जल स्तर गिरने से सूखे सैकड़ों हैंडपंप
जलस्तर गिरने की वजह से सैकड़ों हैंडपंप सूख गए। जिला पंचायत राज विभाग के अधीन ग्रामीण क्षेत्रों में 38 हजार हैंडपंप हैं। एक साल के दरम्यान में भूजल स्तर में आई कमी से करीब एक हजार हैंडपंपों का पानी उतर गया। वहीं एटा शहर में लगे 1523 हैंडपंपों में से 150 खराब पड़े हैं।
ये हैं भूजलस्तर गिरने के कारण
- पानी का अनावश्यक अधिक मात्रा में प्रयोग
- वाहनों को धोने में पानी की बर्बादी
- घर, सड़क आदि की धुलाई में पानी की बर्बादी
- नगर पालिका, नगर पंचायतों की जलापूर्ति में लीकेज से बर्बादी
- भूजल दोहन को लेकर कोई नियंत्रण नहीं
- बरसात के पानी के संचयन के लिए व्यवस्थाएं नहीं
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शहर में रेन वाटर हार्वेस्ट सिस्टम की कमी होने की वजह से बरसाती पानी का जल संचयन नहीं हो पा रहा है। जिसका नतीजा भूजल स्तर में कमी के रूप में सामने आ रहा है। पिछले साल अपेक्षा एक मीटर जलस्तर नीचे खिसक गया है। जिसकी वजह से जल संकट गहराने लगा है। पिछले साल जिले के जलेसर और निधौली कलां ब्लॉक डार्क जोन में शामिल थे। इस साल अलीगंज ब्लॉक भी डार्क जोन में शामिल हो गया है।
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नहीं बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
सभी सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना करने का प्रावधान पिछले साल किया गया था, लेकिन अधिकांश अधिकारियों की ओर से कवायद नहीं की गई जिसकी वजह से सरकारी कार्यालयों में सिस्टम तैयार नहीं हो सके।
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जल स्तर गिरने से सूखे सैकड़ों हैंडपंप
जलस्तर गिरने की वजह से सैकड़ों हैंडपंप सूख गए। जिला पंचायत राज विभाग के अधीन ग्रामीण क्षेत्रों में 38 हजार हैंडपंप हैं। एक साल के दरम्यान में भूजल स्तर में आई कमी से करीब एक हजार हैंडपंपों का पानी उतर गया। वहीं एटा शहर में लगे 1523 हैंडपंपों में से 150 खराब पड़े हैं।
ये हैं भूजलस्तर गिरने के कारण
- पानी का अनावश्यक अधिक मात्रा में प्रयोग
- वाहनों को धोने में पानी की बर्बादी
- घर, सड़क आदि की धुलाई में पानी की बर्बादी
- नगर पालिका, नगर पंचायतों की जलापूर्ति में लीकेज से बर्बादी
- भूजल दोहन को लेकर कोई नियंत्रण नहीं
- बरसात के पानी के संचयन के लिए व्यवस्थाएं नहीं